PM Svanidhi Yojana: कोरोना महामारी के उस मुश्किल दौर को कौन भूल सकता है, जब देश भर में लगे लॉकडाउन ने करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी छीन ली थी। सबसे ज्यादा मार उन छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों पर पड़ी थी, जिनका पूरा कारोबार ही ठप हो गया था। ऐसे बेबस और लाचार लोगों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार एक मसीहा बनकर सामने आई और प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि यानी पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत की। इस योजना ने डूबते हुए कारोबारों को न सिर्फ सहारा दिया, बल्कि लाखों लोगों को फिर से अपने पैरों पर खड़ा होने की हिम्मत दी।

अब, मोदी सरकार ने इस गेम-चेंजर योजना को और भी बड़ा और बेहतर बनाने का फैसला किया है। पहले जहां इस स्कीम के तहत बिना गारंटी के 80,000 रुपये तक का लोन मिलता था, अब उस लिमिट को बढ़ा दिया गया है। जी हां, अब लाभार्थियों को अपना बिजनेस खड़ा करने या बढ़ाने के लिए पूरे 90,000 रुपये तक का गारंटी-फ्री लोन मिलेगा! और तो और, इस योजना की डेडलाइन को भी बढ़ाकर 31 मार्च 2030 तक कर दिया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें।
अब 2030 तक मिलेगा फायदा, 1.15 करोड़ लोगों की बदलेगी किस्मत

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम स्वनिधि योजना के इस विस्तार को मंजूरी दे दी है, जिससे देश के करोड़ों रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे दुकानदारों ने राहत की सांस ली है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से 1.15 करोड़ स्ट्रीट वेंडर्स को सीधा लाभ मिलेगा, जिसमें 50 लाख नए लाभार्थी भी शामिल होंगे। इस योजना का संचालन आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय और वित्त सेवा विभाग मिलकर 31 मार्च 2030 तक करेंगे, जिस पर सरकार लगभग 7,332 करोड़ रुपये खर्च करेगी। यह दिखाता है कि सरकार जमीनी स्तर पर छोटे व्यापारियों को मजबूत करने के लिए कितनी प्रतिबद्ध है।
अब ऐसे मिलेगा 90,000 रुपये का लोन: समझिए पूरा गणित
सरकार ने सिर्फ डेडलाइन ही नहीं बढ़ाई, बल्कि लोन देने की प्रक्रिया और राशि में भी बड़ा बदलाव किया है। पहले जहां 10,000, 20,000 और 50,000 रुपये की तीन किस्तों में लोन मिलता था, वहीं अब नई व्यवस्था के तहत:
-
पहला चरण: बिजनेस शुरू करने के लिए 15,000 रुपये का लोन मिलेगा।
-
दूसरा चरण: पहले लोन को समय पर चुकाने के बाद आपकी साख बन जाएगी और आप 25,000 रुपये के दूसरे लोन के लिए योग्य हो जाएंगे।
-
तीसरा चरण: दूसरे लोन को भी सफलतापूर्वक चुकाने के बाद, आप सबसे बड़े यानी 50,000 रुपये के तीसरे लोन को एकमुश्त पा सकते हैं।
इस योजना की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 30 जुलाई 2025 तक, 68 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को 96 लाख से ज्यादा लोन के रूप में 13,797 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं।
सिर्फ आधार कार्ड लाएं, बिना गारंटी लोन ले जाएं

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 100% गारंटी-फ्री है। आपको लोन लेने के लिए किसी भी तरह की संपत्ति गिरवी रखने या किसी गारंटर की जरूरत नहीं है। आपके पास बस आपका आधार कार्ड होना चाहिए और आप इस लोन को आसानी से पा सकते हैं। शर्त बस इतनी है कि आपको लोन की रकम को तय समय के भीतर चुकाना होता है। नियम के अनुसार, लोन की राशि को आप एक साल के अंदर आसान मासिक किस्तों (EMI) में चुका सकते हैं।
लोन के साथ-साथ RuPay क्रेडिट कार्ड और बंपर कैशबैक भी!
मोदी सरकार की यह योजना सिर्फ लोन तक ही सीमित नहीं है। सरकार डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए कई अतिरिक्त फायदे भी दे रही है:
-
RuPay क्रेडिट कार्ड: जो लाभार्थी अपना दूसरा लोन समय पर चुका देंगे, उन्हें UPI-लिंक्ड RuPay क्रेडिट कार्ड भी दिया जाएगा। इस कार्ड से वे अपनी व्यावसायिक और व्यक्तिगत जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकेंगे।
-
डिजिटल कैशबैक: छोटे व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट के लिए प्रोत्साहित करने के लिए रिटेल और थोक लेनदेन पर 1,600 रुपये तक का शानदार डिजिटल कैशबैक भी मिलेगा।
यह योजना सही मायनों में छोटे व्यापारियों के लिए एक वरदान है, जो न केवल उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि उन्हें देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी बना रही है।

