पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। दशकों के इंतजार के बाद बंगाल में ‘भगवा क्रांति’ अपने मुकाम पर पहुंच गई है। कोलकाता में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से शुभेंदु अधिकारी के नाम पर मुख्यमंत्री पद की मुहर लग गई है। खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके नाम का ऐलान किया। यह वही शुभेंदु अधिकारी हैं, जिन्होंने भवानीपुर की हाई-प्रोफाइल जंग में ममता बनर्जी को 15 हजार से ज्यादा वोटों से शिकस्त देकर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है।
9 मई को जब पूरा बंगाल रवींद्र जयंती मना रहा होगा, उसी पावन अवसर पर सुबह 11 बजे कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह समेत देश के कई दिग्गज नेता शामिल होंगे।
शुभेंदु अधिकारी: नंदीग्राम के बाद भवानीपुर के भी ‘जायंट किलर’
शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पीछे सबसे बड़ा तर्क उनकी ‘अजेय’ छवि है। निशिथ प्रमाणिक ने बैठक के दौरान कहा भी कि “ममता को दो बार हराने वाला ही सीएम बनना चाहिए।” शुभेंदु न केवल संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं, बल्कि उन्होंने जमीन पर ममता बनर्जी के खिलाफ सीधी लड़ाई लड़कर भाजपा कार्यकर्ताओं में जोश भरा है। अमित शाह ने बताया कि इस बार भाजपा की लहर इतनी प्रचंड थी कि पार्टी के विधायकों की जीत का औसत 28 हजार वोट रहा है।
घुसपैठ पर प्रहार और श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना
विधायक दल की बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि आज बंगाल में भाजपा की सरकार बनना डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। शाह ने दो टूक शब्दों में कहा, “जिस तरह हमने असम में घुसपैठ रोकी है, अब बंगाल में भी अवैध घुसपैठ को पूरी तरह नामुमकिन बना दिया जाएगा।” शाह ने बंगाल के गौरव को याद करते हुए कहा कि “बंगाल जो आज सोचता है, भारत वो कल सोचता है”, और अब वो पुराना गौरव वापस लौट रहा है।
दो डिप्टी सीएम और नई कैबिनेट का समीकरण
सूत्रों की मानें तो शुभेंदु अधिकारी के साथ राज्य में दो उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाए जा सकते हैं। राजनीतिक संतुलन साधने के लिए इनमें से एक महिला डिप्टी सीएम का होना करीब-करीब तय माना जा रहा है। राज्यपाल आरएन रवि ने पहले ही पुरानी विधानसभा को भंग कर दिया है, जिससे नई सरकार के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। कोलकाता के नोवोटेल होटल से लेकर विधानसभा तक, हर तरफ नई सरकार के स्वागत की भव्य तैयारियां चल रही हैं।
रीडर इम्पैक्ट: आम जनता को क्या मिलेगा?
भाजपा सांसदों और विधायकों का दावा है कि बंगाल की जनता को अब ‘सिंडिकेट राज’ और डर के माहौल से आजादी मिलेगी। सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो के शब्दों में, “अगले 24 घंटों में बंगाल में एक नया सूरज उगेगा और जनता को पाकिस्तान जैसी स्थिति से मुक्ति मिलेगी।” विकास के नए युग और ‘सोनार बांग्ला’ के पुनर्निर्माण का वादा ही इस नई सरकार की प्राथमिकता होगी।
शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री चुना जाना बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत है। भवानीपुर के रण से निकलकर नवान्न (सचिवालय) की कुर्सी तक का उनका सफर संघर्षों से भरा रहा है। अब चुनौती है 7 लाख करोड़ के कर्ज में डूबे राज्य को पटरी पर लाने और कानून-व्यवस्था को सुधारने की। कल सुबह 11 बजे पूरा देश बंगाल के इस ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बनेगा।
FAQ SECTION:
1. शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ कब और कहां लेंगे?
शुभेंदु अधिकारी कल यानी 9 मई को सुबह 11 बजे कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
2. शपथ ग्रहण के लिए 9 मई का दिन ही क्यों चुना गया?
9 मई को पश्चिम बंगाल में रवींद्र जयंती (गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती) मनाई जाती है। इस पावन और शुभ अवसर पर नई सरकार की शुरुआत को ऐतिहासिक बनाने के लिए यह दिन चुना गया है।
3. क्या बंगाल सरकार में उपमुख्यमंत्री भी होंगे?
सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा है, जिनमें से एक महिला उपमुख्यमंत्री हो सकती हैं ताकि सामाजिक समीकरणों को साधा जा सके।

