Nautapa 2026 Date: शुरू हो रहे हैं साल के सबसे गर्म 9 दिन, लू से बचने के लिए भूलकर भी न करें ये गलतियां

Published On: April 28, 2026
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Nautapa 2026 Date: गर्मियों का मौसम अपने पूरे शबाब पर है और हर कोई सूरज की तपिश से बेहाल है। लेकिन दोस्तों, असली गर्मी का अहसास तो अब होने वाला है। क्या आपने अपने घर के बड़े-बुजुर्गों से कभी ‘नौतपा’ के बारे में सुना है? जी हां, वही नौतपा जब आसमान से मानो आग बरसती है और धरती तवे की तरह जलने लगती है।

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इस साल यानी 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होने जा रहा है। अगर आप सोच रहे हैं कि आखिर ये नौतपा क्या बला है और अचानक से गर्मी इतनी क्यों बढ़ जाती है, तो चलिए आज एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में आपको समझाते हैं इसके पीछे का पूरा विज्ञान और ज्योतिष का गणित।

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क्या है नौतपा और कैसे होता है ये ‘रोहिणी नक्षत्र’ का खेल?

‘नौतपा’ का सीधा सा मतलब है— ‘नौ दिनों तक लगातार तपना’। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूरज (सूर्य देव) समय-समय पर अलग-अलग नक्षत्रों में भ्रमण करते हैं। जब सूर्य देव ‘रोहिणी नक्षत्र’ में प्रवेश करते हैं, तो धरती का तापमान अपने चरम पर पहुंच जाता है। मजेदार बात यह है कि रोहिणी नक्षत्र के स्वामी ‘चंद्र देव’ (चांद) हैं, जिन्हें ठंडक और शीतलता का प्रतीक माना जाता है।

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लेकिन जब आग उगलते हुए सूर्य देव इस नक्षत्र में आते हैं, तो वे अपनी प्रचंड ऊर्जा से चंद्रमा की शीतलता को खत्म कर देते हैं। सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में पूरे 15 दिनों तक रुकते हैं, लेकिन शुरुआत के जो 9 दिन होते हैं, उनमें गर्मी सबसे ज्यादा भयानक होती है। इन्हीं 9 दिनों के समय को हम आम बोलचाल में ‘नौतपा’ (Nautapa) कहते हैं।

नौतपा 2026 की तारीख और समय (कब से कब तक?)

अगर हम 2026 के पंचांग और ज्योतिषीय गणना की बात करें, तो इस साल सूर्य देव 25 मई को दोपहर 3 बजकर 37 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र में एंट्री मारेंगे। सूर्य इस नक्षत्र में 8 जून तक रहेंगे और फिर अगले नक्षत्र (मृगशिरा) में चले जाएंगे।

इसका सीधा सा मतलब है कि 25 मई से लेकर 2 जून तक (शुरुआती 9 दिन) नौतपा का सबसे तगड़ा असर देखने को मिलेगा। इन नौ दिनों में तेज गर्म हवाएं (लू), धूल भरे बवंडर और चुभने वाली धूप का सीधा सामना हमें करना पड़ेगा।

क्या सच में 9 दिन की भीषण गर्मी लाती है अच्छी बारिश?

आपने अक्सर गांव के बुजुर्गों या किसानों को यह कहते सुना होगा कि “नौतपा जितना तपेगा, सावन में उतनी ही झमाझम बारिश होगी।” यह सिर्फ एक कहावत नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरा लॉजिक है।

वैज्ञानिक और ज्योतिषीय नजरिए से, नौतपा को ‘मानसून का गर्भकाल’ (Pregnancy period of monsoon) माना जाता है। इन नौ दिनों में सूरज की किरणें धरती पर बिल्कुल सीधी और लंबवत पड़ती हैं। इससे समुद्र और नदियों का पानी तेजी से भाप बनता है, जिससे मानसून के मजबूत बादल बनते हैं। इसलिए कहा जाता है कि अगर नौतपा के पूरे 9 दिन अच्छी खासी गर्मी पड़े, तो आगे चलकर बारिश बहुत शानदार होती है।
वहीं, अगर नौतपा के बीच में ही बारिश हो जाए या मौसम ठंडा हो जाए, तो इसे ‘रोहिणी का गलना’ कहते हैं, जिसका मतलब है कि आने वाले मानसून में बारिश कम हो सकती है।

इन 9 दिनों की भीषण गर्मी से कैसे बचें? (क्या करें और क्या न करें)

नौतपा के दौरान सिर्फ आसमान से आग नहीं बरसती, बल्कि हमारी सेहत पर भी इसका भारी असर पड़ता है। इससे बचने के लिए हमारे शास्त्रों और आयुर्वेद में कुछ बहुत ही आसान उपाय बताए गए हैं:

  1. पानी और ठंडी चीजों का सेवन: इन नौ दिनों में शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। पानी खूब पिएं। साथ ही नारियल पानी, छाछ, लस्सी और नींबू पानी का सेवन करें। खाने में दही और मक्खन को जरूर शामिल करें।

  2. मेहंदी लगाएं: पुरानी परंपराओं के अनुसार, नौतपा में महिलाएं अपने हाथों और पैरों में मेहंदी लगाती हैं। ऐसा सिर्फ शौक के लिए नहीं किया जाता, बल्कि मेहंदी की तासीर बहुत ठंडी होती है, जो शरीर के तापमान को कंट्रोल करने में मदद करती है।

  3. जल दान करें: गर्मी के इस मौसम में प्यासों को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य है। घर के बाहर राहगीरों के लिए मटके रखें और अपनी छत या बालकनी में पक्षियों के लिए पानी का बर्तन जरूर रखें।

  4. मांगलिक कार्यों से बचें: ज्योतिषियों का मानना है कि इस दौरान ग्रहों की स्थिति बहुत उग्र होती है और तेज आंधी-तूफान का खतरा रहता है, इसलिए शादी-ब्याह या लंबी यात्राओं से थोड़ा परहेज करना चाहिए।

  5. सूर्य देव की आराधना: सुबह जल्दी उठकर नहाने के बाद सूर्य देव को जल (अर्घ्य) जरूर दें। जल चढ़ाते समय ‘ॐ घृणि सूर्याय नम:’ या ‘ॐ सूर्यदेवाय नम:’ मंत्र का जाप करें। इससे मन शांत रहता है और स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है।

नौतपा से डरने या घबराने की कोई बात नहीं है। यह तो प्रकृति का एक ऐसा जरूरी चक्र है जो हमें अच्छी बारिश की उम्मीद देता है। बस जरूरत है तो थोड़ी सी सावधानी बरतने की। 25 मई से शुरू हो रहे इन 9 दिनों में बिना किसी जरूरी काम के तेज धूप में बाहर न निकलें, खूब पानी पिएं और अपना व अपने परिवार का ध्यान रखें।

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