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Join NowJaipur Tourism News : राजस्थान की राजधानी और ‘पिंक सिटी’ के नाम से मशहूर जयपुर (Jaipur) अपनी ऐतिहासिक विरासत और किलों के लिए दुनिया भर में जानी जाती है। नए साल 2026 का जश्न मनाने और लॉन्ग वीकेंड का लुत्फ उठाने के लिए हजारों की संख्या में टूरिस्ट्स जयपुर पहुंचे हैं, लेकिन यहाँ आते ही उन्हें एक तगड़ा झटका लगा है। राजस्थान के पुरातत्व विभाग (Archaeological Department) ने 1 जनवरी 2026 से जयपुर के सभी प्रमुख पर्यटक स्थलों की एंट्री फीस में भारी बढ़ोतरी कर दी है।
आमेर किले से लेकर हवा महल तक, सब कुछ हुआ महंगा
अगर आप जयपुर के विश्व प्रसिद्ध आमेर किले (Amer Fort) की खूबसूरती को निहारने की सोच रहे हैं, तो अब आपको अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी होगी। पहले जहाँ यहाँ की एंट्री टिकट 100 रुपये की थी, उसे अब बढ़ाकर सीधा 200 रुपये कर दिया गया है। यानी अब आमेर किले का दीदार दोगुना महंगा हो गया है। सिर्फ आमेर ही नहीं, बल्कि जयपुर के अन्य रत्न जैसे अल्बर्ट हॉल (Albert Hall), नाहरगढ़ किला (Nahargarh Fort), जंतर मंतर (Jantar Mantar) और हवा महल (Hawa Mahal) की टिकटें भी महंगी हो गई हैं। इन स्थानों पर पहले एंट्री फीस 50 रुपये थी, जो अब बढ़कर 100 रुपये हो गई है। इसके अलावा, जो पर्यटक दो दिनों का कंपोजिट टिकट (Composite Ticket) लेते थे, उन्हें अब इसके लिए 550 रुपये चुकाने होंगे।
छात्रों और विदेशी पर्यटकों पर भी पड़ी मार
हैरानी की बात यह है कि इस फीस बढ़ोतरी से छात्रों को भी राहत नहीं दी गई है। आमेर के किले में छात्रों को पहले जहाँ केवल 22 रुपये देने पड़ते थे, अब उन्हें 50 रुपये देने होंगे, जो कि दोगुने से भी ज्यादा है। इसके साथ ही विदेशी पर्यटकों की एंट्री फीस में भी इजाफा किया गया है, जिससे राजस्थान पर्यटन (Rajasthan Tourism) के बजट पर असर पड़ना तय है।
10 साल बाद बढ़ाए गए दाम: विभाग की दलील
पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टिकटों के दाम में यह बढ़ोतरी पूरे 10 साल के लंबे अंतराल के बाद की गई है। रखरखाव और स्मारकों की सुरक्षा के बढ़ते खर्चों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, विभाग की इस दलील से न तो पर्यटक खुश हैं और न ही स्थानीय टूरिस्ट गाइड।
गाइड्स और पर्यटकों में भारी नाराजगी
जयपुर के इतिहास से रूबरू कराने वाले टूरिस्ट गाइड्स (Tourist Guides) इस फैसले से काफी चिंतित हैं। उनका मानना है कि टिकट की कीमतें अचानक दोगुनी होने से स्थानीय पर्यटकों (Local Tourists) की संख्या में भारी कमी आ सकती है। इससे उनकी रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा हो सकता है।
पर्यटकों का तर्क है कि जयपुर की विरासत पूरी दुनिया की है, और इसे देखने पर सिर्फ पैसों की वजह से पाबंदी नहीं लगनी चाहिए। ज्यादा भीड़ होने पर सरकार को पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कीमतों को स्थिर रखना चाहिए था, न कि उन्हें बढ़ाकर पर्यटकों का उत्साह कम करना चाहिए। अगर आप भी इस सीजन में जयपुर यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अपना बजट इन नई दरों के हिसाब से ही तैयार करें।










