Bharat Taxi : OLA-UBER की छुट्टी? , बिना कमीशन वाले ‘भारत टैक्सी’ ऐप ने मचाया गदर, 1.4 लाख ड्राइवरों ने बदला पाला

Published On: January 2, 2026
Follow Us
Bharat Taxi : OLA-UBER की छुट्टी? , बिना कमीशन वाले 'भारत टैक्सी' ऐप ने मचाया गदर, 1.4 लाख ड्राइवरों ने बदला पाला

Join WhatsApp

Join Now

Bharat Taxi : क्या आप भी ओला और उबर (Ola-Uber) के बढ़ते किराये और ऐन मौके पर राइड कैंसिल होने वाली समस्या से परेशान हैं? अगर हाँ, तो राजधानी दिल्ली से आपके लिए एक ऐसी खुशखबरी आई है जो पूरे देश के सफर करने के अंदाज़ को बदलने वाली है। केंद्र सरकार की पहल और सहकारिता मंत्रालय की देखरेख में शुरू हुई ‘भारत टैक्सी’ (Bharat Taxi) ने अपने शुरुआती (सॉफ्ट लॉन्च) चरण में ही तहलका मचा दिया है।

Bharat Taxi App : गडकरी के इस फैसले से जनता को बड़ी राहत, ड्राइवरों की होगी बंपर कमाई

अमित शाह का वो वादा, जो अब हकीकत है!
मार्च 2024 में गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने संसद में एक ऐसी टैक्सी सेवा का सपना दिखाया था जो किसी प्राइवेट कंपनी के मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि आम जनता और गरीब ड्राइवरों के फायदे के लिए होगी। आज 2026 की शुरुआत में ‘भारत टैक्सी’ एक बड़ा ब्रांड बनकर उभर रही है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका ‘जीरो कमीशन मॉडल’ है। यानी ड्राइवर जो कमाएगा, वो पूरा उसका होगा…

Ola : 8 साल की उम्र के बाद गाड़ियाँ होंगी रिटायर, जानें पूरा गणित

रिकॉर्ड तोड़ रिस्पॉन्स: पायलट प्रोजेक्ट में ही गाड़ दिए झंडे
दिल्ली में 2 दिसंबर 2024 को जब इसे एक परीक्षण (Pilot Project) के तौर पर उतारा गया था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि इसे इतना जबरदस्त रिस्पॉन्स मिलेगा। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, इस ऐप पर अब तक 1.4 लाख से ज्यादा ड्राइवर रजिस्टर हो चुके हैं।

इतना ही नहीं, रोजाना औसतन 5,500 से ज्यादा राइड्स बुक हो रही हैं। इसमें से बड़ी हिस्सेदारी (करीब 4,000 राइड्स) दिल्ली एयरपोर्ट की है, जहाँ यात्रियों को अक्सर मनमाना किराया देना पड़ता था। बाकी 1,500 राइड्स शहर के अन्य हिस्सों, जैसे मेट्रो स्टेशनों और मार्केट इलाकों से आ रही हैं।

READ ALSO  KKR vs RCB: पहले मैच में RCB ने दर्ज की जीत •

अमूल से लेकर नाबार्ड तक: इन 8 दिग्गजों का मिला साथ
यह कोई मामूली स्टार्टअप नहीं है। इसे चलाने के पीछे देश की 8 सबसे बड़ी सहकारी संस्थाओं की ताकत है—Amul, IFFCO, KRIBHCO, NAFED, NDDB, NCEL, NCDC और NABARD। इन संस्थाओं ने मिलकर ‘सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड’ बनाई है। बोर्ड में खुद ड्राइवरों के प्रतिनिधि बैठते हैं, जिससे उनकी आवाज़ सीधे सरकार तक पहुँचती है।

क्या ये ओला-उबर से सस्ती है?
यह सवाल हर यात्री के मन में है। ‘भारत टैक्सी’ का दावा है कि उनके दाम सबसे किफायती और पारदर्शी हैं। हालाँकि, पायलट प्रोजेक्ट के दौरान कुछ यूजर्स ने इसे प्राइवेट एप्स के बराबर या थोड़ा महंगा भी पाया, लेकिन इसके पीछे एक बड़ा कारण है। यहाँ ड्राइवरों को उनके हक का पूरा पैसा मिलता है, और भविष्य में जैसे-जैसे सिस्टम बढ़ेगा, सरकार मुनाफे का बड़ा हिस्सा यात्रियों को डिस्काउंट और ड्राइवरों को बोनस के रूप में देगी।

ऐप की दमदार सुविधाएं:

  • मल्टी-ऑप्शन: एक ही ऐप पर बाइक, ऑटो, एसी कैब, नॉन-एसी कैब और एक्स्ट्रा लार्ज (XL) कैब।

  • मेट्रो इंटीग्रेशन: अब आप ‘भारत ट्रांजिट’ के जरिए मेट्रो की जानकारी और फीडर सेवा भी ले सकते हैं।

  • पूरी सुरक्षा: दिल्ली पुलिस के साथ साझेदारी और रीयल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग।

  • मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट: ताकि भाषा कभी बाधा न बने।

कैसे डाउनलोड करें सही ‘Bharat Taxi’ ऐप?
गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर ‘भारत टैक्सी’ नाम से कई फर्जी ऐप मौजूद हैं। सही ऐप चुनने के लिए डेवलपर का नाम ‘सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड’ (Sahakar Taxi Cooperative Limited) जरूर चेक करें। बुकिंग की प्रक्रिया बेहद आसान है—अपना मोबाइल नंबर डालें, ओटीपी से वेरीफाई करें और आपकी सरकारी सवारी हाजिर है!

READ ALSO  Waqf Bill 2025: वक्फ संशोधन बिल पर अलीगढ़ में मुस्लिम समाज की प्रतिक्रिया


‘भारत टैक्सी’ का उद्देश्य किसी को पछाड़ना नहीं, बल्कि एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है जहाँ “मुनाफा किसी धन्नासेठ की जेब में नहीं, बल्कि ड्राइवर की मेहनत में झलके।” अगर आप दिल्ली में हैं, तो आज ही इस देसी और सरकारी कैब सेवा का आनंद लें। और अगर आप दिल्ली से बाहर हैं, तो बस थोड़ा इंतज़ार करिए, जनवरी 2026 के अंत तक भारत टैक्सी आपके शहर की सड़कों पर भी दौड़ने वाली है……

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now