Prayagraj Magh Mela 2026 trains: संगम नगरी प्रयागराज में आस्था का सबसे बड़ा संगम, माघ मेला 2026 अपनी पूरी भव्यता के साथ शुरू होने वाला है। कड़कड़ाती ठंड के बीच लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी के संगम तट पर कल्पवास और पवित्र स्नान के लिए उमड़ेंगे। इसी भीड़ को देखते हुए जहाँ एक ओर मेला प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है, वहीं भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने भी तीर्थयात्रियों के सफर को सुहाना और आसान बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।
अक्सर देखा जाता है कि माघ मेला के दौरान ‘प्रयागराज जंक्शन’ पर भारी भीड़ की वजह से अफरा-तफरी का माहौल हो जाता है। यात्रियों की इसी असुविधा को दूर करने के लिए रेलवे ने रामबाग और झूंसी स्टेशनों पर ट्रेनों के विशेष ठहराव का फैसला लिया है।
पूर्व मध्य रेल का बड़ा निर्णय: सीधे संगम के करीब पहुंचेंगे श्रद्धालु
पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चंद्र के मुताबिक, माघ मेला 2026 के अवसर पर रेलवे प्रशासन ने 7 जोड़ी (कुल 14 ट्रेनों) को प्रयागराज रामबाग और झूंसी स्टेशनों पर 2 मिनट का ‘अस्थाई ठहराव’ देने की घोषणा की है। यह सुविधा जनवरी और फरवरी 2026 के उन विशेष दिनों में दी जाएगी, जब मुख्य स्नान पर्वों की वजह से भीड़ चरम पर होगी।
इन प्रमुख ट्रेनों के समय और स्टेशन में हुआ बदलाव: देखें पूरी सूची
अगर आप भी बिहार, महाराष्ट्र या दिल्ली की ओर से संगम आ रहे हैं, तो नीचे दी गई सूची को ध्यान से पढ़ लें, ताकि आपको मुख्य जंक्शन के बजाय संगम के पास उतरने में आसानी हो:
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पवन एक्सप्रेस (11061/62): जयनगर से लोकमान्य तिलक और वापसी में भी, यह ट्रेन जनवरी में (01-04, 12-24, 29-31) और फरवरी (01, 12-15) में झूंसी एवं रामबाग पर रुकेगी।
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लिच्छवी एक्सप्रेस (14005/06): सीतामढ़ी से आनंद विहार जाने वाली यह प्रसिद्ध ट्रेन भी निर्धारित तारीखों में झूंसी और प्रयागराज रामबाग पर 2 मिनट के लिए रुकेगी।
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स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस (12561/62): नई दिल्ली से जयनगर के बीच चलने वाली इस प्रीमियम ट्रेन का भी अस्थाई ठहराव इन दोनों स्टेशनों पर दिया गया है।
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दानापुर-उधना एक्सप्रेस (20933/34): पश्चिम भारत से आने वाले यात्रियों के लिए यह राहत की खबर है कि उधना और दानापुर के बीच चलने वाली यह ट्रेन जनवरी और फरवरी के विशेष दिनों में इन स्टेशनों पर उपलब्ध रहेगी।
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पुणे-दरभंगा एक्सप्रेस (11033/34): महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने पुणे-दरभंगा एक्सप्रेस का भी ठहराव बढ़ा दिया है।
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अंत्योदय एक्सप्रेस (रक्सौल/अहमदाबाद): रक्सौल-लोकमान्य तिलक (15267/68) और दरभंगा-अहमदाबाद (15559/60) अंत्योदय एक्सप्रेस जैसी आम जनता की पसंदीदा ट्रेनों को भी इस लिस्ट में शामिल किया गया है।
यात्रियों को कैसे होगा फायदा?
झूंसी और रामबाग स्टेशन संगम क्षेत्र के बेहद नजदीक हैं। यहाँ उतरने से श्रद्धालुओं को ई-रिक्शा या पैदल ही संगम रेती तक पहुँचने में कम समय लगेगा। इसके साथ ही प्रयागराज जंक्शन पर होने वाली ‘जाम’ जैसी स्थिति से भी राहत मिलेगी।
प्रशासन की अन्य तैयारियां
रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त वेटिंग हॉल, पीने का पानी, लाइटिंग और सुरक्षा के लिए RPF के जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। माघ मेला प्रशासन भी घाटों पर सुरक्षा और कल्पवासियों की सुख-सुविधाओं के लिए दिन-रात जुटा हुआ है।

