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Join NowDeoghar tourism: गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही हम सब परिवार या दोस्तों के साथ कहीं न कहीं घूमने का प्लान बनाने लगते हैं। अगर आप इस बार झारखंड के देवघर स्थित ‘बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग’ (Baidyanath Jyotirlinga) जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके बहुत काम आने वाला है।
भारत का स्कॉटलैंड: कूर्ग – गर्मियों में घूमने के लिए स्वर्ग
अक्सर लोग देवघर जाते हैं, ज्योतिर्लिंग के दर्शन करते हैं और ट्रेन पकड़कर वापस घर लौट आते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि बाबा की नगरी देवघर के आसपास कुछ ऐसी शानदार और खूबसूरत जगहें छिपी हैं, जो आपकी इस ट्रिप में चार चांद लगा सकती हैं?
अगर आप अपनी एक ही ट्रिप में अध्यात्म, सुकून, पहाड़ और थोड़े एडवेंचर का मजा लेना चाहते हैं, तो चलिए एक दोस्त की तरह मैं आपको बताता हूं देवघर के आसपास घूमने की टॉप जगहों (Best places to visit near Deoghar) के बारे में।
बासुकीनाथ मंदिर: बाबा के दर्शन के बाद यहां जाना क्यों है जरूरी?
मान्यता है कि बाबा बैद्यनाथ के दर्शन तब तक पूरे नहीं माने जाते, जब तक आप बासुकीनाथ मंदिर (Basukinath Temple) में हाजिरी न लगा लें। बासुकीनाथ का मंदिर देवघर से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर की बनावट और ऊर्जा बिल्कुल बाबा बैद्यनाथ मंदिर जैसी ही है।
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कैसे जाएं? देवघर से आप आसानी से शेयरिंग ऑटो, बस या टैक्सी ले सकते हैं। अगर आप पूरे परिवार के साथ हैं, तो एक प्राइवेट कैब बुक करना सबसे आरामदायक और सुरक्षित विकल्प रहेगा। रास्ते का सफर भी काफी हरा-भरा है, जो आपको बोर नहीं होने देगा।
शिव गंगा घाट: जहां मिलेगी बिल्कुल बनारस वाली फीलिंग
अगर आपको बनारस के घाटों पर बैठकर सुकून के पल बिताना पसंद है, तो देवघर का शिव गंगा घाट (Shiv Ganga Ghat) आपको बिल्कुल निराश नहीं करेगा। सबसे अच्छी बात यह है कि यह घाट बाबा बैद्यनाथ मंदिर से बस कुछ ही दूरी पर मौजूद है।
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क्या है खास? दिनभर की भागदौड़ और दर्शन के बाद शाम के समय यहां आना सबसे अच्छा रहता है। घाट के किनारे बहती ठंडी हवा और पानी की लहरें आपकी सारी थकान मिटा देंगी। शाम को यहां शानदार आरती भी होती है, जिसे देखना एक अलग ही रूहानी अनुभव है।
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कैसे जाएं? मंदिर से आप पैदल टहलते हुए आसानी से यहां जा सकते हैं। अगर चलने का मन नहीं है, तो मात्र 10 रुपये देकर शेयरिंग ई-रिक्शा से भी यहां पहुंचा जा सकता है।
तपोवन की गुफाएं: जहां रावण ने की थी घोर तपस्या
क्या आप थोड़े एडवेंचर और रहस्यमय जगहों की तलाश में हैं? तो ‘तपोवन’ (Tapovan) आपके लिए एकदम परफेक्ट जगह है। यह जगह देवघर शहर से कुछ किलोमीटर दूर एक पहाड़ी इलाके में स्थित है।
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कैसे हुआ चमत्कार? तपोवन अपने विशाल पत्थरों और प्राकृतिक गुफाओं के लिए पूरे इलाके में मशहूर है। इन्हीं गुफाओं के बीच हनुमान जी का एक बेहद प्राचीन और सुंदर मंदिर है। स्थानीय लोगों की मानें तो इसी जगह पर लंकापति रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की थी। पहाड़ों के संकरे रास्तों और गुफाओं से होकर गुजरना बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर किसी को एक रोमांचक अनुभव देता है।
त्रिकूट पर्वत: प्रकृति और पहाड़ों से प्यार करने वालों की जन्नत
अगर आप सोचते हैं कि देवघर में सिर्फ मंदिर और घाट ही हैं, तो त्रिकूट पर्वत (Trikut Parvat) आपकी यह सोच बदल देगा। बाबा बैद्यनाथ मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित यह पर्वत प्राकृतिक सुंदरता का बेहतरीन नमूना है।
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क्या है खास? यह पूरा इलाका पहाड़ियों और घनी हरियाली से घिरा हुआ है। अगर आपको नेचर फोटोग्राफी का शौक है या आप शहर के शोर-शराबे से दूर कुछ पल शांति से बिताना चाहते हैं, तो यहां जरूर जाएं। ऊंचे पहाड़ों से देवघर का नजारा देखना आपकी ट्रिप का सबसे खूबसूरत पल साबित हो सकता है।
ट्रिप को कैसे बनाएं स्मार्ट और बजट-फ्रेंडली? (कुछ काम के टिप्स)
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लोकल ट्रांसपोर्ट: देवघर में लोकल घूमने के लिए ई-रिक्शा और शेयरिंग ऑटो सबसे सस्ते विकल्प हैं। लेकिन सफर शुरू करने से पहले ऑटो वाले से किराया जरूर तय कर लें।
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समय का रखें ध्यान: गर्मियों में यहां दिन के वक्त काफी तेज धूप होती है। इसलिए कोशिश करें कि तपोवन और त्रिकूट पर्वत जैसी जगहों पर सुबह जल्दी या शाम ढलने से थोड़ा पहले पहुंचें।
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एडवांस बुकिंग: छुट्टियों के दिनों में देवघर में भारी भीड़ होती है। इसलिए स्टेशन पहुंचने के बाद भटकने से अच्छा है कि अपना होटल या धर्मशाला पहले से बुक करके ही घर से निकलें।
देवघर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं है; यह इतिहास, शांति और प्रकृति का एक खूबसूरत पैकेज है। अगली बार जब भी आप बाबा बैद्यनाथ के दर्शन करने जाएं, तो अपनी लिस्ट में बासुकीनाथ, तपोवन, शिव गंगा घाट और त्रिकूट पर्वत को जरूर शामिल करें। यकीन मानिए, आपकी यह ट्रिप हमेशा के लिए यादगार बन जाएगी.










