Gujarat Earthquake : जरात में तबाही की दस्तक? 12 घंटे में 7 बार डोली धरती, राजकोट के स्कूलों में मची भगदड़

Published On: January 9, 2026
Follow Us
Gujarat Earthquake : जरात में तबाही की दस्तक? 12 घंटे में 7 बार डोली धरती, राजकोट के स्कूलों में मची भगदड़

Join WhatsApp

Join Now

Gujarat Earthquake : गुजरात के राजकोट जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी और डराने वाली खबर सामने आ रही है। शुक्रवार, 9 जनवरी की सुबह जब लोग चैन की नींद सो रहे थे, तभी कुदरत के एक झटके ने सबको दहशत में डाल दिया। जेतपुर, धोराजी और उपलेटा के इलाकों में एक के बाद एक कई भूकंप के झटके (Earthquake Tremors) महसूस किए गए। आलम यह था कि लोग अपने घरों को छोड़कर सड़कों पर भागने को मजबूर हो गए।

Gujarat: गुजरात का वो ‘भूतिया’ बीच, जहां रात में गूंजती हैं आत्माओं की चीखें

12 घंटे में 7 झटके: आखिर जमीन के नीचे क्या चल रहा है?

इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR) के आंकड़े रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महज 12 घंटों के भीतर इस पूरे क्षेत्र में कुल 7 भूकंपीय झटके दर्ज किए गए हैं। इसकी शुरुआत गुरुवार रात 8:43 बजे हुई थी, जब 3.3 तीव्रता का पहला झटका लगा। लेकिन असली दहशत शुक्रवार सुबह शुरू हुई।

सुबह 06:19 बजे जब सबसे तेज झटका लगा, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.8 मापी गई। इसके बाद तो जैसे झटकों की झड़ी लग गई:

  • 06:56 AM: 2.9 तीव्रता

  • 06:58 AM: 3.2 तीव्रता

  • 07:10 AM: 2.9 तीव्रता

  • 07:13 AM: 2.9 तीव्रता

  • 07:33 AM: 2.7 तीव्रता

  • 08:34 AM: फिर से हल्का झटका

इन सभी भूकंपों का केंद्र उपलेटा से मात्र 27-30 किलोमीटर की दूरी पर था। जमीन के अंदर मात्र 6 से 13 किलोमीटर की गहराई पर हो रही इस हलचल ने वैज्ञानिकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।

Ahmedabad plane crash में गुजरात के पूर्व CM विजय रूपाणी का निधन! BJP ने की पुष्टि, बताया ‘बड़ी क्षति’

READ ALSO  KKR vs RCB: पहले मैच में RCB ने दर्ज की जीत •

धोराजी में स्कूल बंद, सड़कों पर गुजरी सुबह

लगातार आ रहे झटकों की वजह से प्रशासन और अभिभावकों में भारी चिंता देखी गई। राजकोट के धोराजी शहर में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई निजी स्कूलों ने तुरंत छुट्टी की घोषणा कर दी। जो बच्चे सुबह-सुबह स्कूल पहुँच चुके थे, उन्हें सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत घर वापस भेज दिया गया। गनीमत यह रही कि अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लोगों के मन में बैठा ‘भूकंप का डर’ साफ़ देखा जा सकता है।

क्यों बार-बार कांपता है गुजरात? (Scientific Reason)

गुजरात का भूगोल इसे भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील (Sensitive Zone) बनाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

  1. फॉल्ट लाइन्स का जाल: गुजरात कच्छ फॉल्ट, कट्रोल हिल्स फॉल्ट और नलिया फॉल्ट जैसी खतरनाक दरारों पर बसा है। इन फॉल्ट्स के बीच जब भी तनाव बढ़ता है, धरती कांपने लगती है।

  2. टेक्टॉनिक प्लेटों का दबाव: भारतीय प्लेट लगातार उत्तर की ओर खिसक रही है और यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है। इस भारी दबाव का सीधा असर गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र पर पड़ता है।

  3. रिफ्ट जोन: कच्छ का रण एक पुराना ‘रिफ्ट जोन’ है। यहाँ की जमीन संरचनात्मक रूप से कमजोर है, जिससे छोटे और मध्यम तीव्रता के भूकंप यहाँ अक्सर आते रहते हैं।

क्या बड़े खतरे का है संकेत?

लगातार 7 झटके आना किसी बड़ी भूगर्भीय हलचल की तरफ इशारा हो सकता है। फिलहाल प्रशासन और ISR की टीमें स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें और पुराने या कमजोर निर्माण वाले मकानों से सावधान रहें।

READ ALSO  Nagpur Violence:सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर साइबर सेल की सख्त कार्रवाई

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now