Chitrakoot Eco-Tourism: योगी सरकार का ₹12 करोड़ का वो मास्टरप्लान, जो बदल देगा बुंदेलखंड की तकदीर

Chitrakoot Eco-Tourism:  प्रभु श्री राम की तपोभूमि चित्रकूट, जो सदियों से अपनी धार्मिक मान्यताओं के लिए विश्व प्रसिद्ध रही है, अब एक नए अवतार में दुनिया के सामने आने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजनरी नेतृत्व में चित्रकूट को न केवल एक धार्मिक केंद्र, बल्कि भारत के एक प्रमुख इको-टूरिज्म हब (Eco-Tourism Hub) के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी कड़ी में, रानीपुर टाइगर रिजर्व के पास बन रहा ‘इको टूरिज्म थीम पार्क’ क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होने वाला है।

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₹12 करोड़ की लागत और 7 एकड़ का विस्तार
चित्रकूट के प्राकृतिक सौंदर्य को निखारने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगभग ₹12 करोड़ की भारी-भरकम लागत से एक भव्य थीम पार्क का निर्माण कर रही है। 7 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला यह पार्क आधुनिक सुविधाओं और प्राकृतिक शांति का एक अद्भुत मिश्रण होगा। यहाँ आने वाले पर्यटकों को न केवल घने जंगलों की हरियाली का अहसास होगा, बल्कि वे प्रकृति के करीब रहकर मानसिक शांति भी प्राप्त कर सकेंगे।

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रानीपुर टाइगर रिजर्व: पर्यटन की नई धुरी
यह थीम पार्क भारत के 53वें और उत्तर प्रदेश के चौथे टाइगर रिजर्व, रानीपुर टाइगर रिजर्व (Ranipur Tiger Reserve) के बिल्कुल नजदीक स्थित है। टाइगर रिजर्व के कारण पहले ही इस क्षेत्र में वन्यजीव प्रेमियों की संख्या बढ़ी है, और अब इस नए ‘इको टूरिज्म थीम पार्क’ के जुड़ने से पर्यटन की संभावनाएं कई गुना बढ़ गई हैं। अब चित्रकूट आने वाले श्रद्धालु कामदगिरि की परिक्रमा के साथ-साथ बाघों की दहाड़ और प्रकृति की गोद में एडवेंचर का आनंद भी ले सकेंगे।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बूस्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने का साधन नहीं है, बल्कि यह रोजगार सृजन का सबसे बड़ा माध्यम है। इस पार्क के निर्माण से चित्रकूट और आसपास के गांवों के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर (Employment Opportunities) पैदा होंगे। होम-स्टे, गाइड, स्थानीय हस्तशिल्प और खान-पान के व्यापार को इससे जबरदस्त गति मिलेगी, जिससे बुंदेलखंड की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा मिलेगी।

प्रकृति और संरक्षण का संदेश
इस पार्क की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘इको-फ्रेंडली’ होना है। यहाँ जैव विविधता (Biodiversity) के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक क्षेत्र, औषधीय पौधों का बगीचा और वन्यजीवों के बारे में जानकारी देने वाले केंद्र इस पार्क को शिक्षा और मनोरंजन का एक संपूर्ण पैकेज बनाते हैं। योगी सरकार का यह कदम चित्रकूट को विश्व पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा। अब वह दिन दूर नहीं जब बुंदेलखंड की पहचान केवल सूखे और पिछड़ेपन से नहीं, बल्कि समृद्ध पर्यटन और खुशहाली से होगी। अगर आप भी प्रकृति प्रेमी हैं, तो जल्द ही चित्रकूट का यह नया रूप आपका स्वागत करने के लिए तैयार होगा।

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