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Join NowPMKVY: भारत की विशाल युवा आबादी के लिए बेरोजगारी और सही कौशल की कमी एक बड़ी चुनौती है। इसी समस्या से निपटने और देश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) एक वरदान साबित हो रही है। इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग (STT), जिसका उद्देश्य उन युवाओं को हुनरमंद बनाना है जो या तो अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं या फिर नौकरी की तलाश में हैं। आइए, इस स्कीम के बारे में विस्तार से जानते हैं कि यह कैसे आपके करियर को एक नई दिशा दे सकती है।
क्या है शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग (STT) और यह किसके लिए है?
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत चलाए जाने वाले शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम विशेष रूप से उन भारतीय नागरिकों के लिए डिजाइन किए गए हैं, जो:
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स्कूल या कॉलेज ड्रॉपआउट हैं।
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बेरोजगार हैं और नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स सीखना चाहते हैं।
इस ट्रेनिंग का मुख्य लक्ष्य युवाओं को राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (NSQF) के मानकों के अनुसार प्रशिक्षित करना है, ताकि वे उद्योग की मांगों के लिए तैयार हो सकें।
सिर्फ तकनीकी ट्रेनिंग नहीं, बल्कि सर्वांगीण विकास पर जोर
PMKVY के ट्रेनिंग सेंटर (TCs) में सिर्फ किताबी या तकनीकी ज्ञान ही नहीं दिया जाता, बल्कि उम्मीदवारों के संपूर्ण विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। पाठ्यक्रम में निम्नलिखित महत्वपूर्ण चीजें भी शामिल हैं:
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सॉफ्ट स्किल्स: संवाद करने का तरीका, टीम वर्क, और इंटरव्यू की तैयारी।
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उद्यमिता (Entrepreneurship): खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा।
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वित्तीय और डिजिटल साक्षरता: बैंक खातों का प्रबंधन, ऑनलाइन लेनदेन, और डिजिटल दुनिया की समझ।
यह सर्वांगीण प्रशिक्षण यह सुनिश्चित करता है कि उम्मीदवार न केवल नौकरी के लिए तैयार हों, बल्कि जीवन की चुनौतियों का भी बेहतर ढंग से सामना कर सकें।
ट्रेनिंग के बाद नौकरी की गारंटी?
यह इस स्कीम का सबसे आकर्षक पहलू है। ट्रेनिंग प्रोग्राम को सफलतापूर्वक पूरा करने और मूल्यांकन (Assessment) पास करने के बाद, उम्मीदवारों को बेकार नहीं छोड़ा जाता। ट्रेनिंग प्रदान करने वाली संस्थाएं (Training Providers) उन्हें रोजगार मेलों (Placement Assistance) के माध्यम से नौकरी खोजने में सक्रिय रूप से मदद करती हैं, जिससे उन्हें अपनी योग्यता के अनुसार सही अवसर मिल सकें।
नए और अनुभवी—सबके लिए अवसर
शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग (STT) को केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों पर लागू किया गया है और इसमें दो तरह के प्रावधान हैं:
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फ्रेश स्किलिंग (Fresh Skilling): यह उन युवाओं के लिए है जो पहली बार कोई профессиональный (पेशेवर) कौशल सीख रहे हैं।
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रीस्किलिंग (Reskilling): यह उन लोगों के लिए है जिनके पास पहले से कोई हुनर (औपचारिक या अनौपचारिक) है, लेकिन वे बदलते समय के साथ अपने कौशल को और बेहतर बनाना या अपग्रेड करना चाहते हैं।
अब विदेश में नौकरी का सपना होगा साकार!
PMKVY 3.0 के तहत अब इस योजना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाने की तैयारी है। पाठ्यक्रम में अंग्रेजी, रोजगार योग्यता और उद्यमिता (EEE) मॉड्यूल को विशेष रूप से शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा, ऐड-ऑन ब्रिज कोर्स और विदेशी भाषा पाठ्यक्रम शुरू करने की भी योजना है, ताकि भारतीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के लिए तैयार किया जा सके और उनके लिए विदेशों में रोजगार के अवसर खुल सकें।
क्या यह ट्रेनिंग मुफ्त है? जानिए फीस का सच
PMKVY 3.0 का उद्देश्य उच्च-स्तरीय कौशल (NSQF लेवल 5 और उससे ऊपर) वाले पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देना है, जिनमें कुछ शुल्क लागू हो सकता है। जिन कोर्सेज की उद्योग में अधिक मांग है और जिनमें औसत से अधिक वेतन मिलता है, उनमें शुल्क शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।
हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को हमेशा समर्थन मिलता रहेगा और उनके लिए यह ट्रेनिंग पहले की तरह ही मुफ्त होने की संभावना है।
संक्षेप में, PMKVY की शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग सिर्फ एक कोर्स नहीं, बल्कि भारत के युवाओं के भविष्य को बदलने का एक शक्तिशाली माध्यम है।