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Join NowYogi Adityanath Gorakhpur Visit: पूर्वी उत्तर प्रदेश, जिसे कभी पिछड़ेपन और पलायन के लिए जाना जाता था, आज डिजिटल क्रांति का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। वासंतिक नवरात्रि की पावन अष्टमी तिथि को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के युवाओं के लिए एक ऐसे ‘ब्रह्मास्त्र’ का उद्घाटन किया है, जो आने वाले समय में यहाँ की आर्थिक और तकनीकी सूरत बदल कर रख देगा। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) का यह नया केंद्र केवल एक इमारत नहीं, बल्कि पूर्वांचल के युवाओं के सपनों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला एक ‘लांचपैड’ है।
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युवाओं के सपनों को प्रधानमंत्री मोदी की ‘उड़ान’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरगामी सोच का ही परिणाम है कि आज गोरखपुर जैसे शहरों में वर्ल्ड क्लास सॉफ्टवेयर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा, “आज का दिन पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है। यहाँ के युवाओं के पास प्रतिभा की कमी नहीं है, बस उन्हें एक सही मंच की तलाश थी। प्रधानमंत्री जी ने ‘सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क’ के रूप में वह मंच अब उनके द्वार पर लाकर खड़ा कर दिया है।
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STPI: नवाचार और स्टार्टअप्स का नया ठिकाना
गोरखपुर का यह सॉफ्टवेयर पार्क उन युवाओं के लिए वरदान साबित होगा जो सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, कोडिंग और आईटी सेक्टर में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
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नवाचार (Innovation): जो युवा अपने नए आइडियाज पर काम करना चाहते हैं, STPI उन्हें तकनीकी सहायता और विश्वस्तरीय प्लेटफॉर्म देगा।
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सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट: यहाँ से सॉफ्टवेयर बनाकर दुनिया भर में एक्सपोर्ट किया जा सकेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर विदेशी मुद्रा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
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सॉफ्ट स्किल्स: युवाओं को आधुनिक समय की जरूरतों के हिसाब से प्रशिक्षित किया जाएगा।
“तकनीक से परहेज यानी दुर्गति का रास्ता” – सीएम योगी का कड़ा संदेश
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने तकनीक के महत्व पर एक बहुत ही गहरी और मार्मिक बात कही। उन्होंने आगाह करते हुए कहा, “आज के युग में टेक्नोलॉजी हमारी ‘गति’ को ‘प्रगति’ में बदल सकती है। लेकिन अगर हम तकनीक से परहेज करेंगे या उससे भागेंगे, तो हम ग्लोबल कंपटीशन (प्रतिस्पर्धा) से बाहर हो जाएंगे। और याद रखिये, प्रतिस्पर्धा से बाहर होने का मतलब है—गति से दुर्गति की ओर बढ़ना।”
योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि हमें ‘दुर्गति’ नहीं, बल्कि ‘प्रगति’ के मार्ग को चुनना है। उन्होंने डिजिटल इंडिया अभियान को गाँव-गाँव तक पहुँचाने और युवाओं को तकनीक के साथ तालमेल बिठाने का आह्वान किया।
अष्टमी का शुभ संयोग: एक नई शुरुआत का संकेत
गोरखपुर में इस पार्क का शुभारंभ नवरात्रि की अष्टमी तिथि को होना किसी शुभ संकेत से कम नहीं है। मुख्यमंत्री ने इसे एक नई शक्ति के उदय के रूप में देखा। उन्होंने बताया कि जिस तरह मां दुर्गा शक्ति का संचार करती हैं, उसी तरह यह टेक्नोलॉजी पार्क युवाओं के भीतर ‘बौद्धिक शक्ति’ का संचार करेगा। अब पूर्वांचल के युवाओं को सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और स्टार्टअप शुरू करने के लिए बेंगलुरु, पुणे या हैदराबाद जैसे महानगरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा।
निष्कर्ष: तकनीक के पंख लगाकर उड़ेगा गोरखपुर
गोरखपुर में STPI की स्थापना उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह केंद्र न केवल आईटी क्षेत्र में क्रांति लाएगा, बल्कि सेवा क्षेत्र (Service Sector) को भी मजबूती प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह विजन साफ है—उत्तर प्रदेश के युवाओं को ‘जॉब सीकर’ (नौकरी खोजने वाला) नहीं, बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ (नौकरी देने वाला) बनाना है।










