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Join NowPM Modi on women career: एक कामकाजी महिला के लिए सबसे कठिन पल वह होता है, जब उसे अपने नवजात शिशु की मुस्कान और अपने वर्षों के कड़े संघर्ष से बनाए गए करियर के बीच किसी एक को चुनना पड़ता है। सालों से भारत में महिलाएं इस “गिल्ट” (अपराधबोध) में जीती आई हैं कि क्या वे एक अच्छी माँ और एक सफल प्रोफेशनल दोनों एक साथ बन सकती हैं? प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के एक ऐतिहासिक फैसले ने इस दुविधा को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है।
दुनिया के समृद्ध देशों को पछाड़ा: भारत का गौरवशाली कदम
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में इस बात पर जोर दिया कि भारत में अब मैटरनिटी लीव (प्रसूति अवकाश) को 12 हफ्तों से बढ़ाकर सीधे 26 हफ्ते कर दिया गया है। चौंकिए मत, क्योंकि दुनिया के कई बड़े और समृद्ध देश, जिन्हें हम अक्सर विकसित कहते हैं, वहां भी महिलाओं को इतनी लंबी सवैतनिक छुट्टी (Paid Leave) नहीं मिलती। भारत आज इस मामले में वैश्विक स्तर पर एक मिसाल बनकर उभरा है। यह कदम केवल छुट्टी देने के बारे में नहीं है, बल्कि यह संदेश देने के बारे में है कि “भारत की प्रगति में नारी शक्ति का योगदान अनिवार्य है।”
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करियर पर नहीं लगेगा ‘ब्रेक’
अक्सर देखा गया है कि माँ बनने के बाद कई प्रतिभावान महिलाएं वर्कफोर्स (Workforce) से बाहर हो जाती हैं क्योंकि उनके पास बच्चे की देखभाल के लिए पर्याप्त समय नहीं होता। 26 हफ्तों की यह छुट्टी सुनिश्चित करती है कि एक महिला को अपने बच्चे के शुरुआती और सबसे महत्वपूर्ण महीनों में उसके साथ रहने का पूरा मौका मिले, बिना इस डर के कि उसका करियर पीछे छूट जाएगा। यह फैसला महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक “गेम चेंजर” साबित हो रहा है।
प्रधानमंत्री का विजन: सशक्त नारी, समृद्ध भारत
पीएम मोदी का मानना है कि यदि हम भारत को 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाना चाहते हैं, तो हमें महिलाओं के रास्ते की हर बाधा को हटाना होगा। मैटरनिटी लीव में यह विस्तार न केवल बच्चे के स्वास्थ्य और पोषण (स्तनपान और देखभाल) के लिए जरूरी है, बल्कि यह महिला के मानसिक स्वास्थ्य और उसकी पेशेवर स्थिरता के लिए भी एक वरदान है।
आज भारत की बेटियां फाइटर जेट उड़ा रही हैं, स्पेस मिशन का नेतृत्व कर रही हैं और व्यापार जगत की कमान संभाल रही हैं। ऐसे में सरकार का यह संवेदनशील निर्णय उन्हें यह भरोसा दिलाता है कि राष्ट्र उनके साथ खड़ा है। अब भारत की नारी शक्ति न रुकेगी, न थकेगी; वह ममता के साथ-साथ सफलता के शिखर को भी चूमेगी।









