UP Investment News: एक वक्त था जब उत्तर प्रदेश (UP) का नाम सुनते ही बड़े-बड़े उद्योगपति और कंपनियां यहां अपनी फैक्ट्री लगाने से घबराते थे। वजह होती थी— खराब सड़कें, बिजली की कमी और सबसे बड़ी बात, रंगदारी और गुंडागर्दी का डर। लेकिन आज हालात बिल्कुल बदल चुके हैं। जो यूपी कभी अपराध के लिए खबरों में रहता था, आज वह अपने एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट और बड़े-बड़े इन्वेस्टमेंट्स (Investments) के लिए जाना जा रहा है।
हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने इसी बदलाव पर एक बहुत ही सटीक बात कही है। उन्होंने कहा— “कानून का राज विकास की पहली गारंटी होता है, और इसी कानून के राज में आज देश-विदेश का हर बड़ा निवेशक उत्तर प्रदेश आ रहा है।”
आइए, एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि मुख्यमंत्री जी के इस बयान का असली मतलब क्या है, और कैसे यूपी का यह बदलता माहौल यहां के युवाओं के लिए ढेरों नौकरियां और मौके लेकर आ रहा है।
‘कानून का राज’ और बिजनेस का क्या कनेक्शन है? (आसान भाषा में समझें)
ज़रा एक आम आदमी की तरह सोचिए। अगर आप किसी मोहल्ले में अपनी एक छोटी सी परचून की दुकान खोलते हैं और पहले ही दिन कोई गुंडा आकर आपसे ‘हफ्ता’ या रंगदारी मांगने लगे, तो क्या आप वहां दुकान चला पाएंगे? बिल्कुल नहीं।
यही फॉर्मूला बड़ी-बड़ी कंपनियों पर भी लागू होता है। कोई भी कंपनी अपना करोड़ों-अरबों रुपया उस राज्य में नहीं लगाना चाहती जहां उसके कर्मचारियों की सुरक्षा न हो या जहां उनके काम में रोज़ कोई न कोई अड़ंगा आए। सीएम योगी ने इसी डर को खत्म किया है। आज प्रदेश में ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति है। जब कंपनियों को दिखता है कि राज्य में कानून व्यवस्था सख्त है और उनका पैसा सुरक्षित है, तो वे बेझिझक निवेश करने आ रही हैं।
यूपी क्यों बन रहा है देसी-विदेशी निवेशकों की पहली पसंद?
सीएम योगी ने अपने बयान में बताया कि किसी भी क्षेत्र में निवेश ‘सहजता’ (आसानी) से स्थापित हो रहा है और कहीं कोई संकट नहीं है।
पहले कंपनियों को एक फैक्ट्री लगाने के लिए दर्जनों सरकारी ऑफिसों के चक्कर काटने पड़ते थे। फाइलों में सालों लग जाते थे। लेकिन अब यूपी सरकार ने ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ (Single Window System) लागू कर दिया है। यानी कंपनियों को जमीन खरीदने से लेकर बिजली का कनेक्शन लेने तक की सारी परमिशन एक ही जगह से और बहुत जल्दी मिल जाती है। लालफीताशाही (Red Tapism) खत्म होने के कारण ही अमेरिका, जापान और यूरोप की बड़ी कंपनियां यूपी की तरफ रुख कर रही हैं।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: सिर्फ हवा में बातें नहीं, जमीन पर दिख रहा है काम
किसी भी बिजनेस को रफ्तार देने के लिए अच्छी सड़कें और ट्रांसपोर्ट बहुत जरूरी है। अगर फैक्ट्री में बना माल समय पर बाजार या बंदरगाह तक नहीं पहुंचेगा, तो कंपनी को घाटा होगा।
आज यूपी देश का पहला ऐसा राज्य है जहां सबसे ज्यादा एक्सप्रेस-वे (Expressways) हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से लेकर बुंदेलखंड और अब गंगा एक्सप्रेस-वे, ये सिर्फ सड़कें नहीं बल्कि यूपी की ‘इकोनॉमिक लाइफलाइन’ हैं। इसके अलावा, जेवर (नोएडा) में बन रहा एशिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और राज्य में बन रहे नए लॉजिस्टिक पार्क, यूपी के इंफ्रास्ट्रक्चर को वर्ल्ड-क्लास बना रहे हैं। यही वजह है कि निवेशक यूपी की तरफ खिंचे चले आ रहे हैं।
युवाओं और आम आदमी को इससे क्या फायदा मिलेगा? (रोजगार की बात)
अब सवाल यह उठता है कि विदेशी कंपनियों के आने और इन बड़ी-बड़ी बातों से एक आम आदमी या नौकरी की तैयारी कर रहे युवा को क्या फायदा होगा?
फायदा बहुत सीधा और बड़ा है। जब कोई कंपनी यूपी में अपनी फैक्ट्री, आईटी पार्क (IT Park) या कोई बड़ा प्रोजेक्ट लगाती है, तो उसे वहां काम करने के लिए लोगों की जरूरत पड़ती है।
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इंजीनियर्स से लेकर मैनेजर्स तक।
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फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों से लेकर मशीन ऑपरेटरों तक।
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यहां तक कि फैक्ट्री के बाहर चाय की दुकान लगाने वाले या ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले लोकल लोगों को भी इससे बिजनेस मिलता है।
जब यूपी में ही लाखों नौकरियां पैदा होंगी, तो यहां के युवाओं को अपना घर-परिवार छोड़कर दिल्ली, मुंबई या गुजरात धक्के खाने नहीं जाना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संदेश बिल्कुल साफ है— विकास तभी होगा, जब सुरक्षा होगी। यूपी सरकार ने पहले कानून व्यवस्था को पटरी पर लाकर एक सुरक्षित जमीन तैयार की, और अब उस पर उद्योग और विकास की मजबूत इमारत खड़ी की जा रही है। अगर यूपी इसी रफ्तार से आगे बढ़ता रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब यह प्रदेश भारत की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (Economy) बनकर उभरेगा।

