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Join NowUP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक बार फिर सख्ती के मूड में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि 1 सितंबर 2025 से प्रदेश में “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत दोपहिया वाहन सवारों को हेलमेट पहनने पर ही पेट्रोल पंप से ईंधन मिलेगा। यदि कोई व्यक्ति बिना हेलमेट बाइक या स्कूटी लेकर पेट्रोल पंप पर पहुंचता है, तो उसे पेट्रोल नहीं दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि यह कदम सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और नागरिकों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में एक बड़ा हथियार साबित होगा।
क्या है “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान?
यह अभियान उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में एक साथ 1 सितंबर से लागू होगा। हर जिले की ज़िम्मेदारी वहां के जिलाधिकारी (DM) के पास होगी।
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मुख्य उद्देश्य: लोगों को सड़क सुरक्षा कानून का पालन करने के लिए प्रेरित करना।
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कार्यान्वयन: पेट्रोल पंप संचालकों को आदेश जारी किया गया है कि बिना हेलमेट किसी को भी ईंधन न दिया जाए।
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मॉनिटरिंग: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस अभियान की निगरानी करेंगे।
कानून का आधार
यह नियम सिर्फ सरकार का आदेश नहीं, बल्कि कानून पर आधारित है।
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मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 129: दोपहिया वाहन चालक और पीछे बैठने वाले दोनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है।
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धारा 194D: हेलमेट नियम का उल्लंघन करने पर जुर्माना और दंड का प्रावधान।
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सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति: सभी राज्यों को हेलमेट नियम का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए थे।
पेट्रोल पंप पर नई व्यवस्था
पेट्रोल पंप अब इस अभियान की सबसे अहम कड़ी होंगे।
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IOCL, BPCL और HPCL के पंप संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे नियम का पालन करें।
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यदि किसी पंप पर बिना हेलमेट पेट्रोल दिया गया, तो पंप मालिक पर कार्रवाई की जाएगी।
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खाद्य एवं रसद विभाग पंप स्तर पर निगरानी करेगा।
जनता को संदेश
सरकार का कहना है कि यह अभियान सिर्फ दंड देने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने के लिए है।
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हेलमेट पहनना जीवन की सुरक्षा का सबसे सस्ता तरीका है।
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हर नागरिक को अपनी और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
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“हेलमेट है तो जीवन है, बिना हेलमेट मौत करीब है।”
पिछले अनुभव और असर
जहां-जहां पहले इस तरह के अभियान चलाए गए हैं, वहां हेलमेट पहनने की आदत जल्दी विकसित हुई।
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सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई।
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पेट्रोल की बिक्री पर कोई असर नहीं पड़ा।
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नागरिकों ने भी सुरक्षा नियमों को गंभीरता से लेना शुरू किया।
जिलों में विशेष व्यवस्था
हर जिले में इस अभियान की जिम्मेदारी जिला सड़क सुरक्षा समिति (DRSC) को दी गई है।
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पुलिस, परिवहन विभाग और प्रशासन मिलकर काम करेंगे।
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हेलमेट न पहनने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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पेट्रोल पंप पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी।
सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा
भारत में हर साल लाखों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं।
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सिर्फ यूपी में हर साल 25,000 से ज्यादा सड़क हादसे होते हैं।
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इनमें से करीब 30% मौतें बिना हेलमेट के सिर पर चोट लगने से होती हैं।
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हेलमेट पहनने से मौत का खतरा 70% तक कम हो जाता है।
जनता और प्रशासन का सहयोग
यह अभियान तभी सफल होगा जब नागरिक, प्रशासन और उद्योग मिलकर काम करें।
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नागरिक हेलमेट पहनकर उदाहरण पेश करें।
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पेट्रोल पंप संचालक नियम का पालन करें।
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प्रशासन सख्ती और जागरूकता दोनों पर ध्यान दे।
जनता से अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता से अपील की है:
“हेलमेट पहनना आपकी जिंदगी का बीमा है। सरकार आपको रोकने के लिए यह कदम उठा रही है, लेकिन असली जिम्मेदारी आपकी है। अपने परिवार और समाज की सुरक्षा के लिए हेलमेट जरूर पहनें।”
“नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है। यदि लोग इसे गंभीरता से अपनाएं, तो सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी कमी आएगी और हजारों जानें बचाई जा सकती हैं।