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Join NowBanda Case: पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को राम भवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को दोषी को मौत की सजा सुनाई। बता दें यह बाँदा का बहुचर्चित मामला है। साल 2020 में सीबीआई ने आरोपी राम भवन और उनकी पत्नी दुर्गावती पर 50 से अधिक बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न और उनके गंदे वीडियो बनाकर विदेश में बेचने के संदर्भ में मुकदमा दर्ज किया था। आज इस मामले पॉक्सो अदालत ने 160 पृष्ठ के फैसले में दोनों को सजा सुनाई और सरकार को पीड़ित बच्चों को दस-दस लाख रूपए मुआवजा देने का आदेश जारी किया है।
कैसे हुआ खुलासा:
बता दें मामले की जानकारी सीबीआई को इंटरपोल के माध्यम से हुई थी। मामले की जानकारी के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की और साल 2020 के 30 अक्टूबर को मामला दर्ज कर जांच में तेजी लाई। जांच में सीबीआई ने राम भवन को दोषी पाया और 16 नवंबर 2020 को सिंचाई विभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर राम भवन को हिरासत में लिया। अपने पति को बचाने के लिए दुर्गावती ने गवाहों को डराया धमकाया। सीबीआई ने गवाहों को धमकाने के मामले में जेई की पत्नी दुर्गावती को भी चित्रकूट से 28 दिसंबर 2020 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। ये दोनों बांदा के मंडल कारागार में बंद थे।
मौत की सजा :
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आज पॉस्को कोर्ट ने इस मामले में आरोपी राम भवन और उनकी पत्नी दुर्गावती को मौत की सजा सुनाई है। आरोपी रामभवन मूलरूप से बांदा जनपद के नरैनी कस्बे का रहने वाला है। उसकी पत्नी अपने पति के साथ अपराध में बराबर की हिस्सेदार थी। सीबीआई ने मामले की तह तक पुख्ता जांच की और कोर्ट के सामने इस मामले में 74 गवाहों को पेश किया। बता दें फरवरी 2021 में इस मामले की चार्ज सीट कोर्ट में दर्ज की गई थी। न्यायाधीश प्रदीप कुमार ने आज इस मामले में आरोपियों को मौत की सजा सुनाई है।










