Kanpur-Sagar Highway: बुंदेलखंड के लिए विकास की नई लाइन, जानें प्रोजेक्ट की हर बात

Published On: August 24, 2025
Follow Us
Kanpur-Sagar Highway: बुंदेलखंड के लिए विकास की नई लाइन, जानें प्रोजेक्ट की हर बात

Join WhatsApp

Join Now

यूपी-एमपी के बीच अब सफर होगा सुपरफास्ट, जानिए कानपुर-सागर हाईवे प्रोजेक्ट का पूरा रूट मैप और फायदे

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच यात्रा करने वालों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार एक नए और महत्वाकांक्षी हाईवे प्रोजेक्ट पर काम कर रही है, जो कानपुर को सीधे मध्य प्रदेश के सागर से जोड़ेगा। इस कानपुर-सागर ग्रीनफील्ड हाईवे (Kanpur-Sagar Greenfield Highway) के बनने से न सिर्फ दोनों शहरों के बीच की दूरी घटेगी, बल्कि बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास को भी एक नई रफ्तार मिलेगी। यह हाईवे यात्रा के समय को आधा कर देगा और व्यापार के लिए नए रास्ते खोलेगा।

चलिए, आज हम इस प्रोजेक्ट के बारे में सब कुछ जानते हैं – इसका रूट मैप क्या है, यह किन-किन शहरों से होकर गुजरेगा और इसके बनने से आम लोगों को क्या फायदे होंगे।

विषय सूची (Table of Contents)

  1. क्या है कानपुर-सागर हाईवे प्रोजेक्ट?

  2. हाईवे का रूट मैप: किन शहरों और गांवों से होकर गुजरेगा?

  3. इस प्रोजेक्ट के बड़े फायदे क्या होंगे?

  4. कितना काम पूरा हुआ और कब तक बनकर तैयार होगा?


क्या है कानपुर-सागर हाईवे प्रोजेक्ट?

यह एक 4-लेन का ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर है, जिसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा बनाया जा रहा है। “ग्रीनफील्ड” का मतलब है कि यह हाईवे पूरी तरह से एक नए रास्ते (एलाइनमेंट) पर बनाया जा रहा है, न कि किसी पुरानी सड़क को चौड़ा करके।

  • कुल लंबाई: इस हाईवे की कुल लंबाई लगभग 232 किलोमीटर होगी।

  • लेन की संख्या: शुरुआत में इसे 4-लेन का बनाया जाएगा, लेकिन भविष्य में इसे 6-लेन तक चौड़ा करने के लिए जमीन पहले ही अधिग्रहीत कर ली जाएगी।

  • अनुमानित लागत: इस विशाल प्रोजेक्ट पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

READ ALSO  प्रेमी के साथ मिलकर पत्नी ने की एनआरआई पति की निर्मम हत्या

इसका मुख्य उद्देश्य कानपुर से सागर के बीच एक सीधा, तेज और सुरक्षित कनेक्टिविटी प्रदान करना है।

हाईवे का रूट मैप: किन शहरों और गांवों से होकर गुजरेगा?

यह हाईवे उत्तर प्रदेश के 2 जिलों और मध्य प्रदेश के 2 जिलों से होकर गुजरेगा। इसका रूट इस प्रकार है:

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh):

  1. कानपुर नगर: हाईवे की शुरुआत कानपुर रिंग रोड पर रमाईपुर के पास से होगी।

  2. हमीरपुर: कानपुर से आगे यह हाईवे घाटमपुर तहसील से होते हुए हमीरपुर जिले में प्रवेश करेगा। यहां यह मौदहा और सरीला जैसे इलाकों से होकर गुजरेगा।

  3. महोबा: हमीरपुर के बाद यह महोबा जिले की सीमा से होते हुए मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा।

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh):

  1. छतरपुर: यूपी बॉर्डर पार करने के बाद यह हाईवे सीधे मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में आएगा। यह जिला इस हाईवे का एक बड़ा हिस्सा कवर करेगा।

  2. सागर: छतरपुर से होते हुए यह हाईवे सीधे सागर जिले में प्रवेश करेगा और सागर शहर के बाहर गढ़पहरा नामक स्थान पर झांसी-लखनादौन हाईवे (NH-44) से जुड़ जाएगा।

यह रूट खासतौर पर बुंदेलखंड के उन इलाकों को जोड़ेगा जहां अभी तक अच्छी सड़कों की कमी थी।

इस प्रोजेक्ट के बड़े फायदे क्या होंगे?

