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Join NowBBAU Lucknow News: जब कोई युवा घर से दूर रहकर किसी बड़ी यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में पढ़ाई करता है, तो माता-पिता यही सोचते हैं कि उनका बच्चा सुरक्षित है। हम अक्सर हॉस्टल के खाने को लेकर छोटी-मोटी शिकायतें सुनते रहते हैं, लेकिन जब यही ‘मेस का खाना’ किसी की जान ले ले, तो मामला बेहद गंभीर और डरावना हो जाता है।
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ताजा मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जाने-माने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) का है। यहां हॉस्टल का खाना खाने से एक होनहार छात्रा को फूड पॉइजनिंग हुई और उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस खबर के बाद से पूरे कैंपस में हड़कंप मचा हुआ है। गुस्साए छात्रों ने आधी रात को सड़कों पर उतरकर हंगामा किया। आइए, एक आम आदमी की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर इस नामी यूनिवर्सिटी में हुआ क्या है और प्रशासन ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।
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क्या है पूरा मामला? (कैसे गई छात्रा की जान)
यह पूरी दुखद घटना बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू लखनऊ) की है। यहां ‘इंटीग्रेटेड बेसिक साइंस’ की पढ़ाई कर रही अनामिका नाम की एक छात्रा की बुधवार को मौत हो गई। अनामिका यूनिवर्सिटी के यशोधरा गर्ल्स हॉस्टल (Yashodhara Girls Hostel) में रहती थी।
छात्र संगठन एसएफआई (SFI) और बाकी स्टूडेंट्स का सीधा आरोप है कि हॉस्टल के मेस में परोसा गया खाना दूषित था। उसी खराब खाने की वजह से अनामिका को भयंकर फूड पॉइजनिंग हो गई, जो अंततः उसकी मौत का कारण बन गई।
कैसे बिगड़ी अनामिका की तबीयत? (मेडिकल सुविधा पर उठे सवाल)
एसएफआई से जुड़े एक छात्र सपन ने मीडिया को जो जानकारी दी है, वह यूनिवर्सिटी के अंदर मिलने वाली मेडिकल सुविधाओं पर भी बड़े सवाल खड़े करती है।
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शुरुआती इलाज: सपन के मुताबिक, अनामिका कुछ दिन पहले फूड पॉइजनिंग का शिकार हुई थी। शुरुआत में उसने यूनिवर्सिटी कैंपस में मौजूद क्लिनिक से ही दवा ले ली थी।
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हालत बिगड़ना: दवा खाने के बाद भी उसे कोई आराम नहीं मिला और उसकी हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती चली गई।
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घर वापसी: जब हालत ज्यादा खराब हो गई, तो सूचना पाकर उसके परिवार वाले तीन-चार दिन पहले उसे अपने साथ उसके होमटाउन यानी वाराणसी ले गए।
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अस्पताल में निधन: वाराणसी पहुंचते ही उसे तुरंत एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद बुधवार (29 अप्रैल 2026) को अनामिका जिंदगी की जंग हार गई।
आधी रात को छात्रों का हंगामा और कुलपति का घेराव
जैसे ही अनामिका की मौत की खबर लखनऊ के बीबीएयू कैंपस में पहुंची, छात्रों के सब्र का बांध टूट गया। अपने ही बीच पढ़ने वाली एक दोस्त को इस तरह खोने के गम और प्रशासन की कथित लापरवाही ने सैकड़ों छात्रों को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया।
मंगलवार की देर रात भारी संख्या में छात्र नारेबाजी करते हुए सीधे यूनिवर्सिटी के कुलपति (Vice-Chancellor) डॉ. राजकुमार मित्तल के आवास के बाहर पहुंच गए। छात्रों ने वीसी के घर का घेराव कर लिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध जताया। रातभर कैंपस का माहौल काफी तनावपूर्ण बना रहा। वहीं, जब इस बारे में कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि वह फिलहाल शहर से बाहर हैं और लखनऊ वापस लौटने के बाद ही इस पूरे मामले पर कुछ कह सकेंगे।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का एक्शन: बाहरी लोगों की नो-एंट्री
छात्रों के भारी हंगामे और गुस्से को देखते हुए बीबीएयू प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है। हॉस्टल और पूरे कैंपस की सुरक्षा अचानक कड़ी कर दी गई है। प्रॉक्टर प्रो. रामचंद्र ने देर रात एक सख्त नोटिस जारी किया है, जिसके तहत:
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रात 10:30 बजे के बाद यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 2 और 3 से तभी एंट्री मिलेगी, जब आपके पास आपका ओरिजिनल (हार्ड कॉपी) आईडी कार्ड होगा।
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बिना वैलिड पहचान पत्र के किसी की भी एंट्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है।
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कैंपस में बाहरी लोगों, पूर्व छात्रों (Alumni) और गैर-छात्रों के घुसने पर सख्त रोक लगा दी गई है।
ऐसे मामलों (फूड पॉइजनिंग) से कैसे बचें?
हॉस्टल में रहने वाले हर छात्र को अपनी सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए। अगर आपको मेस के खाने से कोई दिक्कत लग रही है, तो:
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तुरंत शिकायत करें: खराब खाने की शिकायत तुरंत वॉर्डन या प्रशासन से करें।
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पानी का ध्यान रखें: हमेशा साफ या फिल्टर वाला पानी ही पिएं, क्योंकि फूड पॉइजनिंग अक्सर गंदे पानी से भी होती है।
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बड़े डॉक्टर को दिखाएं: अगर तबीयत थोड़ी भी ज्यादा खराब लगे, तो सिर्फ छोटी क्लिनिक या साधारण गोलियों के भरोसे न रहें, तुरंत किसी अच्छे अस्पताल में जाकर चेकअप कराएं।
अनामिका की मौत ने यूनिवर्सिटी के हॉस्टल्स में मिलने वाले खाने की क्वालिटी पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। यह घटना सिर्फ एक यूनिवर्सिटी की नहीं, बल्कि दूर-दराज से भविष्य बनाने आने वाले हर छात्र की सुरक्षा से जुड़ी है। अब देखना यह है कि जब कुलपति वापस आते हैं, तो इस मामले में क्या जांच बैठाई जाती है और क्या अनामिका के परिवार को इंसाफ मिल पाता है?


