Join WhatsApp
Join NowColdest places in India: भारत में जनवरी का महीना आते ही कुदरत अपना सबसे क्रूर चेहरा दिखाना शुरू कर देती है। उत्तर भारत के कई राज्य इस समय ‘कोल्ड टॉर्चर’ से गुजर रहे हैं। जहाँ मैदानी इलाकों में लोग ठिठुर रहे हैं, वहीं पहाड़ों पर हालात ऐसे हैं कि वहाँ जीना किसी जंग जीतने से कम नहीं है। कई जगहों पर तापमान 0 डिग्री से भी नीचे (-20°C तक) चला गया है, जिससे न केवल जनजीवन ठहर गया है, बल्कि रोजमर्रा की सामान्य गतिविधियाँ भी एक चुनौती बन गई हैं। आइए जानते हैं भारत की उन 10 सबसे ठंडी जगहों के बारे में, जहाँ इस सर्दी में ‘सफेद मौत’ का तांडव देखने को मिल रहा है।
1. मनाली (हिमाचल प्रदेश): सैलानियों का स्वर्ग या बर्फ का पिंजरा?
हिमाचल प्रदेश का मनाली इस समय सफेद चादर से ढका हुआ है। जहाँ सैलानी भारी बर्फबारी (Snowfall in Manali) का मजा लेने पहुँच रहे हैं, वहीं रात होते ही यहाँ का तापमान शून्य से काफी नीचे गिर जाता है। बर्फीली हवाएं चेहरे को काटने लगती हैं और रातें बेहद डरावनी हो जाती हैं।
2. कुलगाम (कश्मीर): जहाँ घर ही बन जाते हैं कैदखाना
कश्मीर के कुलगाम में इस समय रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ रही है। यहाँ पारा इतना नीचे गिर जाता है कि लोग शाम ढलते ही अपने घरों में दुबक जाते हैं। कड़ाके की सर्दी के कारण यहाँ बिजली और पानी की आपूर्ति पर भी बुरा असर पड़ा है।
3. श्रीनगर (कश्मीर): डल झील का कांच बनना
श्रीनगर में इस साल ‘चिल्लई कलां’ का असली रूप दिख रहा है। विश्व प्रसिद्ध डल झील (Dal Lake) पूरी तरह से जम चुकी है। लोग जमी हुई झील पर पैदल चलने लगे हैं। यह दृश्य जितना खूबसूरत है, स्थानीय लोगों के लिए उतना ही कष्टदायक, क्योंकि जम चुके पानी के कारण नावें (शिकारा) चलाना असंभव हो गया है।
4. ख्वाजा बाग और बारामूला: जम गया नलों का पानी
बारामूला जिले के ख्वाजा बाग में ठंड का ऐसा कहर है कि घरों के पाइपों के अंदर पानी जम चुका है। सुबह उठकर पानी के लिए आग जलाकर पाइपों को पिघलाना यहाँ की मजबूरी बन गई है। सड़कों पर जमी बर्फ की परत की वजह से गाड़ियां फिसल रही हैं, जिससे सफर करना जानलेवा साबित हो सकता है।
5. सोपोर और बांदीपुरा: वुलर झील का बर्फीला असर
सोपोर में बर्फीली हवाएं हड्डियों को चीरने का दम रखती हैं। वहीं, बांदीपुरा में स्थित वुलर झील (Wular Lake) के कारण वातावरण में नमी और ठंडक इतनी बढ़ जाती है कि सांस लेना भी भारी महसूस होता है। यहाँ जनवरी का सूरज भी बेअसर साबित हो रहा है।
6. गंगटोक (सिक्किम): पल-पल बदलता मिजाज
पूर्वोत्तर भारत का गंगटोक भी अछूता नहीं है। यहाँ सुबह तो सामान्य होती है, लेकिन शाम होते ही तापमान में अचानक आई गिरावट पर्यटकों के होश उड़ा देती है। पहाड़ों से आने वाली सीधी हवाएं यहाँ की ठंड को और भी जानलेवा बना देती हैं।
7. धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश): बादलों के बीच जमती जिंदगी
तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा की नगरी धर्मशाला में ऊंचाई के कारण ठंड का स्तर बहुत बढ़ गया है। धौलाधार की पहाड़ियों से आने वाली बर्फीली हवाएं यहाँ के निवासियों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई हैं।
8. दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल): चाय के बागानों पर पाले की मार
दार्जिलिंग अपनी चाय के लिए मशहूर है, लेकिन इन दिनों यहाँ के बागान पाले (Frost) की चपेट में हैं। कभी-कभी होने वाली बर्फबारी यहाँ के तापमान को शून्य के करीब ले आती है, जिससे पर्यटन तो बढ़ता है लेकिन स्थानीय अर्थव्यवस्था धीमी हो जाती है।
अगर आप इन जगहों पर घूमने की योजना बना रहे हैं, तो याद रखें कि यह केवल मौज-मस्ती नहीं बल्कि उत्तरजीविता (Survival) का मामला है। अपने साथ थर्मल वियर, भारी ऊनी कपड़े और आपातकालीन दवाएं जरूर रखें।