  1. समय की भारी बचत: अभी कानपुर से सागर जाने में सड़क मार्ग से 7 से 8 घंटे लगते हैं। इस हाईवे के बन जाने के बाद यह सफर मात्र 3 से 4 घंटे में पूरा हो जाएगा।

  2. बुंदेलखंड का विकास: यह हाईवे सीधे तौर पर पिछड़े माने जाने वाले बुंदेलखंड क्षेत्र से गुजरेगा, जिससे यहां औद्योगिक विकास, रोजगार और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

  3. आसान कनेक्टिविटी: कानपुर, लखनऊ और झांसी जैसे बड़े शहरों से सागर और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों तक पहुंचना बहुत आसान हो जाएगा।

  4. ईंधन की बचत और सुरक्षित सफर: सीधा और बिना ट्रैफिक वाला रूट होने के कारण गाड़ियों का माइलेज बढ़ेगा और सफर भी पहले से ज्यादा सुरक्षित होगा।

  5. रक्षा कॉरिडोर को मजबूती: यह हाईवे उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर के लिए भी एक महत्वपूर्ण लिंक का काम करेगा, जिससे रक्षा उत्पादों की आवाजाही आसान होगी।

READ ALSO  Eight years of Yogi government:योगी सरकार के आठ साल: उत्तर प्रदेश बना विकास का इंजन, कानून-व्यवस्था में बड़ा सुधार

कितना काम पूरा हुआ और कब तक बनकर तैयार होगा?

इस प्रोजेक्ट पर काम तेजी से चल रहा है। जमीन अधिग्रहण का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है और कई हिस्सों में निर्माण कार्य के लिए टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं। NHAI ने इस प्रोजेक्ट को कई पैकेजों में बांटा है ताकि निर्माण कार्य एक साथ कई जगहों पर शुरू हो सके। सरकार का लक्ष्य इस हाईवे को अगले कुछ सालों में पूरा करके जनता के लिए खोलने का है। उम्मीद है कि 2026-27 तक यह हाईवे बनकर तैयार हो सकता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Posts

Gujarat Earthquake : जरात में तबाही की दस्तक? 12 घंटे में 7 बार डोली धरती, राजकोट के स्कूलों में मची भगदड़

Gujarat Earthquake : जरात में तबाही की दस्तक? 12 घंटे में 7 बार डोली धरती, राजकोट के स्कूलों में मची भगदड़

January 9, 2026
UP Voter List : 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा-भाजपा में मची खलबली

UP Voter List : 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा-भाजपा में मची खलबली

January 8, 2026
Shrabanti Ghosh Case Chittagong: चटगांव में 12 साल की बच्ची की 'रहस्यमयी' मौत से सनसनी, क्या पड़ोसियों ने रची खौफनाक साजिश?

Shrabanti Ghosh Case Chittagong: चटगांव में 12 साल की बच्ची की ‘रहस्यमयी’ मौत से सनसनी, क्या पड़ोसियों ने रची खौफनाक साजिश?

January 8, 2026
UP Voter List Update 2026: लखनऊ में 30% तो गाजियाबाद में 28% वोट गायब, जानें क्यों उड़े राजनीतिक दलों के होश?

UP Voter List Update 2026: लखनऊ में 30% तो गाजियाबाद में 28% वोट गायब, जानें क्यों उड़े राजनीतिक दलों के होश?

January 8, 2026
Shreyasi Singh Minister Bihar: नीतीश कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ लेकर रचा इतिहास, जानें खिलाड़ी से राजनेता बनने की पूरी दास्तां

Shreyasi Singh Minister Bihar: नीतीश कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ लेकर रचा इतिहास, जानें खिलाड़ी से राजनेता बनने की पूरी दास्तां

January 8, 2026
UP Govt Salary Alert: सरकारी कर्मचारी अब नहीं छुपा पाएंगे अपनी 'कमाई', संपत्ति का ब्योरा न देने वालों का वेतन रुकेगा

UP Govt Salary Alert: सरकारी कर्मचारी अब नहीं छुपा पाएंगे अपनी ‘कमाई’, संपत्ति का ब्योरा न देने वालों का वेतन रुकेगा

January 8, 2026