जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य चेतावनी: मांस की बिक्री पर भारी अलर्ट
जम्मू-कश्मीर के पशुपालन विभाग (Animal Husbandry Department) ने श्रीनगर और पुलवामा जिलों में मांस की बिक्री को लेकर एक गंभीर स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। यह कदम तब उठाया गया जब रिपोर्ट मिली कि पुलवामा जिले के संगम (Sangam) क्षेत्र में पागल कुत्ते के काटने से संक्रमित जानवरों का मांस श्रीनगर के बाजारों में भेजा गया है।
पुलवामा से श्रीनगर तक फैला खतरा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलवामा के संगम इलाके में एक पागल कुत्ते ने गायों और भेड़ों सहित कई पालतू जानवरों को काट लिया था। नियमानुसार, ऐसे जानवरों को तुरंत अलग थलग किया जाना चाहिए और उनका उपचार होना चाहिए। हालांकि, यह पाया गया कि कुछ मालिकों ने इन संक्रमित जानवरों को श्रीनगर के व्यापारियों को बेच दिया, जिन्होंने संभवतः इसे मांस के रूप में बाजार में उतारने की कोशिश की है।
स्वास्थ्य विभाग की सख्त कार्रवाई और निर्देश
विभाग ने श्रीनगर के मुख्य पशुपालन अधिकारी (CAHO) को तत्काल प्रभाव से सतर्क रहने और मांस की दुकानों की निगरानी करने का निर्देश दिया है।
- निगरानी में वृद्धि: पुलवामा और श्रीनगर के बीच मांस की आपूर्ति श्रृंखला पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
- छापेमारी और निरीक्षण: स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बिना जांच वाले मांस की बिक्री पर रोक लगाएं।
- जनता को संदेश: लोगों को सलाह दी गई है कि वे केवल प्रमाणित विक्रेताओं से ही मांस खरीदें और किसी भी संदिग्ध मांस की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
रेबीज का खतरा और बचाव के तरीके
रेबीज एक जानलेवा वायरल बीमारी है जो संक्रमित जानवरों की लार से फैलती है। यदि कोई व्यक्ति संक्रमित जानवर का मांस खाता है या उसके दूध का सेवन करता है, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमित मांस को पकाने के बाद भी पूरी तरह सुरक्षित मान लेना जोखिम भरा हो सकता है।
क्या करें और क्या न करें?
प्रशासन की इस चेतावनी का सीधा असर श्रीनगर और आसपास के इलाकों के मांस उपभोक्ताओं पर पड़ा है।
- स्रोत की जांच करें: मांस खरीदते समय उसके स्रोत की पुष्टि अवश्य करें।
- दुकान की विश्वसनीयता: केवल अधिकृत कसाईखानों और विश्वसनीय दुकानों से ही खरीदारी करें।
- संदिग्ध लक्षण: यदि किसी जानवर में असामान्य व्यवहार या चोट के निशान दिखें, तो उसका मांस न खरीदें।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन इस समय हाई अलर्ट पर है ताकि रेबीज जैसे जानलेवा संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। पशुपालन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से सहयोग और सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
(FAQ)
प्र. क्या रेबीज संक्रमित मांस खाना सुरक्षित है?
उ. नहीं, रेबीज संक्रमित पशु का मांस या उत्पाद किसी भी स्थिति में सुरक्षित नहीं हैं। यह एक घातक बीमारी हो सकती है।
प्र. प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
उ. श्रीनगर और पुलवामा में मांस की दुकानों की कड़ी निगरानी और औचक निरीक्षण के आदेश दिए गए हैं।
प्र. यह मामला कहां से शुरू हुआ?
उ. यह मामला पुलवामा के संगम इलाके से शुरू हुआ, जहां पागल कुत्ते ने कई पशुओं को काट लिया था।

