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Join NowMost valuable currency: जब भी हम दौलत, शोहरत और ताकत की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहली तस्वीर अमेरिकी डॉलर ($) की चमकती है। हॉलीवुड फिल्मों से लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार तक, हर जगह डॉलर का ही सिक्का चलता है। लेकिन क्या होगा अगर हम आपसे कहें कि जिस डॉलर को आप दुनिया का ‘सुल्तान’ समझते हैं, वह असल में दुनिया की सबसे महंगी करेंसी की रेस में टॉप-5 में भी नहीं आता?
जी हां, सुनकर चौंक गए न? लेकिन यह हकीकत है। दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं जिनकी मुद्रा (Currency) की कीमत सुनकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। आज हम डॉलर के उस भ्रम को तोड़ेंगे और आपको ले चलेंगे उन देशों की सैर पर जहां का एक नोट भारत में हजारों रुपये के बराबर है।
डॉलर आखिर सबसे महंगा क्यों नहीं?
अक्सर लोग यह मान बैठते हैं कि जिस देश की करेंसी सबसे महंगी है, वही सबसे ताकतवर है। लेकिन अर्थशास्त्र का गणित थोड़ा अलग है। किसी भी देश की करेंसी की वैल्यू उसकी सरकार की मौद्रिक नीति, विदेशी मुद्रा भंडार, तेल और गैस के भंडार और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी डिमांड पर टिकी होती है। अमेरिकी डॉलर दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली मुद्रा तो है, लेकिन ‘वैल्यू’ के मामले में वह कई छोटे देशों से बहुत पीछे है।
1. कुवैती दिनार: दुनिया का असली ‘सुल्तान’
अगर दुनिया की सबसे मजबूत करेंसी का ताज किसी के सिर सजता है, तो वह है कुवैती दिनार (KWD)। आप अंदाजा लगाइए, जहां एक डॉलर की कीमत भारत में 84-85 रुपये के आसपास रहती है, वहीं एक कुवैती दिनार की कीमत 290 रुपये से भी ज्यादा है। कुवैत के पास तेल का अगाध भंडार है और वहां की सरकार ने अपनी करेंसी की सप्लाई को बहुत सीमित रखा है, यही वजह है कि यह सालों से नंबर वन पर काबिज है।
2. बहरीन और ओमान: तेल की ताकत का जादू
कुवैत के नक्शेकदम पर चलते हुए बहरीन दिनार (BHD) और ओमानी रियाल (OMR) ने भी अपनी बादशाहत कायम रखी है। एक बहरीन दिनार की कीमत भारतीय रुपये में लगभग 230 रुपये से ज्यादा है। वहीं, ओमान का रियाल भी 235 से 240 रुपये के बीच झूलता रहता है। इन देशों ने अपनी इकोनॉमी को तेल के निर्यात से इतना मजबूत कर लिया है कि इनकी करेंसी को हिला पाना नामुमकिन सा लगता है।
3. ब्रिटिश पाउंड और जॉर्डनियन दिनार: पुरानी पहचान और स्थिरता
इंग्लैंड का ब्रिटिश पाउंड (£) दुनिया की सबसे पुरानी और भरोसेमंद मुद्राओं में से एक है। लंदन का ग्लोबल फाइनेंशियल हब होना इसकी सबसे बड़ी ताकत है। भारत में एक पाउंड की कीमत करीब 120 रुपये के आसपास रहती है। वहीं, जॉर्डन जैसे छोटे देश की मुद्रा जॉर्डनियन दिनार भी डॉलर को कड़ी टक्कर देती है और इसकी कीमत लगभग 125 रुपये से अधिक है।
4. स्विस फ्रैंक और यूरो: सुरक्षा का प्रतीक
स्विट्जरलैंड की बैंकिंग व्यवस्था पर पूरी दुनिया भरोसा करती है। यही वजह है कि स्विस फ्रैंक को दुनिया की सबसे सुरक्षित करेंसी माना जाता है। इसकी कीमत 110 रुपये से ज्यादा है। वहीं, यूरोप के 20 से ज्यादा देशों में चलने वाला यूरो (€) भी डॉलर से हमेशा महंगा ही रहता है।
वैल्यू और ताकत का असली खेल
अब आपके मन में सवाल आएगा कि अगर ये करेंसी इतनी महंगी हैं, तो दुनिया पर राज डॉलर क्यों करता है? इसका जवाब है ‘एक्सेप्टेबिलिटी’ यानी स्वीकार्यता। दुनिया का 80% से ज्यादा व्यापार डॉलर में होता है। तेल की खरीद-बिक्री से लेकर सोने के भाव तक, सब डॉलर में तय होते हैं। कुवैती दिनार भले ही महंगा हो, लेकिन आप उसे हर देश के बाजार में आसानी से नहीं चला सकते। दुनिया की सबसे महंगी करेंसी होना एक बात है और सबसे ताकतवर होना दूसरी। लेकिन यह सच है कि कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देशों की मुद्राओं ने डॉलर के घमंड को हमेशा आईना दिखाया है। अगली बार जब आप डॉलर को सबसे महंगा कहें, तो एक बार कुवैती दिनार का रेट जरूर चेक कर लीजिएगा!










