Nagpur Violence:सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर साइबर सेल की सख्त कार्रवाई

Nagpur Violence:सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

नागपुर में सोमवार को हुई हिंसा के पहले और बाद में सोशल मीडिया पर कई भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट डाले गए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। नागपुर पुलिस की साइबर सेल ने ऐसे अकाउंट्स की पहचान करना शुरू कर दिया है, जो अफवाहें फैलाने और हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने अब तक 10 एफआईआर दर्ज कर ली हैं, जिनमें से 4 एफआईआर हाल ही में सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो और पोस्ट डालने के मामलों में दर्ज की गई हैं।

बांग्लादेश से संचालित अकाउंट पर कड़ी नजर

जांच में सामने आया कि नागपुर में दंगे भड़काने की धमकी देने वाला एक फेसबुक अकाउंट बांग्लादेश से संचालित हो रहा था। इस अकाउंट से एक भड़काऊ पोस्ट की गई थी, जिसमें लिखा गया था कि “सोमवार का दंगा तो सिर्फ एक छोटी घटना थी और भविष्य में और बड़े दंगे होंगे।”

🔹 साइबर सेल ने इस अकाउंट की पहचान कर ली है।
🔹 फेसबुक से इसे ब्लॉक करने का अनुरोध भी किया गया है।
🔹 पुलिस बांग्लादेशी प्रशासन से भी संपर्क करने की तैयारी में है।


सोशल मीडिया पर झूठी खबरों की बाढ़

हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर कई झूठी खबरें फैलाई गईं। दो लोगों की मौत की अफवाह सबसे ज्यादा चर्चा में रही, लेकिन पुलिस जांच में पाया गया कि यह पूरी तरह गलत सूचना थी।

🚨 साइबर सेल ने अब तक 97 ऐसे पोस्ट्स की पहचान की है, जो नफरत और अफवाहें फैला रहे थे।
🔹 जनता से अपील की गई है कि किसी भी असत्यापित जानकारी पर विश्वास न करें।
🔹 अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


200 संदिग्धों की पहचान, 90 गिरफ्तार

हिंसा में शामिल संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए 18 विशेष जांच टीमें (SIT) बनाई गई हैं।

📌 अब तक पुलिस ने 200 संदिग्धों की पहचान कर ली है।
📌 इनमें से 90 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
📌 1,000 से अधिक संदिग्धों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी है।

🔍 हिंसा में शामिल आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का उपयोग किया है।


नागपुर में कर्फ्यू और सुरक्षा व्यवस्था

हिंसा के बाद नागपुर में पिछले दो दिनों से कर्फ्यू लगाया गया है।
📌 गुरुवार को सुरक्षा समीक्षा के बाद कर्फ्यू में छूट दी जा सकती है।
📌 पुलिस और प्रशासन हालात पर लगातार नजर रख रहे हैं।

🚔 स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और पुलिस को सहयोग देने की अपील की गई है।


क्या औरंगजेब के पुतले पर कुछ लिखा था?

हिंसा के दौरान औरंगजेब के पुतले पर हरी चादर को जलाने का मुद्दा सामने आया। कुछ अफवाहों में दावा किया गया कि इस चादर पर धार्मिक कथन लिखे थे।

📌 धर्मगुरुओं और एक्सपर्ट्स से जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि चादर पर कोई धार्मिक शब्द नहीं लिखा था।
📌 अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

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