हरियाणा पुलिस को हाई-टेक बनाने के लिए 980 करोड़ का मेगा प्लान: स्थापित होगा स्पेशल ‘AI Cell’, बदलेगा पूरा ढांचा

हरियाणा पुलिस के पूरे ढांचे को समय और आधुनिक चुनौतियों के अनुकूल बदलने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राज्य के गृह विभाग ने पुलिस विभाग के संपूर्ण आधुनिकीकरण (Modernization) के लिए 980 करोड़ रुपये का एक व्यापक ड्राफ्ट (मसौदा) तैयार किया है। इस मेगा प्लान के तहत पुलिस को अपराधियों से दो कदम आगे रखने के लिए एक विशेष ‘एआई सेल’ (AI Cell – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेल) की स्थापना की जाएगी, जिससे पुलिसिंग पूरी तरह से हाई-टेक और अत्याधुनिक हो जाएगी।

180 करोड़ रुपये से स्थापित होगा स्पेशल ‘AI Cell’

तैयार किए गए विस्तृत मसौदे के अनुसार, कुल 980 करोड़ रुपये के बजट में से विशेष रूप से 180 करोड़ रुपये का उपयोग एआई सेल (AI Cell) की स्थापना और उसके संचालन के लिए किया जाएगा। यह सेल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और उन्नत सॉफ्टवेयर प्रणालियों से लैस होगा, जो अपराधों की रोकथाम और अपराधियों की ट्रैकिंग में गेमचेंजर साबित होगा।

इस एआई सेल का मुख्य कार्य प्रेडिक्टिव पुलिसिंग (Predictive Policing) को बढ़ावा देना होगा। इसके जरिए अपराध प्रतिरूप (क्राइम पैटर्न) का विश्लेषण, डेटा मैनेजमेंट, संदिग्धों की पहचान के लिए उन्नत फेशियल रिकग्निशन (चेहरे की पहचान) तकनीक और अपराधियों के संभावित ठिकानों को ट्रैक करने में काफी मदद मिलेगी। यह तकनीक पुलिस को किसी भी बड़ी घटना के होने से पहले ही जरूरी सुराग हासिल करने में सक्षम बनाएगी।

बाकी 800 करोड़ रुपये से मजबूत होगा बुनियादी ढांचा और सुरक्षा तकनीक

एआई सेल के अलावा, शेष बचे 800 करोड़ रुपये के विशाल बजट का उपयोग पुलिस के अन्य तकनीकी और भौतिक बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण में किया जाएगा। इस राशि को निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आवंटित किया गया है:

  • साइबर सुरक्षा एजेंसी और फॉरेंसिक लैब: बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने के लिए एक समर्पित ‘साइबर सुरक्षा एजेंसी’ और अत्याधुनिक (स्टेट ऑफ द आर्ट) साइबर फॉरेंसिक लैब की स्थापना की जाएगी।

  • अत्याधुनिक हथियार और सामरिक उपकरण: पुलिस बल की ताकत और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक हथियारों, सुरक्षा गियर और आधुनिक सामरिक उपकरणों (Tactical Gear) की खरीद की जाएगी।

  • स्मार्ट पेट्रोलिंग और हाई-टेक सर्विलांस: पूरे राज्य में सुरक्षा और निगरानी को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए स्मार्ट पेट्रोलिंग प्रणालियों को लागू किया जाएगा। इसके तहत सीसीटीवी (CCTV) कैमरों का व्यापक एकीकरण कर एक मजबूत और हाई-टेक सर्विलांस नेटवर्क स्थापित होगा।

  • ट्रेनिंग सेंटर्स का आधुनिकीकरण: पुलिस कर्मियों को नई तकनीकों और साइबर जांच के तरीकों में पारंगत करने के लिए राज्य के पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों को अपग्रेड किया जाएगा।

भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होगी हरियाणा पुलिस

इस व्यापक सुधार का मुख्य लक्ष्य हरियाणा पुलिस को एक ऐसी भविष्य-सुरक्षित (Future-Ready) ताकत के रूप में विकसित करना है, जो नई पीढ़ी के साइबर अपराधों, जटिल आर्थिक घोटालों और आधुनिक तरीकों से होने वाले अपराधों का दृढ़ता से मुकाबला कर सके। गृह विभाग के इस मसौदे को जल्द ही अंतिम मंजूरी देकर जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस बदलाव के बाद न केवल अपराधियों पर नजर रखना आसान होगा, बल्कि आम जनता के लिए राज्य की सुरक्षा व्यवस्था भी काफी मजबूत होगी।

FAQ:

प्रश्न 1: हरियाणा पुलिस को हाई-टेक बनाने के लिए कुल कितना बजट स्वीकृत किया जा रहा है?
उत्तर: हरियाणा पुलिस के संपूर्ण ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए गृह विभाग ने कुल 980 करोड़ रुपये का एक विस्तृत मसौदा तैयार किया है।

प्रश्न 2: एआई सेल (AI Cell) की स्थापना पर कितना खर्च होगा और इसके क्या कार्य होंगे?
उत्तर: कुल 980 करोड़ रुपये के बजट में से विशेष रूप से 180 करोड़ रुपये एआई सेल स्थापित करने पर खर्च किए जाएंगे। यह सेल प्रेडिक्टिव पुलिसिंग, अपराध प्रतिरूप के विश्लेषण, चेहरे की पहचान (फेशियल रिकग्निशन) और अपराधियों को ट्रैक करने के लिए काम करेगा।

प्रश्न 3: शेष 800 करोड़ रुपये का उपयोग किन-किन कार्यों के लिए किया जाएगा?
उत्तर: शेष 800 करोड़ रुपये का उपयोग अत्याधुनिक साइबर फॉरेंसिक लैब की स्थापना, समर्पित साइबर सुरक्षा एजेंसी के गठन, अत्याधुनिक हथियारों और सामरिक उपकरणों की खरीद, सीसीटीवी एकीकरण, स्मार्ट पेट्रोलिंग और ट्रेनिंग सेंटरों के आधुनिकीकरण के लिए किया जाएगा।

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