Shrabanti Ghosh Case Chittagong: चटगांव में 12 साल की बच्ची की ‘रहस्यमयी’ मौत से सनसनी, क्या पड़ोसियों ने रची खौफनाक साजिश?

Shrabanti Ghosh Case Chittagong: बांग्लादेश के चटगांव (Chittagong) से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। लालखान बाजार इलाके में रहने वाली 12 साल की मासूम श्राबंती घोष (Shrabanti Ghosh) का शव उसके अपने ही घर में संदिग्ध परिस्थितियों में लटका हुआ पाया गया। 4 जनवरी 2026 की रात हुई इस घटना ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दो संदिग्ध पड़ोसियों को हिरासत में लिया है, जिनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है।

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क्या हुआ था उस काली रात? (The Horror Incident)
श्राबंती घोष चौथी कक्षा की छात्रा थी और लालखान बाजार गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल में पढ़ती थी। उसके पिता तपन घोष कोरियाई एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन में सिक्योरिटी गार्ड हैं और काम के सिलसिले में अक्सर घर से बाहर रहते हैं। माँ रोसी घोष एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करती हैं। 4 जनवरी की रात करीब 10 बजे श्राबंती अपने दादा के घर से अकेले अपने कमरे पर लौटी थी।

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आधे घंटे बाद जब उसका दादा छोटे भाई को लेकर घर पहुँचा, तो दरवाजा खुला हुआ था। जैसे ही वे अंदर दाखिल हुए, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। श्राबंती का शव छत के बांस से लटका हुआ था।

माँ की चीख और वो ‘सवाल’ जिसने पुलिस को उलझा दिया
श्राबंती की माँ रोसी घोष का रो-रोकर बुरा हाल है, लेकिन दुख की इस घड़ी में भी उन्होंने एक ऐसी बात की ओर इशारा किया है जो पुलिस के सुसाइड के दावे को चुनौती दे रही है। रोसी घोष ने बताया, “जब मैंने अपनी बेटी को देखा, तो उसके पैर बिस्तर पर टिके हुए थे। अगर कोई खुदकुशी करता है, तो पैर हवा में होते हैं। मेरी बेटी सिर्फ 12 साल की थी, उसे तो सुसाइड का मतलब तक नहीं पता था।”

माँ के इस बयान ने मामले में ‘हत्या’ (Murder) की आशंका को प्रबल कर दिया है। क्या किसी ने श्राबंती की जान लेकर उसे सुसाइड दिखाने की कोशिश की? यह सवाल अब पूरी जांच का केंद्र बन गया है।

RAB की कार्रवाई: दो पड़ोसी हिरासत में (Two Suspects Detained)
7 जनवरी को RAB-7 के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल मोहम्मद तौहीद ने प्रेस को जानकारी दी कि पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर प्रदीप और अजय नाम के दो पड़ोसियों को हिरासत में लिया गया है। ये दोनों घटना के समय उसी बिल्डिंग में मौजूद थे। इनमें से एक संदिग्ध श्राबंती के कमरे के ठीक बगल वाले कमरे में रहता है। पुलिस अब उनकी कॉल डिटेल्स और घटना के समय की गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और सोशल मीडिया का उबाल
खुलशी पुलिस स्टेशन के ओसी जाहेदुल इस्लाम के मुताबिक, श्राबंती के गले पर काले निशान पाए गए हैं, लेकिन शरीर के अन्य हिस्सों पर फिलहाल चोट के निशान नहीं दिखे हैं। पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर श्राबंती के शव की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जहाँ लोग इसे रेप और हत्या का मामला बता रहे हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वे अभी केवल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट (Postmortem Report) का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही मौत की असली वजह—चाहे वह गला घोंटना हो या कुछ और—साफ हो पाएगी।

इंसाफ की मांग (Demand for Justice)
चटगांव के स्थानीय निवासी और श्राबंती का परिवार अब सड़कों पर है और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। एक गरीब परिवार की बच्ची, जिसके माता-पिता दिन-रात मेहनत कर उसे पढ़ाना चाहते थे, उसका इस तरह दुनिया से चले जाना पूरे समाज के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ गया है। क्या यह एक सोची-समझी साजिश थी या कुछ और? पुलिस और आरएबी की संयुक्त जांच ही इस ‘मिस्ट्री’ से पर्दा उठा पाएगी।


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