Donald Trump: क्या भारत को भुगतनी होगी ईरान से दोस्ती की सजा? 75% टैक्स का खतरा

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फैसले ने पूरी दुनिया के बाजारों में खलबली मचा दी है। ट्रंप ने अब सीधा निशाना उन देशों पर साधा है जो ईरान के साथ व्यापारिक रिश्ते रखे हुए हैं। आइए जानते हैं कि ट्रंप के इस कड़े फैसले का भारत पर क्या और कितना असर होने वाला है।

Most visited destinations 2026: 66 करोड़ लोग एक साथ? 2025 के इन 5 डेस्टिनेशंस ने पूरी दुनिया को चौंका दिया, क्या आपने ‘स्वर्ग’ के दर्शन किए?

ट्रंप की सीधी चेतावनी: व्यापार करना पड़ेगा भारी
डोनाल्ड ट्रंप अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति और सख्त फैसलों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक ऐसी घोषणा की जिसने अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत की नींद उड़ा दी है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जो भी देश ईरान के साथ कारोबार जारी रखेगा, उसे अमेरिका को 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ (Tariff) चुकाना होगा।

Reliance AGM: चश्मा पहनो, दुनिया बदलो, जियो का सीक्रेट हथियार ‘Jio Frames’ लॉन्च, Meta की उड़ी नींद

ट्रंप का यह कदम ईरान सरकार पर आर्थिक दबाव बनाने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। दरअसल, ईरान में पिछले दो हफ्तों से हिंसक प्रदर्शनों का दौर जारी है। ट्रंप इन प्रदर्शनों को लेकर लगातार ईरान सरकार को चेतावनी दे रहे थे, और अब उन्होंने आर्थिक चोट करने का फैसला लिया है।

भारत पर मंडराया 75% टैरिफ का खतरा!
यह खबर भारत के लिए चिंता का विषय इसलिए है क्योंकि भारत और ईरान के बीच पुराने व्यापारिक संबंध हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि रूस से तेल खरीदने के मामले में अमेरिका पहले ही भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत तक का टैरिफ लगा चुका है। अब अगर ईरान के साथ व्यापार करने पर यह 25 प्रतिशत का नया टैरिफ भी लागू हो जाता है, तो भारतीय सामानों पर कुल टैक्स का बोझ बढ़कर 75% तक पहुंच सकता है।

सोचिए, अगर किसी देश को अपने माल पर 75% टैक्स देना पड़े, तो वहां का व्यापार कितना बुरी तरह प्रभावित होगा। भारत और अमेरिका पिछले कई महीनों से टैरिफ में राहत पाने के लिए बातचीत कर रहे थे, लेकिन ट्रंप के इस नए ऐलान ने उन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

ईरान-भारत व्यापार का गणित (2024-25)
ईरान में भारतीय दूतावास के आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और ईरान के बीच कुल व्यापार 1.68 अरब डॉलर (लगभग 15,000 करोड़ रुपये) का रहा।

  • भारत का निर्यात: 1.24 अरब डॉलर

  • भारत का आयात: 0.44 अरब डॉलर

भारत ईरान को मुख्य रूप से ऑर्गेनिक केमिकल्स (512.92 मिलियन डॉलर) का निर्यात करता है। इसके अलावा हमारे सूखे मेवे (Dry Fruits), फल और खट्टे फलों का बाजार भी ईरान में काफी बड़ा है। अगर टैरिफ बढ़ता है, तो इन सभी चीजों की कीमतों और मांग पर गहरा असर पड़ेगा।

सिर्फ भारत ही नहीं, चीन और तुर्की भी निशाने पर
ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार चीन है, इसलिए उस पर इसका सबसे ज्यादा असर होगा। हालांकि, भारत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और तुर्की जैसे देश भी ट्रंप के इस फैसले की जद में आएंगे। इन देशों के लिए अब यह चुनना मुश्किल होगा कि वे ईरान के साथ अपनी दोस्ती निभाएं या अमेरिकी बाजार में अपनी पहुंच बचाए रखें।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं निगाहें
क्या ट्रंप का यह फैसला कानूनी रूप से सही है? इस पर अब अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट मुहर लगाएगी। बुधवार को कोर्ट यह तय करेगा कि राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए ये वैश्विक टैरिफ कानूनन सही हैं या नहीं। अगर अदालत ट्रंप के खिलाफ फैसला देती है, तो उनकी यह टैरिफ वाली तलवार कमजोर पड़ सकती है। डोनाल्ड ट्रंप का यह फैसला न केवल ईरान बल्कि भारत जैसे उभरते हुए बाजारों के लिए भी एक बड़ी चुनौती है। आने वाले कुछ दिन वैश्विक अर्थव्यवस्था और कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं। क्या भारत अपनी कूटनीति से अमेरिका को मनाने में कामयाब होगा, या हमें इस व्यापार युद्ध की बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी?

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles