Rajnath Singh : राजनाथ सिंह का वो भाषण जो हर शिक्षित भारतीय को झकझोर देगा

Published On: January 3, 2026
Follow Us
Rajnath Singh : राजनाथ सिंह का वो भाषण जो हर शिक्षित भारतीय को झकझोर देगा

Join WhatsApp

Join Now

Rajnath Singh : भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के शिक्षित वर्ग और आधुनिक शिक्षा प्रणाली को लेकर एक ऐसी गंभीर चेतावनी दी है, जिसने पूरे देश के बुद्धिजीवियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। शुक्रवार को दिल्ली में एक विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने ‘व्हाइट-कॉलर टेररिज्म’ (सफेदपोश आतंकवाद) जैसी नई और चिंताजनक प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनका यह बयान उस समय आया है जब समाज में शिक्षा के स्तर को केवल ‘डिग्री’ और ‘पैसों’ से तौला जा रहा है।

Microsoft और OpenAI का नया AI मॉडल, अब डेवलपर के हाथ में होगी असली ताकत

क्या है ‘व्हाइट-कॉलर टेररिज्म’? (The Shocking Truth)

राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज देश में एक ऐसी खतरनाक प्रवृत्ति उभर रही है, जहाँ समाज के अत्यंत शिक्षित और संभ्रांत लोग ही राष्ट्र और समाज के विरुद्ध काम कर रहे हैं। उन्होंने इसे ‘व्हाइट-कॉलर टेररिज्म’ का नाम दिया। यह वह आतंकवाद है जो सीमा पार से नहीं, बल्कि समाज के भीतर मौजूद उन लोगों से पनप रहा है जिनके पास बड़ी-बड़ी डिग्रियां तो हैं, लेकिन नैतिकता और राष्ट्रप्रेम का अभाव है।

UP PGT recruitment 2025: PGT एग्जाम फिर टला, लेकिन TGT का क्या होगा? कन्फ्यूजन दूर

RX लिखने वाले हाथों में RDX: दिल्ली कांड का खौफनाक जिक्र

अपने संबोधन के दौरान रक्षा मंत्री ने दिल्ली में हुए हालिया बम विस्फोट की घटना का जिक्र किया, जिसने सबको चौंका दिया था। उन्होंने कहा, “यह कितनी बड़ी विडंबना है कि बम विस्फोट करने वाला व्यक्ति कोई अनपढ़ अपराधी नहीं, बल्कि एक पेशेवर डॉक्टर था।”

READ ALSO  "‘फार्महाउस पर बुलाकर रोका…’ दबंग विलेन की बेटी का खुलासा, सलमान के बर्ताव पर बड़ा बयान!"

राजनाथ सिंह ने मार्मिक लहजे में कहा कि जिन डॉक्टरों के हाथों में पर्चे पर ‘RX’ (प्रिस्क्रिप्शन) लिखकर जान बचाने की जिम्मेदारी होती है, यदि उन्हीं के हाथों में ‘RDX’ (विस्फोटक) आ जाए, तो समाज का क्या होगा? उन्होंने चेतावनी दी कि धर्म और नैतिकता से विहीन शिक्षा समाज के लिए न केवल बेकार है, बल्कि कभी-कभी यह अत्यंत ‘घातक’ भी साबित हो सकती है।

संस्कार विहीन शिक्षा: एक खतरनाक हथियार

राजनाथ सिंह ने साफ किया कि जब वे ‘धर्म’ की बात करते हैं, तो उनका अर्थ किसी विशेष पूजा पद्धति या कर्मकांड से नहीं है। उनके लिए ‘धर्म’ का अर्थ है—अपने नागरिकों, समाज और राष्ट्र के प्रति मूलभूत उत्तरदायित्व (Responsibility) की भावना। उन्होंने कहा कि आज के युग में ज्ञान के साथ संस्कार और चरित्र का होना अनिवार्य है। बिना चरित्र के ज्ञान वैसा ही है जैसे बिना लगाम का घोड़ा, जो किसी का भी नुकसान कर सकता है।

AI और नई तकनीक: विकास या विनाश?

बदलते दौर का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी हमारे जीवन को बदल रही है, लेकिन हमें इसका सकारात्मक इस्तेमाल करना होगा। अगर आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बिना नैतिकता के किया गया, तो यह ‘व्हाइट-कॉलर टेररिज्म’ को और अधिक सशक्त बना सकता है। भारत को ‘नॉलेज इकोनॉमी’ (Knowledge Economy) के रूप में विकसित करने के लिए तकनीकी कौशल और मानवीय मूल्यों का संतुलन जरूरी है।

विश्व पटल पर उभरता भारत: 2030 का लक्ष्य

भारत की प्रगति का खाका खींचते हुए राजनाथ सिंह ने कुछ उत्साहजनक आंकड़े भी साझा किए:

  • ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स: 2014 में भारत 76वें स्थान पर था, जो 2024 में लंबी छलांग लगाकर 39वें स्थान पर पहुंच गया है।

  • अर्थव्यवस्था: भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की ओर अग्रसर है।

  • रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता: उन्होंने विश्वास जताया कि अगले 15-20 वर्षों में भारत हथियारों के मामले में पूरी तरह ‘आत्मनिर्भर’ बन जाएगा और उसे किसी दूसरे देश की ओर नहीं देखना पड़ेगा।

READ ALSO  Independence Day: देशवासियों को मिलेगी बड़ी राहत, अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों का ऐलान

राजनाथ सिंह का यह संदेश उन सभी युवाओं और शिक्षण संस्थानों के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ है, जो केवल डिग्री बांटने में विश्वास रखते हैं। राष्ट्र निर्माण के लिए केवल दिमाग तेज होना काफी नहीं है, बल्कि दिल में राष्ट्र के प्रति धड़कन और संस्कारों की मजबूती भी उतनी ही जरूरी है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now