Varanasi Ganga Aarti: काशी के दशाश्वमेध घाट की इन तस्वीरों ने दुनिया को हिलाकर रख दिया

Published On: January 10, 2026
Follow Us
Varanasi Ganga Aarti: काशी के दशाश्वमेध घाट की इन तस्वीरों ने दुनिया को हिलाकर रख दिया

Join WhatsApp

Join Now

Varanasi Ganga Aarti: धर्म और अध्यात्म की नगरी वाराणसी (Kashi) में इन दिनों कुदरत और आस्था के बीच एक अनोखी जंग देखने को मिल रही है। उत्तर भारत में जहाँ कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर (Cold Wave) ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया है, वहीं वाराणसी के विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट (Dashashwamedh Ghat) की तस्वीरों ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 8 जनवरी की शाम को गंगा आरती के दौरान यहाँ जो नजारा दिखा, वह यह बताने के लिए काफी है कि भारतीय संस्कृति में ‘श्रद्धा’ का स्थान किसी भी मौसम से ऊपर है।

Guru Purnima 2025: गुरु के प्रति कृतज्ञता का अद्भुत दिन, जानिए गुरु पूर्णिमा का गहरा महत्व, इसे मनाएं खास अंदाज़ 

ठिठुरती ठंड और गंगा किनारे आस्था का सैलाब
जनवरी का पहला हफ्ता बीत चुका है और पारा लगातार गिर रहा है। ठंडी हवाएं हड्डियों में चुभन पैदा कर रही हैं, लेकिन दशाश्वमेध घाट पर पैर रखने तक की जगह नहीं है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि महादेव की नगरी में मौसम का मिजाज चाहे जो हो, भक्तों का उत्साह कभी कम नहीं होता। घाट की एक-एक सीढ़ी इंसानों से खचाखच भरी हुई थी और हर आँख केवल माँ गंगा की आरती (Ganga Aarti) पर टिकी थी।

Dharamshala: 100 धर्मगुरुओं का मंथन जारी, 385 साल पुरानी परंपरा टूटने का डर

घंटों डटे रहे श्रद्धालु: न ठंड की फिक्र, न कोहरे का डर
हैरानी की बात यह है कि यह भीड़ किसी विशेष पर्व या त्योहार की वजह से नहीं थी, बल्कि एक सामान्य दिन की थी। शीतलहर के बावजूद लोग घंटों पहले ही घाट पर अपनी जगह पक्की करने के लिए डट गए थे। ठंडी हवाओं के थपेड़ों के बीच भी श्रद्धालुओं का मौन संकल्प और शांति से आरती का इंतजार करना एक आध्यात्मिक अनुभव था। आरती शुरू होते ही जब शंखनाद और मंत्रोच्चार गूंजा, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

READ ALSO  Independence Day: देशवासियों को मिलेगी बड़ी राहत, अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों का ऐलान

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ‘काशी का चमत्कार’
दशाश्वमेध घाट की ये तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहे हैं। हर कोई इस दृश्य को देखकर दंग है कि इतनी भीषण ठंड में भी कोई कैसे घंटों खुले आसमान के नीचे बैठ सकता है। कई श्रद्धालु इस जादुई पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए। वायरल हो रही इन तस्वीरों को लोग ‘आस्था की जीत’ और ‘काशी का चमत्कार’ बता रहे हैं।

पर्यटन और आस्था का बेजोड़ संगम
वाराणसी केवल भारतीयों के लिए ही नहीं, बल्कि विदेशी सैलानियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। 2026 की इस सर्दी में गंगा आरती का यह दृश्य भारत के ‘धार्मिक पर्यटन’ (Spiritual Tourism) की मजबूती को दर्शाता है। घाट के कोनों-कोनों से लेकर आसपास की छतों तक, हर जगह बस सिर ही सिर नजर आ रहे थे। यह जनसैलाब उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो सोचते हैं कि आधुनिकता के दौर में परंपराएं कमजोर पड़ रही हैं।

विश्वास की अग्नि में पिघल गई ठंड
वाराणसी के घाटों की यह तस्वीर केवल एक भीड़ नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के विश्वास का प्रतीक है। भीषण ठंड में भी माँ गंगा के प्रति यह समर्पण हृदय को छू लेने वाला है। अगर आप भी इस सर्दी में शांति और सुकून की तलाश में हैं, तो काशी की यह गंगा आरती आपके भीतर एक नई ऊर्जा का संचार कर देगी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now