India Bangladesh diplomatic tension : सड़कों पर फूटा हिंदुओं का गुस्सा, लाशों पर कब तक खामोश रहेगा विश्व?

Published On: December 23, 2025
Follow Us
India Bangladesh diplomatic tension : सड़कों पर फूटा हिंदुओं का गुस्सा, लाशों पर कब तक खामोश रहेगा विश्व?

Join WhatsApp

Join Now

India Bangladesh diplomatic tension : मंगलवार को देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों ने एक ऐसा दृश्य देखा जिसने न केवल सरकार बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान भी अपनी ओर खींच लिया। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों और हाल ही में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या के विरोध में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर जोरदार हल्ला बोला। यह प्रदर्शन केवल एक नारेबाजी भर नहीं था, बल्कि उन करोड़ों हिंदुओं की सिसकती आवाज थी जो सीमा पार अपने भाइयों और बहनों की सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं।

Cloud seeding : क्या दिल्ली का ज़हरीला स्मॉग खत्म हो जाएगा? आ गई आसमान से ‘बारिश’ कराने वाली जादुई तकनीक

क्या है पूरा मामला? क्यों सुलग रही है नफरत की आग?

बांग्लादेश में पिछले कुछ महीनों से हालात बेकाबू हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वहां हिंदुओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। दीपू चंद्र दास की हत्या ने इस आग में घी का काम किया है। प्रदर्शनकारियों ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि जनवरी 2025 से अब तक बांग्लादेश में 50 से ज्यादा गैर-मुस्लिमों की हत्या की जा चुकी है। इतना ही नहीं, वहां झूठे ‘ईशनिंदा’ (Blasphemy) के मामले दर्ज कर हिंदुओं को जेलों में ठूंसा जा रहा है।

Delhi NCR real estate: दिल्ली-एनसीआर में प्रॉपर्टी की कीमतों में लगी आग, देर की तो होगा लाखों का नुकसान

दिल्ली में ‘ग्राउंड जीरो’ का हाल: बैरिकेड्स टूटे, पुलिस से धक्का-मुक्की

दिल्ली का दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन मंगलवार सुबह छावनी में तब्दील हो गया। भारी संख्या में VHP कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लिए ‘भारत माता की जय’ और ‘यूनुस सरकार होश में आओ’ के नारे लगाते हुए बांग्लादेश उच्चायोग की ओर बढ़े।

READ ALSO  UPPCL:यूपी में दिन-रात का अलग-अलग बिजली टैरिफ: 2027-28 तक नहीं होगा लागू

सुरक्षा के लिए लगाई गई पुलिस की भारी बैरिकेडिंग को प्रदर्शनकारियों ने ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। माहौल इतना तनावपूर्ण था कि उच्चायोग के आसपास की सुरक्षा को चार गुना बढ़ा दिया गया।

इमोशनल कर देने वाला वो एक मंजर

प्रदर्शन के बीच एक कार्यकर्ता के आंसू सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। उसने रोते हुए मीडिया से कहा, “हिंदुओं को मारा जा रहा है और दुनिया चुप है! यह देश भगवान राम और कृष्ण का है। हमारी बहनों और बेटियों की गरिमा खतरे में है, हम अब और चुप नहीं बैठ सकते।” यह दर्द केवल उस एक कार्यकर्ता का नहीं, बल्कि वहां मौजूद हर उस व्यक्ति का था जो बांग्लादेश में फंसे भारतीय मेडिकल छात्रों और हिंदू परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है।

कूटनीतिक दरार: हाई कमिश्नर तलब, वीजा सेवाएं बंद

यह आक्रोश केवल सड़कों तक सीमित नहीं है, इसके छींटे अब भारत-बांग्लादेश के कूटनीतिक संबंधों पर भी पड़ रहे हैं।

  1. प्रणय वर्मा तलब: बांग्लादेश ने भारत के हाई कमिश्नर प्रणय वर्मा को तलब किया। बांग्लादेश का दावा है कि भारत में उनके मिशन सुरक्षित नहीं हैं।

  2. वीजा सेवाएं ठप: इस तनाव के चलते बांग्लादेश ने भारत में अपनी वाणिज्य दूतावास और वीजा सेवाओं को ‘अस्थायी’ रूप से रोक दिया है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं।

  3. भारत की पैनी नजर: भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि वह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और भारतीय नागरिकों के हितों को लेकर किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगी।

READ ALSO  Kunal Kamra Row:व्यंग्य समझते हैं, पर इसकी सीमा होनी चाहिए': कुणाल कामरा पर एकनाथ शिंदे का सख्त बयान

क्या यह एक बड़े बदलाव की आहट है?

विश्व हिंदू परिषद की मांग साफ है—बांग्लादेश सरकार को अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी और दोषियों को कड़ी सजा देनी होगी। जिस तरह से दिल्ली में यह प्रदर्शन हुआ है, उसने यह साफ कर दिया है कि भारत के नागरिक अब सीमा पार हो रहे मानवाधिकारों के हनन पर मूकदर्शक नहीं बने रहेंगे।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now