PMKVY 3.0 विशेष परियोजनाएँ, समाज के कमजोर वर्गों के लिए कौशल विकास की नई दिशा

Published On: August 29, 2025
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PMKVY 3.0 विशेष परियोजनाएँ, समाज के कमजोर वर्गों के लिए कौशल विकास की नई दिशा

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PMKVY 3.0 की विशेष परियोजनाओं के तहत महिला, दिव्यांग, अनुसूचित जाति/जनजाति, और अन्य कमजोर वर्गों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में मार्गदर्शन मिल रहा है।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) का उद्देश्य भारत के युवाओं को उद्योग-सम्बद्ध कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि वे बेहतर आजीविका प्राप्त कर सकें। PMKVY 3.0 के तहत विशेष परियोजनाएँ (Special Projects) एक महत्वपूर्ण पहल हैं, जो समाज के कमजोर और हाशिए पर पड़े वर्गों के लिए कौशल विकास के नए अवसर प्रदान करती हैं।


विशेष परियोजनाओं का उद्देश्य:

विशेष परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य परियोजना-आधारित कौशल हस्तक्षेपों के माध्यम से समाज के कमजोर और हाशिए पर पड़े वर्गों की कौशल आवश्यकताओं को पूरा करना है। इनमें अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला, दिव्यांग व्यक्ति, ट्रांसजेंडर, आर्थिक रूप से पिछड़े लोग, और अन्य ऐसे समूह शामिल हैं जिन्हें सरकार ने कमजोर/हाशिए पर माना है।


प्रमुख विशेषताएँ:

  1. लक्ष्य समूह: विशेष परियोजनाएँ उन समूहों को लक्षित करती हैं जो सामान्य प्रशिक्षण मानकों को पूरा नहीं कर पाते, जैसे कि महिला, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर, और दूरदराज के क्षेत्रों के निवासी।

  2. नवाचारपूर्ण प्रशिक्षण: इन परियोजनाओं में प्रशिक्षण के नए और नवाचारपूर्ण तरीके अपनाए जाते हैं, जो पारंपरिक प्रशिक्षण से भिन्न होते हैं।

  3. स्थानीय आजीविका: स्थानीय बाजार से जुड़ी हुई उद्यमिता के माध्यम से स्थानीय आजीविका के अवसर प्रदान किए जाते हैं।

  4. अंतर्राष्ट्रीय रोजगार: कुछ परियोजनाएँ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी प्रदान करती हैं।


प्रशिक्षण के प्रकार:

विशेष परियोजनाओं के तहत निम्नलिखित प्रकार के प्रशिक्षण प्रदान किए जाते हैं:

  • शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग (STT): यह प्रशिक्षण स्कूल/कॉलेज ड्रॉपआउट्स और बेरोजगार युवाओं के लिए होता है, जो राष्ट्रीय कौशल गुणवत्ता फ्रेमवर्क (NSQF) के तहत होता है।

  • पहचान की पूर्व शिक्षा (RPL): इसमें व्यक्तियों की पूर्व अनुभव और कौशल का मूल्यांकन कर उन्हें प्रमाणित किया जाता है।

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प्रशिक्षण एजेंसियाँ:

विशेष परियोजनाओं को लागू करने के लिए विभिन्न संस्थाएँ पात्र हैं, जैसे कि केंद्र या राज्य सरकार की संस्थाएँ, स्वायत्त निकाय, या कोई अन्य समान निकाय। ये संस्थाएँ प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकती हैं।


निष्कर्ष:

PMKVY 3.0 की विशेष परियोजनाएँ समाज के कमजोर वर्गों के लिए कौशल विकास के नए अवसर प्रदान करती हैं, जिससे उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में मार्गदर्शन मिल रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक को समान अवसर मिलें और वे अपने जीवन को बेहतर बना सकें।


FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):

  1. PMKVY 3.0 की विशेष परियोजनाओं का उद्देश्य क्या है?

    विशेष परियोजनाओं का उद्देश्य समाज के कमजोर और हाशिए पर पड़े वर्गों के लिए कौशल विकास के नए अवसर प्रदान करना है।

  2. इन परियोजनाओं के तहत कौन-कौन से प्रशिक्षण प्रदान किए जाते हैं?

    इन परियोजनाओं के तहत शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग (STT) और पहचान की पूर्व शिक्षा (RPL) जैसे प्रशिक्षण प्रदान किए जाते हैं।

  3. कौन सी संस्थाएँ इन परियोजनाओं को लागू कर सकती हैं?

    केंद्र या राज्य सरकार की संस्थाएँ, स्वायत्त निकाय, या कोई अन्य समान निकाय इन परियोजनाओं को लागू कर सकती हैं।

  4. क्या इन परियोजनाओं के तहत अंतर्राष्ट्रीय रोजगार के अवसर भी प्रदान किए जाते हैं?

    हाँ, कुछ परियोजनाएँ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी प्रदान करती हैं।

  5. इन परियोजनाओं के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए पात्रता क्या है?

    पात्रता के लिए संबंधित समूहों में से होना आवश्यक है, जैसे कि महिला, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर, और दूरदराज के क्षेत्रों के निवासी।

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