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Join NowUP Medical College List: एक समय था जब उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यूपी ने जो रफ्तार पकड़ी है, उसने न केवल देश बल्कि दुनिया के सामने एक मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने हाल ही में प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे में आए ‘महा-परिवर्तन’ का कच्चा चिट्ठा जनता के सामने रखा है, जो किसी चमत्कार से कम नहीं लगता।
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17 से 81 का अविश्वसनीय सफर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि आज से ठीक 10 वर्ष पहले तक उत्तर प्रदेश की हालत यह थी कि इतने बड़े राज्य में सरकारी स्तर पर मात्र 17 मेडिकल कॉलेज ही संचालित थे। संसाधनों की कमी और इच्छाशक्ति के अभाव ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को आईसीयू में डाल रखा था।
लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की योगी सरकार की ‘डबल इंजन’ शक्ति के संयुक्त प्रयासों से उत्तर प्रदेश में आज 81 मेडिकल कॉलेज सफलतापूर्वक चल रहे हैं। कहाँ 17 और कहाँ 81—यह आंकड़ा बताता है कि यूपी अब बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर निकलकर ‘हेल्थ हब’ बनने की ओर अग्रसर है।
2 AIIMS: यूपी की नई पहचान
सिर्फ मेडिकल कॉलेज ही नहीं, उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार 2 एम्स (AIIMS)—एक गोरखपुर में और दूसरा रायबरेली में—पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले नागरिकों को अब दिल्ली या मुंबई भागने की जरूरत नहीं है। विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं अब उनके अपने प्रदेश में, उनके पास उपलब्ध हैं।
‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ का विजन
योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य अब और भी बड़ा है। ‘एक जनपद, एक मेडिकल कॉलेज’ की नीति पर काम करते हुए सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि उत्तर प्रदेश का हर जिला अपने आप में चिकित्सा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने। इससे न केवल मरीजों को इलाज मिल रहा है, बल्कि हजारों युवाओं को डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने का मौका भी मिल रहा है। मेडिकल सीटों में हुई रिकॉर्ड वृद्धि ने यूपी को मेडिकल शिक्षा का नया केंद्र बना दिया है।
जनता को क्या हुआ फायदा?
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन प्रयासों का सीधा लाभ आम आदमी को मिल रहा है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ने से गरीबों को मुफ्त और सस्ता इलाज मिल रहा है। गंभीर बीमारियों के लिए अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम हर क्षेत्र में उपलब्ध है। यह स्वास्थ्य क्रांति आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ उत्तर प्रदेश की नींव रख रही है।










