FIFA World Cup 2026: 37 से 43 की उम्र में भी फुटबॉल मैदान पर कहर बरपा रहे हैं ये 9 दिग्गज खिलाड़ी

खेलों की दुनिया में करीब एक-डेढ़ दशक पहले तक स्थिति ऐसी थी कि जैसे ही खिलाड़ी 30 साल की उम्र पार करते थे, उन्हें बुजुर्ग मान लिया जाता था और उनके संन्यास को लेकर चर्चाएं तेज हो जाती थीं। उदाहरण के लिए, सुनील गावस्कर ने 37, कपिल देव ने 35 और डॉन ब्रैडमैन ने 40 साल की उम्र में क्रिकेट को अलविदा कहा। इसी तरह, टेनिस में ब्योन बोर्ग ने 26, बोरिस बेकर ने 28, आंद्रे अगासी ने 28, स्टेफी ग्राफ ने 30 और पीट सम्प्रास ने 32 साल की उम्र में संन्यास ले लिया था। महान पेले, मैराडोना और ज़िनेडिन ज़िडान भी 37 साल की उम्र में फुटबॉल से दूर हो गए थे। लेकिन वर्तमान में जारी फीफा वर्ल्ड कप 2026 में 37 से 43 साल के कई ऐसे सुपर स्टार्स खेल रहे हैं, जो 20 साल के युवा खिलाड़ियों को मैदान पर पसीना छुड़ाकर साबित कर रहे हैं कि उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है।

41 के रोनाल्डो और 39 के मेस्सी का मैदान पर महासंग्राम

पुर्तगाल के 41 वर्षीय कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो (CR7) की रफ्तार और स्किल आज भी दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर देती है। 230 अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे ज्यादा 145 गोल दागने वाले रोनाल्डो ने लगातार छह वर्ल्ड कप में गोल करने का एक ऐसा ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है, जिसे तोड़ पाना बेहद मुश्किल है। रोनाल्डो ने इस वर्ल्ड कप में 2 गोल समेत कुल 10 गोल किए हैं, हालांकि उनके पास अभी भी कोई वर्ल्ड कप खिताब नहीं है।

दूसरी तरफ, अर्जेंटीना के 39 वर्षीय लियोनेल मेस्सी इस वर्ल्ड कप में भी सबसे आगे चल रहे हैं। वे इस टूर्नामेंट में अब तक एक शानदार हैट्रिक समेत 5 गोल दाग चुके हैं। मेस्सी और रोनाल्डो के अलावा भी कई ऐसे दिग्गज हैं जो इस वर्ल्ड कप में उम्र और खेल विज्ञान को चुनौती दे रहे हैं।

केप वेर्दे की सनसनी वोज़िन्हा और कुरासाओ की दीवार एलॉय रूम

केवल 5 लाख की आबादी वाले देश काबो वेर्दे (केप वेर्दे) इस वर्ल्ड कप में 64वीं रैंकिंग के साथ खेल रहा है, लेकिन सोशल मीडिया से लेकर मैदान तक इसकी चर्चा जोरों पर है। इसकी वजह हैं उनके 40 साल और 12 दिन के स्टार गोलकीपर वोज़िन्हा। सबसे उम्रदराज फुटबॉल खिलाड़ी के तौर पर वर्ल्ड कप डेब्यू का रिकॉर्ड बनाने वाले वोज़िन्हा के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स कुछ ही दिनों में 50 हजार से बढ़कर करीब 1.6 करोड़ (16 मिलियन) पहुंच गए हैं। उनकी टीम पहले दोनों मैच ड्रॉ कराकर नॉकआउट की रेस में बनी हुई है।

इसी तरह, केवल डेढ़ लाख की आबादी वाले दुनिया के सबसे छोटे देशों में से एक कुरासाओ के 37 वर्षीय गोलकीपर एलॉय रूम इस वर्ल्ड कप में एक मजबूत दीवार साबित हुए हैं। उन्होंने वर्ल्ड नंबर 30 टीम इक्वाडोर के खिलाफ मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए 15 बेहतरीन बचाव (Saves) किए और अमेरिकी गोलकीपर टिम हॉवर्ड के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। उनकी बदौलत कुरासाओ ने यह मैच 0-0 से ड्रॉ खेलकर ऐतिहासिक 1 अंक हासिल किया, जिसके बाद एलॉय रूम ने कहा, “शायद कुरासाओ में मेरी मूर्ति बन जानी चाहिए।”

43 के क्रेग गॉर्डन और 40 के ल्यूका मॉड्रिच का अविश्वसनीय खेल

स्कॉटलैंड के 43 वर्षीय गोलकीपर क्रेग गॉर्डन इस फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। ब्राजील के खिलाफ मैच में उन्होंने अपनी टीम के लिए अविश्वसनीय भूमिका निभाई। ब्राजील ने स्कॉटलैंड के गोलपोस्ट पर कम से कम 8 ऑन-टारगेट शॉट लगाए, जिसमें से क्रेग गॉर्डन ने 5 शानदार बचाव किए। मिस्र के एसाम अल हदारि (45 वर्ष) के बाद वर्ल्ड कप खेलने वाले गॉर्डन इतिहास के दूसरे सबसे उम्रदराज फुटबॉलर हैं।

मैदान पर दौड़ने-भागने और मिडफील्ड को नियंत्रित करने में क्रोएशिया के 40 वर्षीय कप्तान ल्यूका मॉड्रिच का कोई सानी नहीं है। उन्हें उनकी टीम की ‘धड़कन’ (Heartbeat) कहा जाता है। अपना पांचवां वर्ल्ड कप खेल रहे ल्यूका के नाम 34 बड़ी ट्रॉफियां हैं और उन्होंने क्रोएशिया के लिए 200 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 29 गोल दागे हैं।

ये दिग्गज भी उम्र को दे रहे मात

गोलकीपिंग और स्ट्राइकिंग के मोर्चे पर बोस्निया हर्ज़ेगोविना के 40 वर्षीय कप्तान और स्ट्राइकर एदिन ज़ेको ने अपने 150वें मैच में कतर के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी टीम को 3-1 से जीत दिलाई, जिससे बोस्नियाई टीम पहली बार नॉकआउट में पहुंची। जर्मनी के 40 वर्षीय महान ‘स्वीपर कीपर’ मैनुएल नोएर भी अपना पांचवां वर्ल्ड कप खेल रहे हैं, जो जर्मनी के लिए 2010 में वर्ल्ड कप का खिताब जीत चुके हैं और 2014 में फाइनल तक का सफर कर चुके हैं।

मेक्सिको के 40 वर्षीय दिग्गज गोलकीपर जिलेमो ओचोआ (मेमो) ने चेकिया के खिलाफ शानदार डेब्यू किया और मेक्सिको को ग्रुप मैचों में एक भी गोल नहीं खाने दिया। इसके अतिरिक्त, उरुग्वे के फर्नांडो मुस्लेरा (40), जापान के लेफ्टबैक युतो नागातोमो (39), इजिप्ट के महदी सुलेमान (39), अमेरिका के टिम रीम (38), अर्जेंटीना के निकोलस ओतामेन्डी (38) और न्यूजीलैंड के माइकल बोक्साल (39) जैसे उम्रदराज खिलाड़ी आज भी युवा खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती दे रहे हैं।

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