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Join NowUP Weather Update: उत्तर प्रदेश में गर्मी ने अभी अपने तेवर दिखाने शुरू ही किए थे कि अचानक मौसम विभाग की एक चेतावनी ने सबकी धड़कनें तेज कर दी हैं। अगर आप यूपी के निवासी हैं, तो सावधान हो जाइए. आने वाली 8 अप्रैल को प्रदेश का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों के बीच अब आसमान से आफत बरसने की आशंका है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के लगभग सभी प्रमुख हिस्सों में भारी उथल-पुथल को लेकर ‘ऑरेंज’ और ‘येलो’ अलर्ट जारी कर दिया है।
60 किमी की रफ्तार: जब धूल के गुबार में गुम हो जाएगा शहर
सबसे ज्यादा चिंता की बात हवा की रफ्तार है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश के एक बड़े हिस्से में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं यानी ‘महातूफान’ चलने की प्रबल संभावना है। इसके लिए विभाग ने बाकायदा ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि यह आंधी इतनी तेज हो सकती है कि कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है।
इन जिलों में दिखेगा ‘ऑरेंज अलर्ट’ का असर:
बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, मेरठ, गाजियाबाद और सहारनपुर समेत दर्जनों जिलों में तेज हवाएं तांडव मचा सकती हैं।
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बारिश का ‘येलो अलर्ट’: किसानों की बढ़ी चिंता
आंधी के साथ-साथ गरज-चमक के साथ बारिश की भी पूरी संभावना है। पूर्वी यूपी से लेकर पश्चिमी यूपी तक, शायद ही कोई ऐसा कोना बचेगा जहाँ बादलों की आवाजाही न हो। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, और झांसी जैसे जिलों में झमाझम बारिश हो सकती है।
यह बदलाव जहां आम लोगों को तपती गर्मी से अस्थायी राहत देगा, वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। खेतों में खड़ी या कटी रखी फसल के लिए यह बारिश और आंधी किसी बड़ी तबाही से कम नहीं है।
आम जनजीवन पर क्या होगा असर?
प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि 8 अप्रैल को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। पुराने पेड़ों या जर्जर इमारतों के नीचे आश्रय न लें। बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाए रखें। तापमान में अचानक आने वाली इस गिरावट से सेहत पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। क्या यह कुदरत का सिर्फ एक बदलाव है या ग्लोबल वार्मिंग का कोई बड़ा संकेत? खैर, जो भी हो, फिलहाल यूपी वालों के लिए आने वाला समय सतर्क रहने का है।









