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Join NowReliance Jio IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) की 48वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने उन करोड़ों निवेशकों का इंतजार खत्म कर दिया, जो सालों से रिलायंस जियो (Reliance Jio) के IPO का सपना देख रहे थे। एक ऐसे ऐलान में जिसने शेयर बाजार में भूचाल ला दिया है, मुकेश अंबानी ने पुष्टि की है कि जियो के IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर (DHRP) जल्द ही दाखिल किए जाएंगे और कंपनी की योजना साल 2026 की पहली छमाही में इसे लॉन्च करने की है।
यह खबर सिर्फ एक IPO की नहीं, बल्कि भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने की है। 50 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों के विशाल साम्राज्य वाली जियो जब बाजार में उतरेगी, तो यह निवेशकों के लिए एक अभूतपूर्व मौका होगा।
कितना बड़ा होगा Jio का IPO? आंकड़ों से समझिए
जियो आज सिर्फ एक टेलीकॉम कंपनी नहीं, बल्कि 5G, फिक्स्ड ब्रॉडबैंड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी भविष्य की टेक्नोलॉजी में भारी निवेश करने वाली एक टेक-जायंट है। एक अनुमान के मुताबिक, इस महा-आईपीओ के जरिए जियो की वैल्यूएशन 12 से 13 लाख करोड़ रुपये आंकी जा सकती है, जो इसे भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक बना देगा। इस IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल जियो अपने कारोबार को और आक्रामक तरीके से बढ़ाने और टेक्नोलॉजी में अपनी बढ़त को और मजबूत करने के लिए करेगी।
मुकेश अंबानी ने कहा, “जियो का IPO वैश्विक स्तर पर हमारे शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक करेगा।” कंपनी का प्रदर्शन भी इसकी मजबूती की गवाही देता है। वित्त वर्ष 2025 में जियो का रेवेन्यू ₹1.28 लाख करोड़ रहा, जो इसकी दमदार कमाई को दर्शाता है।
सिर्फ Jio ही नहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी तोड़े सारे रिकॉर्ड
AGM में मुकेश अंबानी ने बताया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए भी साल 2025 ऐतिहासिक रहा है। रिलायंस
125अरब(125बिलियनडॉलर)कीसालानाकमाई∗∗काआंकड़ापारकरनेवालीभारतकीपहलीकंपनीबनगईहै।कंपनीकाEBITDA(ब्याज,कर,मूल्यह्रासऔरपरिशोधनसेपहलेकीकमाई)∗∗₹1,83,422करोड़(
21.5 अरब) और शुद्ध मुनाफा ₹81,309 करोड़ ($9.5 अरब) रहा।
यही नहीं, रिलायंस भारत की सबसे बड़ी निर्यातक कंपनी भी बनी हुई है, जिसका कुल एक्सपोर्ट ₹2,83,719 करोड़ ($33.2 अरब) रहा, जो भारत के कुल वस्तु निर्यात का 7.6% है।
देश के खजाने में सबसे बड़ा योगदान देने वाली कंपनी
रिलायंस सिर्फ मुनाफा ही नहीं कमा रही, बल्कि देश के विकास में भी सबसे बड़ा योगदान दे रही है। कारोबारी साल 2025 में, रिलायंस ने ₹2,10,269 करोड़ ($24.6 अरब) का टैक्स चुकाया, जिससे वह देश की सबसे बड़ी टैक्सपेयर कंपनी बन गई है। पिछले 6 सालों में कंपनी ने राष्ट्रीय खजाने में ₹10 लाख करोड़ से ज्यादा का योगदान दिया है।
अब AI की दुनिया में अंबानी का बड़ा दांव: Google और Meta के साथ मिलकर बनेगी ‘Reliance Intelligence’
Jio IPO के साथ ही मुकेश अंबानी ने एक और धमाका किया, जो भविष्य की टेक्नोलॉजी पर उनके फोकस को दिखाता है। उन्होंने ऐलान किया कि रिलायंस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर काम करने के लिए एक नई सब्सिडियरी कंपनी बनाएगी, जिसका नाम होगा “रिलायंस इंटेलिजेंस” (Reliance Intelligence)।
सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बात यह है कि इस मिशन के लिए रिलायंस अमेरिकी टेक दिग्गजों गूगल (Google) और मेटा (Meta) के साथ पार्टनरशिप करेगी। यह कदम भारत के AI इकोसिस्टम में क्रांति ला सकता है और रिलायंस को इस क्षेत्र में एक ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित कर सकता है।