Lenskart smartglass: बस 40 ग्राम का चश्मा, पर काम करेगा 100 स्मार्टफ़ोन जैसा! Lenskart का सीक्रेट हथियार

Lenskart smartglass: टेक्नोलॉजी की दुनिया एक नए इंकलाब की दहलीज पर खड़ी है, और इस बार इसकी मशाल एक भारतीय कंपनी के हाथ में है। चश्मों की दुनिया के बेताज बादशाह लेंसकार्ट (Lenskart), अब अपने क्रांतिकारी AI कैमरा स्मार्टग्लास के साथ स्मार्ट वियरेबल मार्केट में एक ऐसा धमाका करने की तैयारी कर रहा है, जिसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई देगी। कंपनी के इस futuritic स्मार्टग्लास का नाम ‘B’ रखा गया है और इसे इसी साल दिसंबर में लॉन्च करने की तैयारी है, जो टेक्नोलॉजी के शौकीनों के लिए साल का सबसे बड़ा तोहफा हो सकता है।

लेंसकार्ट का दावा है कि यह डिवाइस सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि आराम (Comfort) और भविष्य की टेक्नोलॉजी (Cutting-edge Technology) का एक अद्भुत संगम होगा। लेकिन सबसे बड़ी और गेम-चेंजिंग घोषणा यह है कि लेंसकार्ट अपनी AI और कैमरा टेक्नोलॉजी को डेवलपर्स और दूसरी ऐप्स के लिए भी खोलेगा। इसका सीधा मतलब है कि Swiggy-Zomato से फूड ऑर्डर करने से लेकर, अपनी फिटनेस ट्रैक करने और मनोरंजन का अनुभव लेने तक, सब कुछ इस एक चश्मे से संभव हो पाएगा। यह इसे सिर्फ एक लाइफस्टाइल गैजेट नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली मल्टीपर्पज वियरेबल डिवाइस बना देगा।

दिल थाम लीजिए, ये हैं भविष्य के चश्मे के फीचर्स!

लेंसकार्ट का ‘B’ स्मार्टग्लास फीचर्स के मामले में किसी साइंस-फिक्शन फिल्म के गैजेट जैसा लगता है:

  • दिमाग और स्पीड: इस स्मार्टग्लास को पावर देने के लिए क्वालकॉम के लेटेस्ट स्नैपड्रैगन AR1 Gen 1 चिपसेट का इस्तेमाल किया जाएगा, जो इसे तेज और स्मूथ परफॉर्मेंस देगा।

  • आंखों में कैमरा: इसमें सोनी (Sony) का हाई-क्वालिटी कैमरा लगाया गया है, जिससे आप बिना फोन निकाले, सिर्फ एक कमांड पर हैंड्स-फ्री तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर सकेंगे। यह व्लॉगर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक सपने के सच होने जैसा है।

  • AI असिस्टेंट जो दोस्त जैसा है: इसमें एक बिल्ट-इन AI असिस्टेंट मिलेगा जो गूगल जेमिनी (Google Gemini) पर चलेगा। यह सिर्फ सवालों के जवाब नहीं देगा, बल्कि इंसानों की तरह आपसे बातचीत भी कर सकेगा। इससे आप बिना फोन छुए UPI पेमेंट कर पाएंगे और किसी भी भाषा का लाइव ट्रांसलेशन भी रियल-टाइम में सुन सकेंगे।

पहनने में मक्खन जैसा हल्का, टेक्नोलॉजी में सबसे भारी

लेंसकार्ट ने इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया है कि टेक्नोलॉजी बोझिल नहीं होनी चाहिए। इसी फिलॉसफी के साथ ‘B’ स्मार्टग्लास को डिजाइन किया गया है। इसका वजन सिर्फ 40 ग्राम होगा, जो इसे बाजार में मौजूद कई दूसरे स्मार्टग्लासेस की तुलना में 20% तक हल्का बनाता है। आप इसे दिनभर आसानी से पहन सकते हैं और भूल जाएंगे कि आपने कोई गैजेट पहना है।

कंपनी का लक्ष्य सिर्फ एक प्रोडक्ट बेचना नहीं, बल्कि भारत का पहला फुल-स्टैक वियरेबल इकोसिस्टम तैयार करना है। इसके लिए कंपनी ने कई फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स में बड़ा निवेश भी किया है।

सीधी टक्कर: क्या Meta को पछाड़ पाएगा Lenskart?

लेंसकार्ट के इस कदम से ग्लोबल टेक जायंट मेटा (Meta) के रे-बैन (Ray-Ban) स्मार्टग्लासेस को सीधी और कड़ी टक्कर मिलेगी। दिलचस्प बात यह है कि Ray-Ban Meta Gen 1 स्मार्टग्लासेस भारत में 21 नवंबर को ही लॉन्च हो रहे हैं, जिन्हें फ्लिपकार्ट, अमेजन और रिलायंस डिजिटल जैसे प्लेटफॉर्म्स पर बेचा जाएगा।

मेटा के ग्लासेस में भी मेटा AI दिया गया है, जिससे यूजर्स सवाल पूछ सकते हैं और फीचर्स कंट्रोल कर सकते हैं। जल्द ही इसमें भी UPI Lite पेमेंट सपोर्ट जोड़ा जाएगा, जिससे वॉइस कमांड पर 1000 रुपये तक की पेमेंट हो सकेगी। लेकिन, लेंसकार्ट अपने ओपन डेवलपर प्लेटफॉर्म और गूगल जेमिनी जैसे शक्तिशाली AI के साथ इस मुकाबले को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह देखना रोमांचक होगा कि भारत का यह देसी इनोवेशन, ग्लोबल मार्केट में कैसे अपनी बादशाहत कायम करता है।

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