भ्रष्टाचार की कीमत जान देकर चुका रहे लोग: वेनेजुएला भूकंप त्रासदी के पीछे का कड़वा सच आया सामने

वेनेजुएला में आए हालिया विनाशकारी भूकंप की भीषण तबाही और ढही हुई इमारतों के मलबे से आ रही चीखों के पीछे एक बेहद कड़वा सच सामने आया है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और वैश्विक सूचकांकों के अनुसार, देश में फैले व्यापक भ्रष्टाचार और दशकों पुराने आर्थिक संकट ने इस प्राकृतिक आपदा को और अधिक भयावह और जानलेवा बना दिया है।

भ्रष्टाचार की स्थिति का आकलन करने वाली वैश्विक संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल (Transparency International) के भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक में वेनेजुएला दुनिया के कुल 182 देशों में से 180वें स्थान पर है। इस सूचकांक में देश का इतना कम स्कोर स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि वेनेजुएला के सार्वजनिक क्षेत्र (पब्लिक सेक्टर) में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहराई तक फैली हुई हैं।

दशकों का आर्थिक संकट और नियमों को ताक पर रखकर बनीं इमारतें

यूनाइटेड किंगडम (UK) की कोवेंट्री यूनिवर्सिटी (Coventry University) में नेचुरल हैजर्ड्स (प्राकृतिक खतरों) के एसोसिएट प्रोफेसर मैथ्यू ब्लैकेट (Matthew Blackett) ने वेनेजुएला की इस त्रासदी पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। प्रोफेसर ब्लैकेट के अनुसार, वेनेजुएला में दशकों से चले आ रहे गंभीर आर्थिक संकट और बड़े पैमाने पर फैले भ्रष्टाचार का सीधा असर वहां के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) पर पड़ा है।

उन्होंने बताया कि इस भ्रष्टाचार और आर्थिक बदहाली का मतलब है कि देश में कई महत्वपूर्ण इमारतों का रख-रखाव ठीक से नहीं किया गया होगा, या फिर उन्हें निर्माण नियमों (Safety regulations) को ताक पर रखकर बनाया गया होगा। भ्रष्टाचार के कारण सुरक्षा मानकों की अनदेखी करना भूकंप के समय इमारतों के ताश के पत्तों की तरह ढह जाने का सबसे बड़ा कारण बना है।

मौजूदा बिल्डिंग कोड मजबूत, लेकिन पुराने निर्माण में भारी खामियां

भवन निर्माण के नियमों को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि वेनेजुएला का वर्तमान भवन निर्माण संहिता (बिल्डिंग कोड) पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप और पूरी तरह अपडेटेड है। हालांकि, समस्या नई संहिताओं में नहीं, बल्कि अतीत में बने पुराने ढांचे में है।

विशेषज्ञों ने रेखांकित किया है कि 1950, 1960 और 1970 के दशक में, जब देश में ये बिल्डिंग कोड पूरी तरह से अपडेटेड नहीं थे और सुरक्षा के आधुनिक नियम लागू नहीं थे, उस दौरान भारी संख्या में इमारतों का निर्माण किया गया था। इन पुरानी इमारतों के निर्माण में कई तरह की ढांचागत खामियां (Structural flaws) मौजूद हैं, जिन्हें समय के साथ ठीक नहीं किया गया। आर्थिक तंगी और भ्रष्टाचार के चलते इन पुरानी इमारतों की सुरक्षा ऑडिट और मरम्मत की पूरी तरह अनदेखी की गई, जिससे भूकंप के तेज झटके आते ही ये इमारतें तुरंत जमींदोज हो गईं।

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