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Join NowHoli Special Trains : होली का त्योहार यानी रंगों का उत्सव, खुशियों का मेल-मिलाप और अपनों के साथ बिताए जाने वाले वो यादगार पल। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस बार होली पर अपने घर पहुंचना किसी ‘अग्निपरीक्षा’ से कम नहीं होने वाला है? जैसे-जैसे कैलेंडर के पन्ने पलट रहे हैं और होली की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे भारतीय रेलवे (Indian Railways) के स्टेशनों पर भारी भीड़ और ट्रेनों में ‘कंफर्म टिकट’ (Confirm Ticket) की किल्लत ने यात्रियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
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दिल्ली, मुंबई और गुजरात: हर तरफ से ‘फुल’ हैं ट्रेनें
अगर आप दिल्ली, मुंबई, गुजरात या बेंगलुरु जैसे महानगरों में रहते हैं और उत्तर प्रदेश या बिहार अपने घर जाने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए खबर थोड़ी चिंताजनक हो सकती है। आलम यह है कि इन रूटों पर चलने वाली लगभग सभी प्रमुख ट्रेनों में रिजर्वेशन ‘फुल’ हो चुके हैं। स्लीपर क्लास हो या एसी, हर जगह लंबी वेटिंग लिस्ट (Waiting List) दिखाई दे रही है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई ट्रेनों में तो अब वेटिंग टिकट मिलना भी बंद हो गया है और ‘नो रूम’ की स्थिति पैदा हो गई है।
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इन प्रमुख ट्रेनों में अब कोई जगह नहीं!
दिल्ली से यूपी-बिहार जाने वाली सबसे लोकप्रिय ट्रेनें जैसे मगध एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस और गरीब रथ में पैर रखने तक की जगह नहीं बची है।
यही हाल मायानगरी मुंबई का भी है। मुंबई से बिहार जाने वाली एलटीटी-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस, मुंबई-हावड़ा मेल और एलटीटी-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में होली के दौरान कंफर्म सीट मिलना किसी चमत्कार जैसा लग रहा है। गुजरात के सूरत और उधना से बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए भी राह आसान नहीं है; सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस और उधना-दानापुर एक्सप्रेस पहले ही हाउसफुल हो चुकी हैं।
होली स्पेशल ट्रेनें: क्या ये काफी हैं?
रेलवे प्रशासन यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए दर्जनों होली स्पेशल ट्रेनों (Holi Special Trains) का परिचालन कर रहा है। रेलवे की कोशिश है कि किसी भी तरह यात्रियों को उनके घर तक पहुंचाया जाए। हालांकि, सच्चाई यह है कि इन स्पेशल ट्रेनों में भी बुकिंग शुरू होते ही सीटें भर जा रही हैं। लोग सबसे पहले रेगुलर ट्रेनों में जगह तलाशते हैं ताकि वे समय पर घर पहुंच सकें, लेकिन वहां जगह न मिलने पर स्पेशल ट्रेनों में भी मारामारी मची हुई है।
परीक्षाओं का दौर: तूफान से पहले की शांति
फिलहाल स्टेशनों पर जो थोड़ी-बहुत राहत दिख रही है, उसकी एक बड़ी वजह सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE) और यूपी बोर्ड (UP Board) की चल रही परीक्षाएं हैं। जिन परिवारों के बच्चे एग्जाम दे रहे हैं, वे अभी अपने घरों से नहीं निकले हैं। लेकिन जानकारों का मानना है कि जैसे ही ये परीक्षाएं समाप्त होंगी, ट्रेनों में भीड़ का ऐसा सैलाब उमड़ेगा जिसे संभालना रेलवे के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
यात्रियों के लिए सलाह
अगर आप भी होली पर घर जाने की तैयारी में हैं, तो अंतिम समय का इंतजार न करें। रेलवे की वेबसाइट (IRCTC) पर लगातार नजर बनाए रखें और तत्काल (Tatkal) कोटे के साथ-साथ स्पेशल ट्रेनों के नए फेरों की जानकारी लेते रहें। इस बार की होली में ‘घर पहुंचना’ ही सबसे बड़ी जीत होने वाली है।










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