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Join NowMussoorie winter travel : जब सर्दियों का मौसम आता है और दिसंबर-जनवरी की सर्द हवाएं हिमालय की चोटियों को चूमती हैं, तब उत्तराखंड की ‘पहाड़ों की रानी’ यानी मसूरी (Mussoorie) एक जादुई नगरी में बदल जाती है। चारों तरफ बिछी सफेद बर्फ की चादर और ऊंचे देवदार के पेड़ों पर जमी ओस की बूंदें, यह नज़ारा किसी फिल्मी सपने जैसा लगता है। अक्सर लोग मसूरी जाते हैं और मॉल रोड की रौनक देखकर लौट आते हैं, लेकिन अगर आप 2026 की इन सर्दियों में कुछ ‘असली’ और ‘अनोखा’ तलाश रहे हैं, तो आपको मॉल रोड की भीड़ से थोड़ा आगे निकलना होगा। आइए, हम आपको ले चलते हैं मसूरी की उन 5 हसीन वादियों में, जहाँ जाकर आपको महसूस होगा कि कुदरत ने यहाँ अपना दिल खोलकर रख दिया है।
1. धनोल्टी (Dhanaulti): जहाँ बर्फ खुद आपको पुकारती है
मसूरी से करीब 24-30 किलोमीटर की दूरी पर बसा धनोल्टी, उन लोगों के लिए स्वर्ग है जो शांति और भारी बर्फबारी (Heavy Snowfall) की तलाश में हैं। मसूरी के मुकाबले यहाँ भीड़ बहुत कम होती है। यहाँ के ‘इको पार्क’ (एम्बर और धनोल्टी पार्क) सर्दियों में पूरी तरह बर्फ से ढक जाते हैं। देवदार के घने जंगलों के बीच ठंडी हवाओं का आनंद लेना और ताजी बर्फ में खेलना एक ऐसा अनुभव है जिसे आप उम्र भर नहीं भूलेंगे।
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2. लैंडौर और चार दुकान (Landour & Char Dukaan): पुरानी यादों का कोना
मसूरी के मुख्य बाजार से थोड़ा ऊपर चढ़ते ही आप एक अलग दुनिया में पहुँच जाते हैं—लैंडौर। यहाँ का ब्रिटिश काल का स्थापत्य और पुराने जमाने का आकर्षण आपको मंत्रमुग्ध कर देगा। देवदार और चीड़ के जंगलों से गुजरते हुए जब आप ‘चार दुकान’ पहुँचते हैं, तो वहाँ की गर्मागर्म चाय, बन-ऑमलेट और मैगी की खुशबू आपका स्वागत करती है। सर्दियों की धूप में यहाँ बैठकर पहाड़ों को निहारना एक अलग ही सुकून देता है।
3. लाल टिब्बा (Lal Tibba): हिमालय के विशाल दर्शन और विंटर लाइन
लाल टिब्बा मसूरी का सबसे ऊँचा स्थान है। यहाँ से आप नंदा देवी, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसी महान हिमालयी चोटियों के दर्शन कर सकते हैं। सर्दियों की साफ सुबह में यहाँ से दिखने वाला नजारा अविश्वसनीय होता है। लेकिन यहाँ की सबसे बड़ी खासियत है ‘विंटर लाइन’ (Winter-Line) सनसेट। यह एक दुर्लभ प्राकृतिक घटना है जो पूरी दुनिया में सिर्फ स्विट्जरलैंड और मसूरी में ही देखी जाती है, जहाँ सूर्यास्त के समय क्षितिज पर लाल, नारंगी और बैंगनी रंगों की एक जादुई रेखा बन जाती है।
4. जॉर्ज एवरेस्ट पीक (George Everest Peak): इतिहास और एडवेंचर का संगम
गांधी चौक से करीब 6 किमी दूर स्थित सर जॉर्ज एवरेस्ट का घर न केवल ऐतिहासिक महत्व रखता है, बल्कि यहाँ से दून घाटी (Doon Valley) का जो नज़ारा दिखता है, वह आपको हैरत में डाल देगा। सर्दियों में यहाँ तक का ट्रेक थोड़ा चुनौतीपूर्ण लेकिन बेहद रोमांचक होता है। अगर आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो यहाँ का सूर्यास्त आपकी गैलरी में चार चाँद लगा देगा।
5. गन हिल (Gun Hill): बादलों के ऊपर से मसूरी का दीदार
मसूरी की दूसरी सबसे ऊँची चोटी, गन हिल तक पहुँचने का सबसे मजेदार तरीका है ‘केबल कार’ (Ropeway)। मॉल रोड से ऊपर जाते समय जब आप बर्फ से ढकी मसूरी को नीचे देखते हैं, तो वो दृश्य किसी पेंटिंग जैसा लगता है। यहाँ का माहौल हमेशा मेले जैसा रहता है, जहाँ आप स्थानीय स्नैक्स का आनंद लेते हुए दूर तक फैली पहाड़ियों को बादलों और धुंध के बीच लुका-छिपी खेलते देख सकते हैं।
मसूरी सिर्फ एक हिल स्टेशन नहीं, एक एहसास है। 2026 की ये सर्दियाँ आपके लिए यादगार बन सकती हैं, बस शर्त ये है कि आप मॉल रोड के शोर को पीछे छोड़कर इन अनछुए रास्तों पर निकल पड़ें। तो, अपना बैग पैक कीजिए और पहाड़ों की रानी के इस जादुई सफर पर निकल पड़िए….















