राजनीति

MP Political News: ये है मध्य प्रदेश की सबसे विवादित सीट 

 

 

डेस्क। MP Political News: मध्य प्रदेश में जब भी लोकसभा चुनाव का जिक्र होता है तब छिंदवाड़ा और रतलाम संसदीय सीट की चर्चा जरूर से होती ही है। ये वही कांग्रेस कि दो परंपरागत सीटें हैं जिन्हें जीतना, बीजेपी के लिए सपना सच होने जैसा है।

 इन्हीं दो हॉट सीटों में से एक है रतलाम-झाबुआ संसदीय सीट, इस सीट पर इस बार क्या है खास? और क्या है जनता का मूड? वहीं क्या कहते हैं लोकसभा चुनाव के आंकड़े ?

आदिवासी बेल्ट की रतलाम झाबुआ संसदीय सीट मध्य प्रदेश की लोकसभा चुनाव की हॉट सीटों में से एक रही है। यहां आजादी के बाद कांग्रेस को पहली बार साल 2014 में शिकस्त हुई थी। पर कुछ महीने बाद ही बीजेपी सांसद दिलीप सिंह भूरिया की असमय मृत्यु हो गई थी। साल 2015 में हुए उप चुनाव में कांग्रेस ने वापस यह सीट बीजेपी से छीन ली और उस समय लगा कि वाकई यह सीट कांग्रेस की परंपरागत सीट बन गई है। इस पर जीतना बीजेपी के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं है। साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी के जीत के मंत्र की बदौलत बीजेपी ने फिर यह सीट कांग्रेस से हथिया ली थी।

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बीजेपी के जीएस डामोर ने 90 हजार से ज्यादा वोटों से कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया को हरा दिया। पलायन और बेरोजगारी इस सीट के प्रमुख मुद्दे रहे हैं। इनका जवाब बीजेपी के पास भी नहीं है. हालांकि, रतलाम के पास आकार लेने वाला विशेष निवेश क्षेत्र पलायन और बेरोजगारी के सवालों का जवाब माना जा सकता है। पर इस निवेश क्षेत्र का काम ही अभी शुरू नहीं हो पाया है और इस बीच अधिकांश लोग पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही वोट देने और राम मंदिर जैसे मुद्दे को अहम भी बता रहे हैं. लोगों का ऐसा मानना है कि इस बार भी बीजेपी यहां आसानी से अपनी जीत दर्ज कर लेगी।

बीजेपी ने काटा इस सांसद का टिकट

खास बात यह है कि बीजेपी ने इस बार वर्तमान सांसद गुमान सिंह डामोर का टिकट काट दिया है। वहीं लगातार कार्यकर्ताओं की नाराजगी और शिकायतों के चलते बीजेपी ने सांसद डामोर को अपने घर बैठा दिया है। पार्टी ने उनकी जगह वन मंत्री नागर सिंह चौहान की पत्नी अनीता नागर सिंह चौहान को टिकट देकर मैदान में उतारा है।

आपको बता दें, यह सीट महिला प्रत्याशियों के लिए अनलकी साबित हुई है और इसके पहले रेलम चौहान और निर्मला भूरिया को बीजेपी टिकट देकर चुनाव लड़ा चुकी है। पर यह दोनों ही महिला प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया से चुनाव हार गई हैं। इस बार मोदी लहर और कार्यकर्ताओं की बदौलत बीजेपी प्रत्याशी अनीता चौहान जीत का दावा भी पेशकर रही है।

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