Gold Silver ETF Crash: सोना-चांदी बना ‘जहर’? 40% की भारी गिरावट ने मचाया कोहराम

Published On: March 18, 2026
Follow Us
Gold Silver ETF Crash: सोना-चांदी बना 'जहर'? 40% की भारी गिरावट ने मचाया कोहराम

Join WhatsApp

Join Now

Gold Silver ETF Crash: कुछ महीने पहले तक भारतीय बाजार में हर तरफ सिर्फ गोल्ड और सिल्वर (Gold-Silver) की ही चर्चा थी। क्या छोटा निवेशक, क्या बड़ा—हर कोई बस यही सलाह दे रहा था कि आने वाला समय कीमती धातुओं का है। एक्सपर्ट्स से लेकर आम लोगों तक, डिजिटल गोल्ड और चांदी खरीदने की होड़ मची थी। इस ‘गोल्ड रश’ का नतीजा यह हुआ कि लाखों निवेशकों ने अपने सुरक्षित फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और बढ़ते हुए शेयरों से पैसा निकालकर Gold and Silver ETFs में लगा दिया। लेकिन आज वही निवेशक खुद को एक गहरे जाल में फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं।

Gas supply crisis India: ईरान-इजरायल युद्ध की आग अब भारतीय रसोई तक •

उम्मीद थी ‘मुनाफे’ की, मिला 40% का ‘घाटा’
जनवरी के महीने में जिन लोगों ने इस उम्मीद में निवेश किया था कि ईरान-अमेरिका और मिडिल-ईस्ट के तनाव के बीच सोने के दाम आसमान छुएंगे, उन्हें तगड़ा झटका लगा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी से लेकर अब तक इन गोल्ड और सिल्वर ETFs में 40 फीसदी तक की भारी गिरावट देखी गई है। हैरानी की बात यह है कि आमतौर पर युद्ध जैसी स्थितियों में सोने के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार गणित बिल्कुल उल्टा बैठ गया।

Neal Katyal: कौन है वो भारतीय शेर जिसने अमेरिका में हिला दी ट्रंप की कुर्सी?

आखिर क्यों गिर रही है सोने-चांदी की चमक? (The Hidden Reasons)

  1. डॉलर की बढ़ती ताकत: अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक पुरानी कहावत है—जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना कमजोर पड़ता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण निवेशकों ने सोने के बजाय ‘डॉलर’ को सबसे सुरक्षित संपत्ति (Safe Haven) माना है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण गोल्ड-सिल्वर की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है।

  2. कच्चे तेल (Crude Oil) का खेल: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की आशंका से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं। इससे वैश्विक महंगाई का खतरा बढ़ गया है। महंगाई बढ़ने पर फेडरल रिजर्व (US Fed Reserve) द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हो गई है, जो सीधे तौर पर सोने की कीमतों को नीचे धकेल रहा है।

  3. ETF में भारी बिकवाली: जब कीमतों में गिरावट शुरू हुई, तो निवेशकों में डर (Panic) फैल गया। मुनाफावसूली और डर के कारण लोगों ने अपने गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ बेचने शुरू कर दिए। भारी बिकवाली के कारण ये ईटीएफ अब भारी डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहे हैं।

READ ALSO  Gold Rate Hike : सोने ने तोड़े सारे रिकॉर्ड! क्या सच में ₹1.50 लाख के पार पहुंचेगी कीमत? जानें एक्सपर्ट की चौंकाने वाली भविष्यवाणी

ETFs का बुरा हाल: रिकॉर्ड हाई से कितना टूटे?
अगर हम कुछ चुनिंदा ETFs के प्रदर्शन को देखें, तो स्थिति और भी डरावनी नजर आती है:

  • Nippon India Silver ETF: 29 जनवरी को जो 360 रुपये पर था, वह आज 40% गिरकर 235 रुपये के करीब आ गया है।

  • Nippon India Gold ETF: अपने रिकॉर्ड हाई 148 रुपये से 15% नीचे गिरकर 127 रुपये पर है।

  • Tata Silver & ICICI Silver ETF: इनमें भी 32% से 35% तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

MCX पर क्या है कीमतों का हाल?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी आंकड़े चौंकाने वाले हैं। चांदी जो कभी 4.20 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर थी, वह अब गिरकर 2.52 लाख रुपये के करीब आ गई है। यानी चांदी में 1.68 लाख रुपये की महा-गिरावट आई है। वहीं सोना भी अपने रिकॉर्ड हाई 1.93 लाख (10 ग्राम) से करीब 38 हजार रुपये सस्ता होकर 1.55 लाख रुपये के स्तर पर देखा जा रहा है। (नोट: ये कीमतें विशेष कॉन्ट्रैक्ट्स पर आधारित हो सकती हैं)।

अब आगे क्या? क्या निवेश करना चाहिए?
कमोडिटी एक्सपर्ट्स की मानें तो भविष्य अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था की चाल पर टिका है। अगर अमेरिका में मंदी (Recession) आती है, तभी गोल्ड-सिल्वर ETFs में फिर से रौनक लौटेगी। लेकिन अगर अमेरिकी इकोनॉमी मजबूत बनी रहती है, तो इन ईटीएफ के भाव और भी गिर सकते हैं। हालांकि, कुछ जानकारों का यह भी कहना है कि इस साल के अंत तक सोना-चांदी 15 से 20 फीसदी का रिटर्न दे सकते हैं, लेकिन इसके लिए निवेशकों को “धैर्य” की अग्निपरीक्षा देनी होगी।

READ ALSO  Share Market: बाजार में भूचाल! विदेशी निवेशकों ने 11 दिन में झटके ₹31,575 करोड़, लगातार बेच रहे भारतीय शेयर, आखिर क्यों?

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now