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इजरायल ने युद्ध में AI हथियारों को उतारा

डेस्क । गाजा पट्टी में बीते 79 दिनों से जंग हो रही है और इजराइल एवं हमास के बीच चल रही ये जंग अब ऐसे मोड़ पर आ गई है। जो भविष्य में होने वाली किसी भी लड़ाई की शक्ल और तरीका बदल चुकी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि गाजा की जंग में अब AI हथियारों का इस्तेमाल शुरु हो गया है।

इजराइल की आर्मी हमास के ठिकानों को तबाह करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल भी कर रही है।

इसके बाद अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या अब जंग लड़ने का तरीका भी बदलने वाला है, वहीं भविष्य में युद्ध इंसान और मशीनों के बीच लड़ा जाना है? मगर गाजा के रण का सबसे विध्वंस सबसे घातक चैप्टर अब शुरु हो गया है। एक ऐसा दौर जो ना सिर्फ गाजा का नक्शा बदल सकता है बल्कि भविष्य में होने वाले जंगों की शक्ल और स्वरूप को पूरी तरह से पलटकर भी रख देगा।

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गाजा की जंग में AI की एंट्री के बाद से ही युद्ध ऑटोमेटेड हो गया है, जिसमें एक तरफ इंसान हैं तो दूसरी तरफ मशीनें लड़ रही हैं l इसके साथ ही विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो IDF आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से हमास की सुरंगों और हिडन टारगेट्स को निशाना भी बना रही है। वहीं सिर्फ यही नहीं हमास कमांडर की लोकेशन तक को AI की मदद से ट्रेस कर उन्हें जमीन में दफन किया जा रहा है। 23 दिसंबर को भी IDF ने हमास कमांडर हसन अतराश को मार गिराया था।

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इजराइल का यह दावा है कि इस हमले में हसन अतराश के अलावा भी कई कमांडरों की मौत हो गई है। हसन की मौत को इजराइल बड़ी कामयाबी बता रहा है क्योंकि हसन अतराश हमास के लिए हथियारों की डील करता था। वहीं हमास के लिए हथियारों का इंतजाम करता था और गाजा तक हथियार किस रूट से आएंगे उसकी हर जानकारी हसन अतराश के पास होती थी। वेस्ट बैंक में भी हसन अतराश ही हथियारों को पहुंचाता था।

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दावा है कि हमास कमांडर को मारने के लिए इजरायल ने अपने खास AI वेपन का इस्तेमाल किया और इस हथियार को इजरायल ने हाल ही में विकसित किया है। इजरायली सेना के AI सिस्टम का नाम हाबसोरा है वहीं हाबसोरा दुश्मन के ठिकानों की सटीक लोकेशन का पता लगाने में सक्षम है।

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