Gold Silver price : सोने-चांदी की कीमतों में ‘महा-गिरावट’ •

Gold Silver price : साल 2025 का अंत और 2026 की शुरुआत भारतीय सराफा बाजार के लिए किसी डरावने सपने से कम नहीं रही है। कुछ ही दिन पहले जो सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर आसमान छू रहे थे, उनमें अब जबरदस्त गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया है। 1 जनवरी 2026 को बाजार खुलते ही कीमती धातुओं के दाम जिस तरह नीचे गिरे, उसने न केवल आम खरीदारों बल्कि शेयर बाजार के निवेशकों की भी धड़कनें तेज कर दी हैं।

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रिकॉर्ड ऊंचाई से धड़ाम हुआ बुलियन मार्केट
आपको जानकर हैरानी होगी कि एमसीएक्स (MCX) पर चांदी ने साल 2025 के आखिरी हफ्ते में 2,54,174 रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर छुआ था। लेकिन नए साल के पहले कारोबारी दिन यानी गुरुवार को यह टूटकर 2,33,850 रुपये पर आ गई। यानी कुछ ही दिनों में चांदी की कीमतों में करीब 20,000 रुपये से ज्यादा की भारी गिरावट देखी गई।

यही हाल सोने का भी है। जो सोना 1,40,465 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया था, वह गुरुवार को लुढ़ककर 1,35,080 रुपये तक आ गया है। इस गिरावट ने उन लोगों को बड़ी राहत दी है जो शादी-ब्याह के सीजन के लिए खरीदारी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन निवेशकों के लिए यह चिंता का विषय बन गया है।

सरकारी शेयर MMTC की भी टूटी कमर
सोने और चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट का सीधा असर शेयर बाजार पर भी पड़ा है। सरकारी कंपनी MMTC लिमिटेड, जिसकी बुलियन ट्रेडिंग और रिफाइनिंग (MMTC-PAMP के जरिए) में बड़ी हिस्सेदारी है, उसके शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई।

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  • बीते मंगलवार को यह स्टॉक करीब 5% तक फिसला था।

  • 2026 के पहले कारोबारी दिन गुरुवार को भी इसमें 2% की गिरावट आई और यह 65.92 रुपये के स्तर पर आ गया।

चूंकि MMTC का पूरा कारोबार सोने-चांदी के ट्रेडिंग वॉल्यूम और कीमतों पर निर्भर करता है, इसलिए कीमती धातुओं में मंदी आते ही इस स्टॉक में निवेशकों ने अपना मुनाफा वसूलना (Profit Booking) शुरू कर दिया।

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क्यों गिर रहे हैं दाम? क्या यह सिर्फ शुरुआत है?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी में यह गिरावट ‘प्रॉफिट टेकिंग’ की वजह से है। साल भर चली रिकॉर्ड तेजी के बाद अब निवेशक अपना मुनाफा घर ले जा रहे हैं। इससे पहले वैश्विक बाजार में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों और कमजोर होते रुपये ने कीमतों को हवा दी थी। खासतौर पर चांदी को सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के सेक्टर से मिल रही मांग ने इसे ढाई लाख के पार पहुंचाया था। लेकिन अब साल के अंत की अस्थिरता और कीमतों में सुधार (Correction) ने मार्केट सेंटीमेंट को बदल दिया है।

क्या आपको अब खरीदारी करनी चाहिए?
अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह गिरावट आपके लिए एक मौका हो सकती है। हालांकि, बाजार में अभी अस्थिरता बनी रहने की संभावना है। विशेषज्ञों की सलाह है कि बाजार के स्थिर होने का इंतजार करें और किश्तों में निवेश करें।

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