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Join NowFaridabad crime news: दिल्ली से सटे फरीदाबाद में एक बार फिर मानवता को शर्मसार कर देने वाली खौफनाक वारदात सामने आई है। जिस समय पूरी दुनिया चैन की नींद सो रही थी, फरीदाबाद की सड़कों पर एक मासूम बेटी की चीखें गूंज रही थीं। चलती कार में दो हैवानों ने एक युवती के साथ न केवल दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं, बल्कि विरोध करने पर उसे इस कदर पीटा कि उसकी हालत देखकर किसी का भी कलेजा कांप जाए।
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एक छोटी सी अनबन और फिर शुरू हुआ खौफ का सफर
घटना की शुरुआत एक मामूली पारिवारिक कहासुनी से हुई। जानकारी के मुताबिक, पीड़िता का रात के समय अपनी मां से किसी बात पर विवाद हो गया था। इसी नाराजगी में वह रात करीब 8:30 बजे अपनी सहेली के घर जाने के लिए घर से निकल गई। उसने अपनी बहन को फोन कर बताया था कि वह 3 घंटे में वापस लौट आएगी। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
रात के करीब 12 बज रहे थे। सड़क पर सन्नाटा पसरा था और युवती किसी सवारी का इंतजार कर रही थी। तभी अंधेरे को चीरती हुई एक कार उसके पास आकर रुकी। कार में दो युवक सवार थे। उन्होंने मदद का दिखावा करते हुए युवती को लिफ्ट देने का लालच दिया। यह सोचकर कि रात का वक्त है और घर पहुंचना जरूरी है, युवती उनकी बातों में आ गई। उसे क्या पता था कि वह कार नहीं, बल्कि साक्षात यमराज का वाहन है।
2 घंटे तक चलती रही दरिंदगी, विरोध पर लहूलुहान किया
जैसे ही युवती कार में बैठी, आरोपियों ने वैन का रुख फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड की ओर कर दिया। इसके बाद जो हुआ, वह सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। एक आरोपी बेखौफ होकर गाड़ी चलाता रहा, जबकि दूसरे ने चलती गाड़ी में युवती के साथ दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने अपनी अस्मत बचाने के लिए संघर्ष किया, तो उन दरिंदों ने उसके चेहरे और सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
करीब दो घंटे तक वे हैवान उस कार को सड़क पर दौड़ाते रहे और युवती की चीखों को अनसुना करते रहे। जब उनका मन भर गया, तो रात के करीब 3 बजे उन्होंने युवती को चलती वैन से सड़क पर फेंक दिया और फरार हो गए।
चेहरे पर टांके और एम्स रेफर: जिंदगी और मौत के बीच जंग
सड़क पर गिरने और बेरहमी से पीटे जाने के कारण युवती के चेहरे और सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। उसकी हालत इतनी नाजुक थी कि डॉक्टरों को उसके चेहरे पर कई टांके लगाने पड़े। फरीदाबाद के सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने उसकी बिगड़ती स्थिति को देखते हुए उसे दिल्ली के एम्स (AIIMS) रेफर कर दिया था, हालांकि फिलहाल एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
पीड़िता ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर अपनी बहन को फोन किया, जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा पर सवाल
फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता यशपाल सिंह के अनुसार, पीड़िता की बहन की शिकायत पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं और रास्ते में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों को खंगाला जा रहा है।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक? औद्योगिक नगरी फरीदाबाद और गुरुग्राम की सड़कों पर रात के समय बेटियां खुद को सुरक्षित कब महसूस करेंगी? लिफ्ट के बहाने होने वाली ये वारदातें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। यह घटना एक बार फिर प्रशासन के सुरक्षा के दावों की पोल खोलती है।










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