US tariff on India: अमेरिका ने लगाया 50% टैरिफ का ‘बम’, भारत ने जवाबी कार्रवाई के लिए खोला पिटारा, 40 देशों से होगी डील

Published On: August 29, 2025
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US tariff on India: अमेरिका ने लगाया 50% टैरिफ का 'बम', भारत ने जवाबी कार्रवाई के लिए खोला पिटारा, 40 देशों से होगी डील

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US tariff on India: भारत के निर्यात सेक्टर और अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई खबर में, अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50 फीसदी का भारी-भरकम टैरिफ (50% Tariff on Indian Exports) लागू कर दिया है. इस एकतरफा फैसले से भारतीय व्यापार जगत में चिंता की लहर दौड़ गई है. इस संकट के बीच, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, पीयूष गोयल (Piyush Goyal) का एक बड़ा और निर्णायक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने न केवल निर्यातकों को भरोसा दिलाया है, बल्कि सरकार की जवाबी रणनीति का पूरा खाका भी पेश किया है.

सरकार का वादा: ‘किसी भी निर्यातक को तनाव नहीं होने देंगे’

भारत बिल्डकोर के उद्घाटन समारोह में निर्यातकों के एक विशाल समूह को संबोधित करते हुए, पीयूष गोयल ने सरकार की प्रतिबद्धता को दृढ़ता से व्यक्त किया. उन्होंने कहा, “सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है कि आप में से किसी को भी इस मौजूदा स्थिति से निपटने में किसी भी प्रकार का तनाव या कठिनाई का सामना न करना पड़े.” उन्होंने स्पष्ट किया कि वाणिज्य मंत्रालय इस चुनौती को एक अवसर के रूप में देख रहा है और वैश्विक पटल पर भारत के लिए नए दरवाजे खोलने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है.

भारत का ‘प्लान बी’: नए बाज़ार और 40 देशों से व्यापारिक समझौते

27 अगस्त को अमेरिकी टैरिफ लागू होने के बाद अपने पहले सार्वजनिक बयान में, पीयूष गोयल ने खुलासा किया कि भारत केवल हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठेगा. भारत-अमेरिका व्यापार (India-US Trade) में आए इस भूचाल से निपटने के लिए एक बहुआयामी रणनीति पर काम शुरू हो चुका है.

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भारत अपने निर्यातकों, विशेष रूप से कपड़ा सेक्टर को बचाने के लिए, दुनिया के 40 देशों के साथ नए व्यापारिक समझौतों पर तेजी से काम कर रहा है. इस सूची में ब्रिटेन (UK), संयुक्त अरब अमीरात (UAE), रूस, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बड़े और रणनीतिक बाजार शामिल हैं. इसका सीधा उद्देश्य अमेरिकी बाजार पर निर्भरता को कम करना और भारतीय निर्यात (Indian Exports) के लिए एक सुरक्षित और विविध बाज़ार तैयार करना है.

घरेलू मोर्चे पर बड़ी राहत: GST में बड़ी कटौती का प्रस्ताव

सिर्फ अंतरराष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि घरेलू मोर्चे पर भी सरकार निर्यातकों को राहत देने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. पीयूष गोयल ने संकेत दिया कि अगले सप्ताह होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक (GST Council Meeting) में निर्यातकों और घरेलू खपत को बढ़ावा देने के लिए GST दरों में एक बड़ी कटौती का प्रस्ताव रखा जाएगा. इस कदम से उत्पादन लागत कम होगी और भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे, जिससे टैरिफ के असर को कम करने में मदद मिलेगी.

‘ब्रांड इंडिया विजन’ के तहत वैश्विक पहुंच बढ़ाने की तैयारी

वाणिज्य मंत्रालय अब “ब्रांड इंडिया विजन” के तहत एक विशेष अभियान चलाने की तैयारी में है. इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों, व्यापार मेलों और द्विपक्षीय बैठकों में भारत की भागीदारी को आक्रामक रूप से बढ़ाना है, ताकि वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी को और मजबूत किया जा सके. इसके अलावा, रसायन और आभूषण जैसे सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों के निर्यातकों के साथ कई दौर की बैठकें की जाएंगी ताकि उनके लिए नए बाजार खोजे जा सकें.

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टैरिफ का कितना और किन सेक्टर्स पर होगा असर?

यह अमेरिकी टैरिफ भारत के लिए कोई छोटी-मोटी चुनौती नहीं है. आंकड़ों के अनुसार, इससे भारत के 48 अरब डॉलर से अधिक के निर्यात पर सीधा असर पड़ेगा. सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • टेक्सटाइल (कपड़ा उद्योग)

  • जेम्स एंड ज्वेलरी (रत्न एवं आभूषण)

  • झींगा और पशु उत्पाद

  • चमड़ा और जूते

  • रसायन और इलेक्ट्रॉनिक्स

  • मशीनरी

गौरतलब है कि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है. वित्त वर्ष 2025 में भारत के कुल 437.42 अरब डॉलर के वस्तुओं के निर्यात में अकेले अमेरिका का योगदान लगभग 20% था, जो इस टैरिफ के प्रभाव की गंभीरता को दर्शाता है.

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