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Join NowUttar Pradesh Government: उत्तर प्रदेश की राजनीति और शासन व्यवस्था में 25 मार्च का दिन एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रदेश की कमान संभाले हुए नौ साल पूरे हो चुके हैं और उनके दूसरे कार्यकाल के चार साल भी पूरे होने वाले हैं। इन नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने एक ऐसी परिवर्तनकारी यात्रा देखी है, जिसने ‘अंत्योदय’ यानी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान के संकल्प को हकीकत में बदल दिया है।
खास तौर पर गोरखपुर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में योगी सरकार के विजन ने दशकों से उपेक्षित समुदायों के जीवन में खुशहाली का नया सवेरा लाया है। आइए जानते हैं योगी सरकार की उन योजनाओं के बारे में जिन्होंने उत्तर प्रदेश का चेहरा बदल दिया।
मजदूरों के बच्चों के लिए ‘शिक्षा का मंदिर’: अटल आवासीय विद्यालय
योगी सरकार ने सबसे क्रांतिकारी कदम श्रमिकों के बच्चों के भविष्य को लेकर उठाया है। मुख्यमंत्री का मानना है कि गरीबी किसी की शिक्षा के आड़े नहीं आनी चाहिए। इसी सोच के साथ अटल आवासीय विद्यालय (Atal Awasiya Vidyalaya) की स्थापना की गई। गोरखपुर के सहजनवा में बने इस विद्यालय में उन श्रमिकों के बच्चे और कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चे पढ़ रहे हैं, जो कभी अच्छे स्कूल का सपना भी नहीं देख सकते थे।
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यह एक वर्ल्ड क्लास बोर्डिंग स्कूल है जहाँ रहना, खाना, पढ़ाई और खेल-कूद जैसी सभी सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त हैं। उप श्रम आयुक्त शक्ति सेन मौर्या के अनुसार, अब यहाँ चौथे शैक्षिक सत्र का संचालन होने जा रहा है। यह स्कूल उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत आता है, जो गरीब बच्चों को ‘अर्श से फर्श’ तक पहुँचाने का माध्यम बन रहा है।
सिर पर पक्की छत: प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना का जादू
एक गरीब परिवार के लिए सबसे बड़ा सपना अपना खुद का पक्का मकान होता है। योगी सरकार ने इस सपने को हकीकत बनाने के लिए मिशन मोड पर काम किया। गोरखपुर जिले के आंकड़े इसकी गवाही देते हैं:
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प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण): अब तक 61,528 से अधिक परिवारों को पक्के घर मिले हैं।
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मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण): 2,653 अति पिछड़े और गरीब ग्रामीणों को आवास की सुविधा दी गई है।
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शहरी आवास: 52,000 से अधिक शहरी गरीबों के सिर पर अब अपनी छत है।
ये घर सिर्फ ईंट-पत्थर के ढांचे नहीं हैं, बल्कि उन परिवारों के लिए सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक हैं।
बेटियों के हाथ पीले करने की जिम्मेदारी: सामूहिक विवाह योजना
बेटियों की शादी का खर्च किसी भी गरीब पिता के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने इस चिंता को दूर कर दिया है। गोरखपुर में अब तक करीब 12,000 बेटियों की शादी इस योजना के तहत संपन्न कराई जा चुकी है। अब सरकार ने इस योजना में प्रति विवाह दी जाने वाली राशि को बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया है, ताकि गरीब परिवारों को आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े।
वनटांगिया समुदाय: 70 साल का वनवास हुआ खत्म
योगी सरकार की सबसे बड़ी मानवीय सफलता वनटांगिया समुदाय (Vantangia Community) का मुख्यधारा में आना है। आजादी के सात दशकों बाद भी यह समुदाय राजस्व रिकॉर्ड में ‘नागरिक’ के तौर पर दर्ज नहीं था। मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने इन्हें राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाया। आज इन गांवों में पक्की सड़कें, बिजली, स्कूल और अस्पताल मौजूद हैं। जो लोग कभी जंगलों में गुमनाम थे, आज वे वोट डालते हैं और सरकार की हर योजना का लाभ उठाते हैं। योगी आदित्यनाथ के 9 साल केवल विकास कार्यों के लिए नहीं, बल्कि समाज के सबसे निचले वर्ग के प्रति संवेदनशीलता के लिए याद किए जाएंगे। बुनियादी ढांचे से लेकर व्यक्तिगत कल्याण तक, उत्तर प्रदेश आज एक ‘उत्तम प्रदेश’ बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। ‘अंत्योदय’ का जो सपना कभी कागजों पर था, आज वह यूपी की सड़कों और गरीब के चूल्हे तक पहुँच चुका है।










