PM-KUSUM योजना 2025 के तहत किसानों को सौर ऊर्जा आधारित पंप और ग्रिड कनेक्टेड प्लांट के लिए सब्सिडी। जानें Component A, B, C की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया।
PM-KUSUM योजना क्या है?
प्रधान मंत्री-कुसुम (PM-KUSUM) योजना किसानों को सौर ऊर्जा आधारित कृषि उपकरण और पंप स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना, किसानों की लागत कम करना और बिजली की बचत करना है। PM-KUSUM योजना तीन मुख्य घटकों (Components) में कार्य करती है।
PM-KUSUM योजना के घटक (Components of PM-KUSUM)
Component-A: ग्रिड कनेक्टेड सौर या नवीकरणीय ऊर्जा आधारित पॉवर प्लांट
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क्षमता: 500 kW से 2 MW तक।
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मुख्य रूप से बंजर या असिंचित कृषि भूमि पर स्थापित किया जाता है।
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कृषि भूमि पर स्लिट इंस्टॉलेशन (ऊँचा प्लेटफार्म) की अनुमति है ताकि खेती प्रभावित न हो।
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उपलब्ध पात्रता:
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व्यक्तिगत किसान, किसान समूह, सहकारी समितियाँ, पंचायत, FPO, WUA।
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परियोजना स्थल बिजली सब-स्टेशन से 5 किमी के भीतर होना चाहिए।
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उत्पन्न बिजली का क्रय: स्थानीय DISCOMs द्वारा किया जाएगा।
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भूमि पट्टे पर देने की अनुमति: हाँ, किसान भूमि को डेवलपर को पट्टे पर दे सकते हैं।
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वित्तीय सहायता: 25 वर्ष की PPA अवधि, PBI 40 पैसे प्रति यूनिट या 6.6 लाख/MW/वर्ष (जो भी कम हो)।
Component-B: स्टैंड-अलोन सोलर एग्रीकल्चर पंप
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क्षमता: 7.5 HP तक, ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों के लिए।
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किसानों को डीजल पंप को सौर पंप से बदलने की सुविधा।
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उपलब्ध पात्रता: व्यक्तिगत किसान, WUA और सामुदायिक/क्लस्टर आधारित सिंचाई प्रणाली।
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सब्सिडी:
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अधिकांश राज्यों: 30% केंद्र + 30% राज्य = 60%, शेष 40% निवेश किसान।
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नॉर्थ-ईस्ट, हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर/लद्दाख, आइलैंड UTs: 50% केंद्र + 30% राज्य, शेष 20% किसान।
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सब्सिडी बेंचमार्क कॉस्ट या टेंडर कॉस्ट पर लागू।
Component-C: मौजूदा ग्रिड कनेक्टेड पंप की सोलराइजेशन
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क्षमता: 7.5 HP तक।
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सोलर PV क्षमता: पंप क्षमता का अधिकतम 2 गुना kW में।
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किसान अपनी सिंचाई आवश्यकताओं के लिए सोलर पावर का उपयोग कर सकते हैं।
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अतिरिक्त बिजली DISCOMs को बेची जा सकती है।
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उपलब्ध पात्रता: व्यक्तिगत किसान, WUA, सामुदायिक/क्लस्टर आधारित सिंचाई प्रणाली।
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सब्सिडी:
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अधिकांश राज्यों: 30% केंद्र + 30% राज्य, शेष 40% निवेश किसान।
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नॉर्थ-ईस्ट, हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर/लद्दाख, आइलैंड UTs: 50% केंद्र + कम से कम 30% राज्य, शेष 20% निवेश किसान।
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PM-KUSUM योजना के लाभ
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कृषि में सौर ऊर्जा का उपयोग: डीजल पंप पर खर्च कम होगा।
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किसानों की आय में वृद्धि: अतिरिक्त बिजली को DISCOM को बेचकर आय।
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पर्यावरण संरक्षण: नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग से प्रदूषण कम।
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लंबी अवधि की वित्तीय सुरक्षा: PPA के तहत 25 वर्ष तक स्थायी खरीद।
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केंद्र और राज्य सरकार की साझा सब्सिडी: निवेश भार कम।
PM-KUSUM योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया
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राज्य सरकार या Nodal Agency के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें।
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Component A, B, C के अनुसार आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
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आवेदन फॉर्म जमा करने के बाद स्वचालित कन्फ़र्मेशन ईमेल प्राप्त होगा।
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चयनित परियोजना के लिए अधिकारियों द्वारा साइट निरीक्षण और अनुमोदन।
अधिक जानकारी कहां प्राप्त करें?
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राष्ट्रीय पोर्टल: www.pm-kusum.co.in
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राज्य कृषि विभाग: संबंधित राज्य सरकार की कृषि या ऊर्जा विभाग की वेबसाइट।
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सहायता हेल्पलाइन: Nodal Agency / State Nodal Officer
PM-KUSUM योजना 2025 किसानों के लिए सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई और ऊर्जा उत्पादन का सुनहरा अवसर है।
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यह योजना किसानों की लागत कम, आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में सहायक है।
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Component A, B, C के माध्यम से सौर ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है।
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किसान इस योजना का लाभ उठाकर दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक लाभ सुनिश्चित कर सकते हैं।

