Yogi Adityanath : PM मोदी से मिले CM योगी, यूपी कैबिनेट में होने जा रहा है अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल

Published On: January 5, 2026
Follow Us
Yogi Adityanath : PM मोदी से मिले CM योगी, यूपी कैबिनेट में होने जा रहा है अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल

Join WhatsApp

Join Now

Yogi Adityanath : देश की राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र ‘उत्तर प्रदेश‘ एक बार फिर बड़े बदलावों की दहलीज पर खड़ा है। सोमवार को देश की राजधानी दिल्ली में एक ऐसी मुलाकात हुई, जिसने लखनऊ के गलियारों में हलचल तेज कर दी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके आवास पर लगभग आधे घंटे तक गहन चर्चा की।

योगी आदित्यनाथ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का जीवन परिचय और राजनीतिक सफर

इस मुलाकात को महज एक शिष्टाचार भेंट कहना गलत होगा। जानकारों का मानना है कि इस 30 मिनट की बातचीत में उत्तर प्रदेश के भविष्य और आगामी मंत्रिमंडल विस्तार (UP Cabinet Expansion) की पूरी रूपरेखा तय कर ली गई है। पीएम मोदी से मिलने के बाद सीएम योगी अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात करेंगे, जो इस बात का संकेत है कि यूपी बीजेपी और सरकार में ‘बड़े फेरबदल’ की पटकथा लिखी जा चुकी है।

Mahendra Bhatt: महेंद्र भट्ट दोबारा प्रदेश अध्यक्ष चुने गए, जानिए कौन हैं नए राष्ट्रीय परिषद सदस्य

खाली कुर्सियां और नए चेहरों की तलाश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मौजूदा मंत्रिमंडल में कुल 54 पद थे, जिनमें से पहले ही 6 पद खाली चल रहे थे। 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद समीकरण और बदल गए जब सरकार के दो कद्दावर मंत्रियों—जितिन प्रसाद और अनूप प्रधान को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी देकर दिल्ली बुला लिया गया। इसके बाद से ही यूपी कैबिनेट में कई अहम पद रिक्त पड़े हैं।

सूत्रों की मानें तो इस बार का फेरबदल केवल खाली पदों को भरने के लिए नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।

READ ALSO  Uttar Pradesh News : यूपी में बहेगी विकास की नई धारा: प्रयागराज-मिर्जापुर के बीच बनेगा 100 KM का सुपरफास्ट 6-लेन हाईवे

पश्चिम यूपी का बढ़ेगा दबदबा, ब्राह्मणों पर विशेष फोकस

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मंत्रिमंडल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western UP) का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जा सकता है। इसके पीछे एक बड़ा तर्क यह है कि वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष दोनों ही पूर्वी उत्तर प्रदेश से आते हैं। क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए पश्चिमी यूपी के कद्दावर चेहरों को कैबिनेट में जगह मिलना लगभग तय है।

इसके अलावा, हाल ही में हुई ब्राह्मण विधायकों की बैठक ने भी हाईकमान को सोचने पर मजबूर किया है। माना जा रहा है कि ब्राह्मण समाज को साधने के लिए कुछ नए ब्राह्मण चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है, ताकि 2027 की राह आसान हो सके।

संगठन और सरकार के बीच ‘ब्रिज’ बनेगा नया मंत्रिमंडल

चर्चा यह भी है कि यूपी बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को नई कैबिनेट में कोई बड़ा और महत्वपूर्ण पद दिया जा सकता है। इस बार रणनीति यह है कि:

  • परफॉरमेंस आधारित बदलाव: जिन मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड कमजोर रहा है, उन्हें संगठन में वापस भेजा जा सकता है।

  • युवा और तेजतर्रार चेहरे: संगठन के कुछ जमीन से जुड़े चेहरों को सीधे सरकार में शामिल किया जा सकता है।

  • राज्य मंत्रियों की पदोन्नति: कुछ राज्य मंत्रियों को उनके बेहतरीन काम के लिए ‘स्वतंत्र प्रभार’ (Independent Charge) देकर उनका कद बढ़ाया जा सकता है।

  • बोर्ड और निगमों का समायोजन: केवल मंत्री ही नहीं, बल्कि विभिन्न बोर्डों और निगमों में भी नए कार्यकर्ताओं को जगह देकर असंतोष को दूर करने की कोशिश होगी।

READ ALSO  Kunal Kamra Row: 'न भीड़ से डरता हूं और न माफी मांगूंगा...' - कुणाल कामरा का बेबाक जवाब

मिशन 2027: एक ‘फाइटर’ टीम की तैयारी

प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की इस मुलाकात का एकमात्र लक्ष्य मिशन 2027 है। बीजेपी चाहती है कि अगले चुनाव से पहले जनता के बीच एक ऐसी टीम जाए जो न केवल विकास कार्यों को गति दे, बल्कि जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों में भी फिट बैठे। जेपी नड्डा के साथ होने वाली शाम की बैठक में उन नामों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी जिन्हें जल्द ही राजभवन में शपथ दिलाई जा सकती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now