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Join NowAI Impact Summit: आज पूरी दुनिया की नजरें भारत पर टिकी हैं। AI Impact Summit का चौथा दिन न केवल ऐतिहासिक रहा, बल्कि इसने भारत के भविष्य की एक नई तस्वीर दुनिया के सामने रख दी है। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया और क्वालकॉम जैसी ग्लोबल दिग्गज कंपनियों ने भारत को अपना अगला सबसे बड़ा ‘AI हब’ बनाने की तैयारी कर ली है। इस समिट के दौरान जो निवेश (Investment) के आंकड़े सामने आए हैं, वे किसी के भी रोंगटे खड़े करने के लिए काफी हैं।
सुंदर पिचाई का ‘मास्टरस्ट्रोक’: $15 बिलियन का निवेश और विशाखापत्तनम का कायाकल्प
बुधवार का दिन भारत के लिए स्वर्णिम रहा जब गूगल (Google) के सीईओ सुंदर पिचाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पिचाई ने ऐलान किया कि गूगल अगले 5 साल में भारत में करीब 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगा।
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इस प्रोजेक्ट का सबसे रोमांचक हिस्सा है आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में बनने वाला मेगा AI डेटा सेंटर। यह केवल एक बिल्डिंग नहीं होगी, बल्कि भारत का सबसे बड़ा ‘AI हब’ होगा, जहाँ बड़े-बड़े AI मॉडल की ट्रेनिंग होगी और क्लाउड कंप्यूटिंग के जरिए देश की डिजिटल ताकत को कई गुना बढ़ाया जाएगा। गूगल डीपमाइंड के चीफ डेमिस हासाबिस की भारत में मौजूदगी यह साफ करती है कि गूगल अब भारत को सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि अपना इनोवेशन सेंटर मान रहा है।
माइक्रोसॉफ्ट का ₹4 लाख करोड़ का दांव: ग्लोबल साउथ का नेतृत्व करेगा भारत
सिर्फ गूगल ही नहीं, माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने भी इस समिट में धमाका कर दिया है। कंपनी ने ऐलान किया कि वह ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) में अगले चार साल के दौरान 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगी। भारत इस मिशन का केंद्र बिंदु होने वाला है। पिछले साल भी माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में 17.5 बिलियन डॉलर के निवेश की बात कही थी। इस भारी-भरकम राशि का इस्तेमाल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किलिंग के लिए किया जाएगा, जिससे करोड़ों युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
एनवीडिया और L&T: भारत में लगेगी ‘एआई की फैक्ट्री’
एआई की दुनिया के ‘किंग’ कहे जाने वाले एनवीडिया (Nvidia) ने भारतीय कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के साथ हाथ मिलाया है। ये दोनों कंपनियां मिलकर भारत में एक ‘मेगा AI फैक्ट्री’ बनाने की योजना बना रही हैं। इसके साथ ही, योट्टा डेटा सर्विसेज (Yotta Data Services) ने भी एनवीडिया के लेटेस्ट चिप्स पर 2 अरब डॉलर खर्च करने का ऐलान किया है। इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में भारत को एआई चिप्स के लिए दुनिया के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा।
भारतीय स्टार्टअप ‘Neysa AI’ ने रचा इतिहास
इस समिट में सिर्फ विदेशी कंपनियां ही नहीं, बल्कि भारतीय स्टार्टअप्स ने भी अपना लोहा मनवाया। Neysa AI नाम के एक भारतीय स्टार्टअप ने 1.2 बिलियन डॉलर (करीब 10,000 करोड़ रुपये) की बड़ी फंडिंग जुटाकर सबको हैरान कर दिया। खास बात यह है कि इसमें दुनिया के सबसे बड़े निवेशक ब्लैकस्टोन (Blackstone) ने भी पैसा लगाया है। Neysa कोई साधारण चैटबॉट कंपनी नहीं है, बल्कि यह वह ‘टेक्निकल स्ट्रक्चर’ तैयार कर रही है जिस पर भविष्य की पूरी एआई दुनिया टिकी होगी।
क्या भारत बनेगा ‘AI का विश्वगुरु’?
AI Impact Summit के इन चार दिनों ने यह साबित कर दिया है कि आने वाला समय भारत का है। हर हाथ में स्मार्टफोन और हर जगह क्रिएटर्स के साथ, अब भारत के पास वो ‘डेटा पॉवर’ है जो दुनिया के किसी और देश के पास नहीं है। अरबों डॉलर का यह निवेश न केवल नौकरियां लाएगा, बल्कि भारत को तकनीक के मामले में आत्मनिर्भर बनाएगा।










