PM Kisan: अब खेती के साथ ‘हवा’ से भी पैसा कमाएंगे राजस्थान के किसान, जानें पूरी योजना

Published On: February 16, 2026
Follow Us
PM Kisan: अब खेती के साथ 'हवा' से भी पैसा कमाएंगे राजस्थान के किसान, जानें पूरी योजना

Join WhatsApp

Join Now

PM Kisan: राजस्थान के किसानों के लिए आज का दिन किसी उत्सव से कम नहीं है। प्रदेश की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया और इस बार सबसे बड़ा दांव खेती-किसानी पर खेला गया है। इस बजट ने न केवल किसानों की आर्थिक मजबूती का रास्ता साफ किया है, बल्कि उन्हें नई तकनीक और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने का संकल्प भी दिखाया है।

सालाना 12,000 रुपये: अब किसानों की जेब में होगा ज्यादा पैसा

राजस्थान के करीब 65 लाख पीएम किसान लाभार्थियों के लिए सबसे बड़ी खबर यही है कि अब उन्हें साल भर में मिलने वाली कुल सहायता राशि को बढ़ा दिया गया है।

इसका गणित समझिये:
अभी तक राजस्थान के किसानों को ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ के तहत केंद्र सरकार से 6,000 रुपये मिलते थे और राज्य सरकार अपनी ओर से 3,000 रुपये (सीएम किसान सम्मान निधि) जोड़कर कुल 9,000 रुपये देती थी। लेकिन आज के बजट में बड़ा एलान करते हुए राज्य सरकार के हिस्से को 3000 से बढ़ाकर 6,000 रुपये कर दिया गया है। यानी अब राजस्थान के किसानों को हर साल कुल 12,000 रुपये सीधे बैंक खाते में मिलेंगे।

नोट: यहाँ एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी है! बजट में बताया गया है कि जाँच के दौरान ‘मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि’ की लिस्ट से 6 लाख से ज्यादा अपात्र किसानों के नाम हटाए जा चुके हैं।

तारबंदी से लेकर कार्बन क्रेडिट तक: बजट की 10 बड़ी बातें

वित्त मंत्री दीया कुमारी ने कृषि बजट में 7% की शानदार बढ़ोतरी की है। आइये विस्तार से जानते हैं कि आपके लिए इस पिटारे में और क्या-क्या निकला है:

  1. खेतों की सुरक्षा के लिए ₹228 करोड़: जंगली जानवरों और नीलगाय से फसल बचाने के लिए 20 हजार किलोमीटर की तारबंदी का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए किसानों को भारी सब्सिडी दी जाएगी।

  2. सामुदायिक तारबंदी में छूट: पहले 10 किसानों का समूह होना जरूरी था, जिसे अब घटाकर 7 किसान कर दिया गया है, ताकि छोटे किसानों को फायदा मिल सके।

  3. खेती के औजारों पर सब्सिडी: नए कृषि यंत्र (Agriculture Implements) खरीदने के लिए सरकार ने 160 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

  4. फ्री बीज वितरण: दलहन (Pulses) और तिलहन (Oilseeds) की पैदावार बढ़ाने के लिए 2.50 लाख किसानों को उत्तम गुणवत्ता के बीज मुफ्त या सब्सिडी पर दिए जाएंगे।

  5. कृषि लोन का महा-अभियान: किसानों की जरूरतों के लिए सरकार ₹25,000 करोड़ का कृषि ऋण (Agri Loan) वितरित करेगी। साथ ही सहकारी कृषि और नॉन-फार्मिंग सेक्टर के 590 करोड़ के लोन पर 5% की सब्सिडी दी जाएगी।

  6. दुग्ध उत्पादकों को सहारा: ‘मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना’ के तहत ₹700 करोड़ की सब्सिडी का एलान किया गया है, जिससे सीधे 5 लाख पशुपालकों को लाभ होगा।

  7. सरकारी नौकरियों की बहार: प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों में सालों से खाली पड़े पदों को जल्द भरने की घोषणा की गई है।

  8. कार्बन क्रेडिट योजना (सबसे क्रांतिकारी कदम): राजस्थान के इतिहास में पहली बार ‘कार्बन क्रेडिट पायलट प्रोजेक्ट’ शुरू किया जा रहा है। अब किसान बेहतर कृषि पद्धतियां अपनाकर कार्बन क्रेडिट अर्न कर सकेंगे, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेचकर वे अतिरिक्त कमाई कर पाएंगे।

READ ALSO  PMKVY 3.0 विशेष परियोजनाएँ, समाज के कमजोर वर्गों के लिए कौशल विकास की नई दिशा

जलवायु परिवर्तन से लड़ेंगे राजस्थान के किसान

सरकार अब किसानों को सिर्फ फसल उगाने वाला नहीं, बल्कि ‘चेंज एजेंट’ (Change Agent) मान रही है। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए खेती के तरीकों में बदलाव लाने और ईको-फ्रेंडली फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए विशेष फंड और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।

राजस्थान का यह बजट किसानों को कर्ज के चक्रव्यूह से निकालकर उन्हें आधुनिक तकनीक और बेहतर एमएसपी (MSP) जैसा सपोर्ट देने की कोशिश है। चाहे वो 12,000 रुपये की सम्मान निधि हो या पशुपालकों को मिलने वाली मदद, सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने का प्रयास किया है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now