UP politics: अखिलेश यादव देंगे कानून व्यवस्था पर ज्ञान?’ पंकज चौधरी के इस बयान ने बढ़ा दी यूपी की सियासी गर्मी

UP politics: अगर आप उत्तर प्रदेश की राजनीति को थोड़ा भी करीब से समझते हैं, तो आपको पता होगा कि यहाँ चुनाव और बयानबाजी सिर्फ एक ही मुद्दे के इर्द-गिर्द सबसे ज्यादा घूमती है. और वह है ‘कानून व्यवस्था’ (Law and Order)। यूपी में किसकी सरकार बेहतर है, यह इसी बात से तय होता है कि अपराधियों में किसका खौफ ज्यादा है।

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हाल ही में समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया अखिलेश यादव ने यूपी की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर कुछ सवाल उठाए। लेकिन बीजेपी (BJP) ने भी इस पर चुप न रहते हुए बड़ा पलटवार किया है। प्रदेश अध्यक्ष श्री पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव पर सीधा तंज कसते हुए कहा है— “कानून व्यवस्था की बात अखिलेश यादव जी उठाएंगे? आज पूरा देश उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था का अनुसरण कर रहा है। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर इस बयान के पीछे की पूरी राजनीति क्या है और क्यों यूपी का ‘लॉ एंड ऑर्डर’ पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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क्या है पूरा मामला और पंकज चौधरी ने क्यों कही ये बात?

दरअसल, राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तो चलते रहते हैं। अखिलेश यादव अपनी रैलियों और सोशल मीडिया के जरिए लगातार यह मुद्दा उठाते रहे हैं कि यूपी में अपराध बढ़ रहा है और पुलिस का रवैया ठीक नहीं है।

इसी का जवाब देते हुए श्री पंकज चौधरी ने यह आक्रामक बयान दिया। उनके कहने का सीधा मतलब यह है कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में जिस तरह से कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ती थीं, उसे देखते हुए अखिलेश यादव को इस मुद्दे पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार (Moral Right) नहीं है। बीजेपी का साफ मानना है कि जो लोग खुद ‘माफिया राज’ के लिए जाने जाते थे, वे आज कानून व्यवस्था पर ज्ञान दे रहे हैं!

अखिलेश यादव के राज बनाम आज का ‘यूपी मॉडल’

जब भी कानून व्यवस्था की बात होती है, तो 2017 से पहले (सपा सरकार) और 2017 के बाद (बीजेपी सरकार) की तुलना जरूर की जाती है।

  • बीजेपी का तर्क: बीजेपी नेताओं का कहना है कि पहले यूपी में बाहुबलियों और गुंडों का राज चलता था। आम आदमी और व्यापारी डर के साए में जीते थे। लेकिन अब सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाई है। यानी अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

  • बदलता माहौल: आज के समय में यूपी पुलिस को पूरी छूट दी गई है कि वे अपराधियों से सख्ती से निपटें। यही वजह है कि बीजेपी बार-बार यह दावा करती है कि अब माफिया या तो जेल में हैं या प्रदेश छोड़कर भाग गए हैं।

आखिर पूरा देश क्यों कर रहा है यूपी के ‘लॉ एंड ऑर्डर’ की कॉपी?

पंकज चौधरी ने अपने बयान में एक बहुत बड़ी बात कही कि “पूरा देश यूपी का अनुसरण कर रहा है।” आखिर इसका क्या मतलब है?
ज़रा सोचिए, कुछ साल पहले तक यूपी का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में ‘क्राइम’ आता था। लेकिन आज ‘बुलडोजर एक्शन’ (Bulldozer Action) यूपी की एक नई पहचान बन गया है।

अगर कोई अपराधी जघन्य अपराध करता है या सरकारी जमीन पर कब्जा करता है, तो उसकी अवैध संपत्ति पर सीधे बुलडोजर चलता है। यह तरीका इतना मशहूर हुआ कि अब मध्य प्रदेश, राजस्थान और असम जैसे राज्यों की सरकारें भी अपराधियों के खिलाफ बिल्कुल ‘यूपी मॉडल’ की तरह ही सख्त एक्शन ले रही हैं। यही कारण है कि बीजेपी नेता गर्व से कहते हैं कि पूरा देश हमारी कानून व्यवस्था की कॉपी कर रहा है।

अखिलेश यादव का क्या तर्क है?

अब एक नजर विपक्ष पर भी डाल लेते हैं। अखिलेश यादव का कहना है कि यूपी सरकार का ‘लॉ एंड ऑर्डर’ सिर्फ कागजों और विज्ञापनों में है। उनका आरोप है कि पुलिस का एक्शन भेदभावपूर्ण है और असली अपराधियों के बजाय गरीबों और निर्दोषों को परेशान किया जा रहा है। सपा बार-बार पुलिस एनकाउंटर्स और बुलडोजर की कार्रवाई पर सवाल उठाती है और इसे ‘लोकतंत्र के खिलाफ’ बताती है।

आगे क्या होगा?

कुल मिलाकर, पंकज चौधरी का यह बयान कोई साधारण बयान नहीं है, बल्कि यह बीजेपी की एक सोची-समझी आक्रामक रणनीति का हिस्सा है। वे विपक्ष को बैकफुट पर धकेलना चाहते हैं। जैसे-जैसे यूपी में आने वाले चुनावों की सरगर्मी बढ़ेगी, यह ‘लॉ एंड ऑर्डर’ बनाम ‘जंगलराज’ की डिबेट और भी तीखी होगी। अब जनता को तय करना है कि उन्हें अखिलेश यादव के सवालों में सच्चाई नजर आती है या फिर वे पंकज चौधरी के इस दावे से सहमत हैं कि यूपी आज पूरे देश के लिए एक मिसाल बन चुका है।


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