Rinku Singh UP Govt: भारतीय क्रिकेट के ‘सिक्सर किंग’ और उत्तर प्रदेश के लाल रिंकू सिंह (Rinku Singh) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। लेकिन इस बार वजह मैदान पर उनके लंबे छक्के नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार में मिली उनकी एक बड़ी जिम्मेदारी है। यूपी के अलीगढ़ से निकलकर दुनिया भर में अपनी पहचान बनाने वाले रिंकू सिंह अब उत्तर प्रदेश शासन में एक राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) बन चुके हैं।
हाल ही में लखनऊ के लोकभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के होनहार खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र बांटे, लेकिन इस दौरान रिंकू सिंह की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए थे। अब खुद रिंकू सिंह ने सामने आकर इस राज से पर्दा उठाया है।
आखिर क्यों नहीं पहुंचे रिंकू सिंह? मुख्यमंत्री का जताया आभार
रिंकू सिंह को उत्तर प्रदेश सरकार ने क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी (Regional Sports Officer – RSO) के पद पर नियुक्त किया है। जब वे नियुक्ति पत्र लेने लखनऊ नहीं पहुंच पाए, तो सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि, रिंकू सिंह ने एक भावुक वीडियो संदेश साझा कर इन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है।
रिंकू ने कहा, “मुझे रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर नियुक्त करने के लिए मैं उत्तर प्रदेश सरकार और माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन के लिए सरकार ने मुझे 3 करोड़ रुपये की सम्मान राशि भी दी है, जिसके लिए मैं सदैव ऋणी रहूंगा।”
अपनी गैरमौजूदगी पर सफाई देते हुए उन्होंने बताया कि वे वर्तमान में अपनी आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कैंप और मैचों में व्यस्त हैं, जिसके कारण वे प्रोटोकॉल के तहत लखनऊ नहीं आ सके। उन्होंने वादा किया कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर उनका आशीर्वाद लेंगे और अपना जॉइनिंग लेटर प्राप्त करेंगे।
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CM योगी ने पहले ही दे दिया था ‘सरप्राइज’
खास बात यह है कि रिंकू सिंह की अनुपस्थिति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मोर्चा संभाला। मंच से संबोधन के दौरान सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि रिंकू किसी महत्वपूर्ण खेल कैंप में व्यस्त हैं, इसलिए वे आज हमारे बीच नहीं हैं। यह दिखाता है कि प्रदेश सरकार न केवल खिलाड़ियों को नौकरी दे रही है, बल्कि उनके खेल करियर और व्यस्तताओं का भी पूरा सम्मान कर रही है।
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क्या होता है RSO का पद? रिंकू सिंह को क्या-क्या करना होगा?
रिंकू सिंह को मिला ‘रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर’ (आरएसओ) का पद कोई मामूली नौकरी नहीं है। यह ग्रुप-B का एक राजपत्रित (Gazetted) पद है। इस नई भूमिका में रिंकू की जिम्मेदारियां काफी महत्वपूर्ण होंगी:
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खेलों का संचालन: रिंकू को मंडल स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं और बड़े टूर्नामेंटों का मैनेजमेंट संभालना होगा।
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नई प्रतिभाओं की खोज: प्रदेश के उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए कोचिंग और ट्रेनिंग प्रोग्राम तैयार करना उनकी प्राथमिकता होगी।
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बजट और इंफ्रास्ट्रक्चर: स्टेडियम, हॉस्टल और खेल सुविधाओं के रखरखाव के साथ-साथ प्रशासनिक बजट की देखरेख करना।
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सरकारी नीतियों का क्रियान्वयन: उत्तर प्रदेश सरकार की खेल नीतियों को जमीनी स्तर पर लागू करना ताकि गांव-गांव से नए रिंकू सिंह निकल सकें।
सैलरी और सरकारी ठाट-बाट
रिंकू सिंह की इस नई सरकारी नौकरी में वेतन और सुविधाएं भी काफी आकर्षक हैं। उत्तर प्रदेश शासन के नियमों के अनुसार:
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वेतनमान: इस पद के लिए वेतन 50,000 रुपये से लेकर 1,00,000 रुपये के बीच होता है।
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भत्ते: हाउस रेंट अलाउंस (HRA), मेडिकल सुविधाएं, सरकारी वाहन (कार्य के अनुसार) और यात्रा भत्ता (DA) जैसी सुविधाएं मिलती हैं।
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प्रमोशन के अवसर: रिंकू सिंह भविष्य में खेल विभाग में डिप्टी डायरेक्टर या जॉइंट डायरेक्टर जैसे उच्च पदों तक पदोन्नत हो सकते हैं।
मैदान के शेर अब दफ्तर से बदलेंगे यूपी की तस्वीर
रिंकू सिंह का यह सफर हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो गरीबी और संघर्षों से लड़कर आसमान छूना चाहता है। मैदान पर अपनी बल्लेबाजी से मैच जिताने वाला यह खिलाड़ी अब उत्तर प्रदेश के खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रशासन की पिच पर उतरेगा। सीएम योगी का यह फैसला राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

