KGMU : इंसाफ या गुंडागर्दी? केजीएमयू में तोड़फोड़ के बाद सीएम योगी तक पहुंची बात, हिल गया लखनऊ

Published On: January 10, 2026
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KGMU : इंसाफ या गुंडागर्दी? केजीएमयू में तोड़फोड़ के बाद सीएम योगी तक पहुंची बात, हिल गया लखनऊ

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KGMU : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का दिल कहे जाने वाले किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में इस समय स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। देश के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में से एक KGMU अब इलाज के लिए नहीं, बल्कि भारी बवाल और राजनीतिक टकराव के केंद्र के रूप में सुर्खियों में है। केजीएमयू की वाइस चांसलर (VC) सोनिया नित्यानंद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संस्थान में हुई तोड़फोड़ और अभद्रता पर अपनी चुप्पी तोड़ी है, जिसके बाद यूपी की सियासत में भूचाल आ गया है।

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वीसी के कमरे में ‘कोहराम’: 25 लोगों ने घेरा, लगे आपत्तिजनक नारे
वाइस चांसलर सोनिया नित्यानंद ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदर्शन के नाम पर संस्थान की मर्यादा को तार-तार किया गया। उन्होंने बताया कि महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के साथ बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठनों के लोग उनके कार्यालय में जबरन घुस आए। वीसी का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, बल्कि उनके लिए “भद्दे और आपत्तिजनक” शब्दों का इस्तेमाल भी किया।

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वीसी ने भावुक होते हुए सवाल पूछा— “जब 25 आदमी अचानक वीसी के कमरे में घुस जाएंगे और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करेंगे, तो क्या ऐसी स्थिति में कोई काम कर पाएगा?” उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तोड़फोड़ और अराजकता के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी और इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी की गई है।

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क्या है असली विवाद? ‘रमीज’ और उत्पीड़न के आरोपों का सच
इस पूरे हंगामे की जड़ में एक यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) का मामला है। वीसी सोनिया नित्यानंद ने प्रेस वार्ता में विस्तार से बताया कि शिकायतकर्ता महिला ने 22 तारीख की सुबह अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप ‘रमीज’ नाम के एक व्यक्ति पर है।

  • शिकायत की टाइमलाइन: पीड़िता का कहना है कि वह जुलाई 2025 से रमीज के साथ रिलेशनशिप में थी। सितंबर में उसे पता चला कि रमीज पहले से शादीशुदा है, जिसके बाद उसने रिश्ता खत्म कर लिया। लेकिन रमीज उसका पीछा (Stalking) करता रहा और उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।

  • शादी का रहस्य: केजीएमयू के रिकॉर्ड के अनुसार, रमीज की शादी फरवरी 2025 में हुई थी, लेकिन जॉइनिंग के समय उसने इस जानकारी को अपडेट नहीं किया था।

  • जांच प्रक्रिया: वीसी ने कहा कि शिकायत मिलते ही उसे तुरंत विशाखा कमेटी (Vishakha Committee) को भेज दिया गया। कमेटी की पहली मीटिंग भी उसी दिन हुई, जिसमें रमीज और उसके पिता शामिल हुए। रमीज ने सभी आरोपों को नकार दिया है।

स्टाफ का समर्थन: “अपराध मुक्त हो शिक्षा परिषद”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजीएमयू का स्टाफ और डॉक्टर वीसी के समर्थन में खड़े नजर आए। स्टाफ ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिस पर लिखा था— “शांति हमारा संकल्प” और “शिक्षा परिषद् अपराध मुक्त हो”। संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि बाहरी लोगों द्वारा कैंपस के भीतर आकर तोड़फोड़ करना और अधिकारियों को डराना-धमकाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राजनीतिक मोड़: अपर्णा यादव की एंट्री से बढ़ा तनाव
इस मामले में भाजपा नेता और महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव की मौजूदगी ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए वहां पहुंचे थे, जबकि प्रशासन इसे संस्थान के काम में बाधा और अराजकता करार दे रहा है।

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